केरल में एक साल तक लागू रहेंगे कोरोना से बचाव के दिशानिर्देश, ऐसा करने वाला पहला राज्य
कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए केरल सरकार ने फैसला किया है कि राज्य के लोगों को कोरोना से बचाव के दिशानिर्देशों का एक साल तक पालन करना होगा। रविवार को राज्य सरकार ने कहा कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से बचाव के लिए लाए गए सुरक्षा नियम एक साल तक लागू रहेंगे। लोगों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना और मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केरल में ये दिशानिर्देश 31 जुलाई 2021 तक जारी रहेंगे। ऐसा करने वाला केरल देश का पहला राज्य बन गया है। इसके दौरान किसी भी प्रकार की सामाजिक सभा, प्रदर्शन, जुलूस समेत किसी भी भीड़ जुटाने वाले कार्यक्रम बिना संबंधित अधिकारी की लिखित अनुमति के आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। अनुमति मिलने पर भी ऐसे कार्यक्रमों में 10 से ज्यादा लोगों को शामिल होने की इजाजत नहीं होगी।
दिशानिर्देशों के मुताबिक अब लोगों को अगले साल 31 जुलाई तक कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करना होगा। इसमें सभी स्थानों पर मास्क पहनना और छह फुट की सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार के आदेश के अनुसार इस दौरान विवाह कार्यक्रमों में जहां 50 लोगों को शामिल होने की अनुमति होगी, वहीं अंतिम संस्कार में 20 लोगों के शामिल होने को इजाजत दी गई है।
रविवार को मिले 225 मामले, कुल संख्या 5000 के पार
रविवार को केरल में कोरोना वायरस संक्रमण के 225 नए मामले सामने आए हैं। इनमें राज्य में सेना की एक इकाई के सात जवान भी शामिल हैं। अब, राज्य में संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 5,429 हो गई है। जो नए मामले सामने आए हैं, उनमें से 117 मामले विदेशों से लौटे लोगों के हैं, 57 मामले अन्य राज्यों से लौटे लोगों के हैं, वहीं 38 मामले संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों के हैं।
सक्रिय ज्वालामुखी पर बैठा है तिरुवनंतपुरम : मंत्री
वहीं, राज्य के पर्यटन मंत्री के. सुरेंद्रन ने रविवार को कहा कि कोविड—19 के बढ़ते मामलों के साथ तिरूवनंतपुरम जिला ‘सक्रिय ज्वालामुखी पर बैठा है’ और इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि संक्रमण का सामुदायिक प्रसार नहीं होगा। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए और अधिक एंटीजन जांच कराने का निर्णय किया है।
मंत्री ने कहा, ‘ऐसा है कि हमलोग एक सक्रिय ज्वालामुखी के ऊपर बैठे हैं और इसमें किसी भी वक्त विस्फोट हो सकता है। अभी तक इस वायरस के संक्रमण का सामुदायिक प्रसार नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि ऐसा नहीं होगा।’ सुरेंद्रन ने कहा कि निषिद्ध क्षेत्र में प्रतिबंधों को और सख्त किया जाएगा और खाद्य सामग्री की आपूर्ति कराने वाले लड़कों की जांच कराई जाएगी।
बता दें कि हाल ही में खाद्य सामग्री की आपूर्ति कराने वाले एक लड़के और एक पुलिसकर्मी में संक्रमण की पुष्टि हुई थी । इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्वास्थ्य प्रोटोकॉल लाना पड़ा है। तिरुवनंतपुरम में कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या अभी 109 है जबकि 25 जून को यह संख्या 77 थी । जिले में 13,513 लोगों को निगरानी में रखा गया है।