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Hema Panel Report: 'केरल सरकार ने रिपोर्ट में नामित लोगों को बचाने की कोशिश की', पूर्व केंद्रीय मंत्री का दावा

Thu, 29 Aug 2024 05:15 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 29 Aug 2024 05:15 PM IST
सार

Hema Panel Report: पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता वी. मुरलीधरन ने गुरुवार को केरल सरकार पर हेमा समीति की रिपोर्ट को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने समिति की रिपोर्ट में नामित लोगों को बचाने की कोशिश की है।

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Kerala govt tried to shield people named in Hema panel report: Ex-Union minister Muraleedharan
पूर्व केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन (फाइल तस्वीर) - फोटो : ANI

विस्तार

केरल में न्यायमूर्ति के हेमा समिति की रिपोर्ट पर समय पर कार्रवाई नहीं करने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन ने केरल सरकार की आलोचना की, जिसमें मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं के सामने आने वाले मुद्दों का अध्ययन किया गया है। उन्होंने पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाया कि वह कोलकाता के एक अस्पताल में प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बावजूद रिपोर्ट में नामित व्यक्तियों, जिनमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के विधायक भी शामिल हैं, को बचाने की कोशिश कर रही है।
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'सरकार का कर्तव्य है कि वह कार्रवाई करें'
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केरल एक ऐसा राज्य है, जहां महिलाओं को हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर माना जाता है। ऐसे राज्य के फिल्म उद्योग में अगर महिलाओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है, तो सरकार का कर्तव्य है कि वह कार्रवाई करें।
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हेमा समिति की रिपोर्ट से राज्य में मचा बवाल
बता दें कि 2017 में अभिनेत्री पर हमले के मामले के बाद केरल सरकार की तरफ से गठित न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट में मलयालम सिनेमा उद्योग में महिलाओं के उत्पीड़न और शोषण के मामलों का खुलासा किया गया है, जिससे दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों पर आधारित है। इसने मलयालम फिल्म उद्योग में हलचल मचा दी है और केरल सरकार को पहले कार्रवाई न करने के लिए आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
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बिना लिखित शिकायत के हो कार्रवाई- मुरलीधरन
मामले में भाजपा नेता वी. मुरलीधरन ने कहा, कानून यह निर्धारित करता है कि जब ऐसी कोई घटना होती है, जब कुछ सामने आता है, तो किसी को भी लिखित शिकायत दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं होती है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि जब भी ऐसा कोई संज्ञेय अपराध होता है, तो सरकार उसके संज्ञान में आने पर कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने कहा, जिन मंत्रियों को रिपोर्ट सौंपी गई थी, जिनमें गृह विभाग संभालने वाले मुख्यमंत्री भी शामिल हैं, उन्होंने रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद भी इस पर कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया, जिसमें ऐसे अत्याचारों के लिए जिम्मेदार लोगों के नाम शामिल हैं।


संस्कृति मंत्री के इस्तीफे की भी मांग
पूर्व मंत्री ने दावा किया कि राज्य सरकार ने रिपोर्ट पर समय रहते कार्रवाई नहीं की। वो उसमें नामित लोगों को बचाने की कोशिश की, जिसमें एक माकपा विधायक भी शामिल है। केरल के लोग सरकार के रुख से नाराज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रिपोर्ट पर कानून के मुताबिक कार्रवाई करने के बजाय पूरे मामले को दरकिनार करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने राज्य के संस्कृति मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की, आरोप लगाया कि उन्होंने रिपोर्ट को साढ़े चार साल तक दबाए रखा।


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