फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Kerala Government unconditional apology before the Kerala HC for not Timely recovery of damages from PFI

Kerala: PFI से नुकसान की वसूली में हुई थी देरी, हाईकोर्ट की फटकार के बाद राज्य सरकार ने मांगी माफी

Fri, 23 Dec 2022 02:44 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 23 Dec 2022 02:44 PM IST
सार

केरल सरकार ने प्रतिबंधित पीएफआई और उसके सचिव से नुकसान की वसूली के निर्देश का पालन नहीं करने के लिए केरल उच्च न्यायालय के समक्ष बिना शर्त माफी मांगी।

विज्ञापन
Kerala Government  unconditional apology before the Kerala HC for not Timely recovery of damages from PFI
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन - फोटो : PTI

विस्तार

केरल सरकार ने प्रतिबंधित पीएफआई और उसके सचिव से नुकसान की वसूली के निर्देश का पालन नहीं करने के लिए केरल उच्च न्यायालय के समक्ष बिना शर्त माफी मांगी। सरकार ने अदालत को सूचित किया कि वह 15 जनवरी से पहले पंजीकरण विभाग द्वारा पाई गई वस्तुओं को जब्त कर लेगी। बता दें कि इससे पहले  PFI से वसूली की देरी होने पर हाईकोर्ट ने केरल सरकार को फटकार लगाई थी।

विज्ञापन


गौरतलब है कि अदालत ने 30 सितंबर को पीएफआई को दो हफ्ते के भीतर कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) को हुए नुकसान के एवज में 5.20 करोड़ देने का निर्देश दिया था। अदालत ने इसके साथ ही आदेश दिया था कि अवैध हड़ताल के संबंध में राज्यभर में दर्ज मामलों में पीएफआई के राज्य सचिव अब्दुल सत्तार को आरोपी बनाया जाए।
विज्ञापन


जस्टिस एके जयशंकरन नांबियार और जस्टिस मोहम्मद नियास की खंडपीठ ने वसूली में सरकार द्वारा उठाए गए अब तक के कदमों पर विचार किया। अदालत ने कहा, पूर्व के आदेश में हमने  राजस्व वसूली अधिनियम के प्रावधानों को लागू करके संपत्ति/संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत ने कहा, 5.20 करोड़ रुपये की राशि की वसूली के लिए संगठन के साथ साथ सचिव सहित पदाधिकारियों की व्यक्तिगत संपत्ति के मामले में हमने पाया है कि उक्त निर्देशों के अनुपालन में राज्य सरकार द्वारा कुछ भी ठोस नहीं किया गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि वह राज्य सरकार इस तरह के कठोर रवैये को स्वीकार नहीं कर सकती है। जब इस अदालत के निर्देशों को लागू करने का आह्वान किया जाता है, विशेष रूप से जनहित और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में हम अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देश देते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed