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केरल : सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- उसके राज्य में रहने वाले किसी भी रोहिंग्या शरणार्थी का आईएसआई से कोई संबंध नहीं
Tue, 23 Nov 2021 12:04 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 23 Nov 2021 12:04 AM IST
सार
केरल सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर दस्तावेज में कहा गया है कि केरल में तटीय क्षेत्रों की एक विस्तृत श्रृंखला है फिर भी केरल में कोई सीमा पार से खतरे की धारणा मौजूद नहीं है। संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को समुद्री मार्ग से अवैध प्रवासियों के दाखिल होने पर कड़ी नजर रखने के साथ-साथ सख्त रहने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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Kerala CM P Vijayan
- फोटो : ANI
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विस्तार
केरल सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केरल राज्य में रहने वाले रोहिंग्या शरणार्थी का इस्लामिक स्टेट (आईएसआई) से कोई संबंध नहीं पाया गया है। केरल सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि केरल में कोई सीमा पार खतरे की धारणा मौजूद नहीं है। हमारी सरकार उन विदेशियों का पता लगाने के लिए ठोस कदम उठा रही है जिन्होंने जाली यात्रा दस्तावेजों का इस्तेमाल करके भारत में चुपके से प्रवेश किया।
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केरल सरकार द्वारा कोर्ट में दायर दस्तावेज में कहा गया है कि केरल में तटीय क्षेत्रों की एक विस्तृत श्रृंखला है फिर भी केरल में कोई सीमा पार से खतरे की धारणा मौजूद नहीं है। संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को समुद्री मार्ग से अवैध प्रवासियों के दाखिल होने पर कड़ी नजर रखने के साथ-साथ सख्त रहने के भी निर्देश दिए गए हैं। केरल सरकार के दस्तावेज में कहा गया है कि तटीय पुलिस और तटरक्षक बल इस काम में प्रभावी सहयोग कर रहे हैं।
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केरल सरकार ने ने अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका पर दस्तावेज दाखिल करते हुए कहा कि अभी तक सूबे में रोहिंग्या शरणार्थियों के आईएसआई या इससे जुड़े होने का कोई मामला सामने नहीं आया है।
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सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में केंद्र और राज्य सरकारों को एक साल के भीतर बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं सहित सभी अवैध प्रवासियों और घुसपैठियों की पहचान करने, उन्हें हिरासत में लेने और निर्वासित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
केरल राज्य में पिछले पांच वर्षों में अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम 1956 के तहत अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों या रोहिंग्याओं के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
इसमें कहा गया है कि पिछले पांच वर्षों में गिरफ्तार किए गए 70 बांग्लादेशी नागरिकों में से 57 को बांग्लादेश भेजा जा चुका है जबकि बाकी 13 के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अभी जारी है। केरल सरकार ने कहा कि अधिकारियों को उत्तर भारतीय होने की आड़ में राज्य में दाखिल करने वाले अवैध प्रवासियों की घुसपैठ को रोकने के निर्देश दिए गए हैं।