फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   kerala governor slam cpim mp john brittas for lecture in university amid model code of conduct

Kerala: 'कुछ लोग कानून तोड़ना अधिकार समझते हैं', यूनिवर्सिटी में माकपा नेता के व्याख्यान पर भड़के राज्यपाल

Sat, 20 Apr 2024 01:14 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 20 Apr 2024 01:14 PM IST
सार

राज्यपाल ने कहा कि 'चुनाव आयोग को इस पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। समस्या ये है कि कुछ लोग कानून तोड़ने को अपना अधिकार समझते हैं। कानून तोड़ते हैं और अपना एजेंडा चलाते हैं।' 

विज्ञापन
kerala governor slam cpim mp john brittas for lecture in university amid model code of conduct
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान - फोटो : एएनआई

विस्तार

सीपीआईएम नेता जॉन ब्रिटास द्वारा केरल यूनिवर्सिटी में लेक्चर देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने भी इस मुद्दे पर सीपीआईएम पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि कुछ लोग कानून तोड़ने को अपना अधिकार समझते हैं। राज्यपाल ने ये भी कहा कि वह इस मामले में यूनिवर्सिटी से स्पष्टीकरण की मांग करेंगे।
विज्ञापन


राज्यपाल बोले- चुनाव आयोग संज्ञान ले
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 'चुनाव आयोग को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। विश्वविद्यालय परिसर में चुनाव प्रचार पर पूरी तरह से प्रतिबंध होता है। ऐसे में अगर यूनिवर्सिटी प्रशासन इस प्रतिबंध को नजरअंदाज करता है और किसी को बैठक करने की अनुमति देता है तो मुझे स्पष्टीकरण मांगना होगा, लेकिन जहां तक मैं जानता हूं तो यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बैठक करने से इनकार किया था। अब चुनाव आयोग को इस पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। समस्या ये है कि कुछ लोग कानून तोड़ने को अपना अधिकार समझते हैं। कानून तोड़ते हैं और अपना एजेंडा चलाते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि ये सब बंद हो और समझ आए।'
विज्ञापन

 
क्या है मामला
सीपीआईएम नेता जॉन ब्रिटास ने हाल ही में केरल यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम को संबोधित किया। यह कार्यक्रम यूनिवर्सिटी के कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित किया गया था। इसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना जा रहा है। चुनाव आचार संहिता के नियमों के मुताबिक सरकारी संस्थानों में चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकता। वहीं कार्यक्रम का आयोजन करने वाले संघ का कहना है कि यह मासिक कार्यक्रम है और यह सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं है। वहीं मामला बढ़ने के बाद चुनाव नोडल अधिकारी ने कार्यक्रम के आयोजकों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में नोडल अधिकारी ने जवाब मांगा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed