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पलटवार: 'सलाह लेने के लिए तैयार, दबाव के लिए नहीं'; आरिफ मोहम्मद ने विजयन सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

Wed, 06 Dec 2023 03:15 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 06 Dec 2023 03:15 PM IST
सार

यह पूछे जाने पर कि क्या वह नियुक्तियों के संबंध में सरकार से सलाह लेंगे? खान ने कहा कि मैं उनसे सलाह लेने के लिए तैयार हूं, लेकिन मैं उनके दबाव के लिए तैयार नहीं हूं।

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Kerala Governor Arif Mohammed Khan Says Open to advice from state govt, not pressure
आरिफ मोहम्मद खान - फोटो : PTI

विस्तार

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और विजयन सरकार के बीच लंबे समय से खींचतान जारी है। कन्नूर विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति के मामले और लंबित विधेयकों पर सहमति के मुद्दे पर हाल ही में यह तनाव सामने आया था। वहीं अब आरिफ मोहम्मद खान ने कहा है कि वे राज्य सरकार से सलाह के लिए हर वक्त उपलब्ध हैं, लेकिन उनके दबाव के लिए नहीं। उनका यह बयान तब आया है जब कन्नूर विश्वविद्यालय के कुलपति के लिए गोपीनाथ रवींद्रन की दोबारा नियुक्ति के संबंध में खान ने सरकार पर दबाव डालने के आरोप लगाए हैं।  
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एजी ने दी थी कानूनी राय...
राज्यपाल ने कहा कि वह सरकारी दबाव के आगे सिर्फ इसलिए झुके क्योंकि राज्य के सर्वोच्च कानून अधिकारी महाधिवक्ता (एजी) ने पुनर्नियुक्ति के पक्ष में अपनी कानूनी राय दी थी। उन्होंने आगे कहा कि मैंने पूरे मीडिया के सामने कहा है कि मैंने जो किया वह गलत था। लेकिन, मैं उस दबाव के आगे झुक गया क्योंकि एजी ने कानूनी राय दी थी। अन्यथा, मैं राजनीतिक दबाव का विरोध करता। उन्होंने दावा किया कि पुनर्नियुक्ति पर सहमति जताते हुए उन्होंने कहा था कि एजी की राय अवैध थी और यही बात उन्होंने फाइल पर भी लिखी थी। 
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सरकारी दवाब के लिए नहीं तैयार हूं- आरिफ मोहम्मद खान
इस दौरान राज्य के विश्वविद्यालयों में रिक्त वीसी पदों के बारे में कहा कि कुलाधिपति के रूप में उन्होंने शीर्ष अदालत का फैसला आते ही उन पदों को भरने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार री वजह से ये पद इतने समय से खाली थे। इस दौरान यह पूछे जाने पर कि क्या वह नियुक्तियों के संबंध में सरकार से सलाह लेंगे? खान ने कहा कि मैं उनसे सलाह लेने के लिए तैयार हूं, लेकिन मैं उनके दबाव के लिए तैयार नहीं हूं।
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मेरे पास शिक्षा मंत्री नहीं बल्कि...
इससे पहले, कुलपति के रूप में पुनर्नियुक्ति रद्द किए जाने पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा था, 'मेरे कार्यालय में शिक्षा मंत्री नहीं आए थे। बल्कि एक ओएसडी और एक व्यक्ति, जो खुद को मुख्यमंत्री का कानूनी सलाहकार बताता है, वो कुलाधिपति के रूप में शिक्षा मंत्री का एक पत्र लाए, जिसमें प्रस्ताव दिया गया था कि गोपीनाथ को दोबारा नियुक्त किया जाए। इस पर मैंने कहा था कि आप जो करने के लिए कह रहे हैं वो गलत है। कानून के खिलाफ है। बाद में मैंने सीएम को पत्र लिखकर बताया था कि जो वो मुझे करने के लिए कह रहे हैं वो गलत है।'

मैंने इस्तीफा देने की बात भी कही
उन्होंने आगे कहा, 'मैंने यहां तक कहा था कि मैं चांसलर के रूप में काम नहीं करना चाहता। अपने पद से इस्तीफा देना चाहता हूं क्योंकि सीएम फिर मुझसे कुछ गैरकानूनी करने को कहेंगे।'

यह है मामला
मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने रवींद्रन को पद पर दोबारा नियुक्त करने के कुलाधिपति और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के आदेश में गलती पाई। इसने पुनर्नियुक्ति को बरकरार रखने वाले केरल उच्च न्यायालय की एकल और खंडपीठ के फैसले को रद्द कर दिया। 

पीठ ने, जिसमें न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे, कहा कि राज्यपाल किसी राज्य में विश्वविद्यालयों का पदेन कुलाधिपति होता है और कुलाधिपति के रूप में सभी विश्वविद्यालय मामलों पर निर्णय लेने में मंत्रिपरिषद से स्वतंत्र रूप से कार्य करता है। हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि हालांकि प्रतिवादी संख्या 4 (रवींद्रन) को कुलपति के पद पर फिर से नियुक्त करने की अधिसूचना कुलाधिपति (राज्यपाल) द्वारा जारी की गई थी, फिर भी पुनर्नियुक्ति का निर्णय बाहरी विचारों से प्रभावित था या कहें तो दूसरे शब्दों में, राज्य सरकार का अनुचित हस्तक्षेप इसमें शामिल था। 

 
बता दें कि शीर्ष अदालत ने कहा कि 23 फरवरी, 2022 को उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय और पारित आदेश को रद्द कर दिया गया है और इसके परिणामस्वरूप, 23 नवंबर, 2021 की अधिसूचना, प्रतिवादी संख्या 4 (रवींद्रन) को कन्नूर विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में फिर से नियुक्त किया जाता है। फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति पारदीवाला ने कहा कि शीर्ष अदालत ने कई सवालों का समाधान किया, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या कार्यकाल तय होने पर पुनर्नियुक्ति की अनुमति है।
 
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