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Supreme Court: एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची केरल सरकार, निकाय चुनाव तक रोकने की मांग
Tue, 18 Nov 2025 11:54 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 18 Nov 2025 11:54 AM IST
सार
केरल सरकार का तर्क है कि केरल पंचायत राज कानून संवैधानिक प्रक्रिया है और इस अहम प्रक्रिया के दौरान एसआईआर कराना, प्रशासनिक गतिरोध पैदा हो सकता है।
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल तस्वीर)
- फोटो : ANI
विस्तार
केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) को चुनौती दी है। केरल में एसआईआर प्रक्रिया शुरू हो गई है। अपनी याचिका में केरल सरकार ने एसआईआर प्रक्रिया को राज्य में चल रही स्थानीय स्वशासन संस्थाओं (एलएसजीआई) की चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक रोकने की मांग की है।
केरल सरकार ने याचिका में क्या तर्क दिया
केरल सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर अपनी रिट याचिका में तर्क दिया है कि स्थानीय निकाय चुनावों के साथ-साथ एसआईआर कराने से गंभीर प्रशासनिक जटिलताएं पैदा होंगी और चुनावों के सुचारू संचालन में बाधा उत्पन्न हो सकती है। याचिका में कहा गया है कि केरल में 1200 स्वशासी संस्थाएं हैं, जिनमें 941 ग्राम पंचायत, 152 ब्लॉक पंचायत, 14 जिला पंचायत, 87 नगर निगम और 6 कॉरपोरेशन शामिल हैं, जिनमें 23,612 वार्ड शामिल हैं।
केरल में ये स्थानीय निकाय चुनाव दो चरणों में 9 दिसंबर और 11 दिसंबर को कराए जाएंगे, जबकि राज्य में 4 नवंबर से एसआईआर प्रक्रिया शुरू हो गई है और 4 दिसंबर को ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा। केरल सरकार का तर्क है कि केरल पंचायत राज कानून संवैधानिक प्रक्रिया है और इस अहम प्रक्रिया के दौरान एसआईआर कराना, प्रशासनिक गतिरोध पैदा हो सकता है। केरल सरकार ने बताया कि निकाय चुनाव में 1,76,000 कर्मचारियों की जरूरत है। इनके अलावा 68 हजार सुरक्षाकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी। वहीं एसआईआर कराने के लिए अतिरिक्त 25,668 कर्मियों की जरूरत होगी। ऐसे में राज्य प्रशासन को रोजमर्रा के कामकाज और प्रशासन पर भारी दबाव पड़ेगा और कई काम रुक सकते हैं। ऐसे में राज्य के मुख्य सचिव ने चुनाव आयोग को 5 नवंबर को पत्र लिखकर एसआईआर प्रक्रिया टालने की मांग की थी, लेकिन चुनाव आयोग की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।
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ये भी पढ़ें- दिल्ली ब्लास्ट में एक और नया खुलासा: नेपाल और यूपी के इस जिले खरीदे गए थे 17 सिम... नौ दिन तक कहां था डॉ. उमर?
'संविधान में निकाय चुनाव समय पर कराने की बाध्यता'
केरल सरकार का कहना है कि संविधान के अनुसार, तय समय पर स्थानीय निकाय चुनाव कराना जरूरी है, लेकिन संविधान में एसआईआर के लिए कोई बाध्यता नहीं है। गौरतलब है कि बीते हफ्ते केरल सरकार ने एसआईआर टालने के लिए केरल हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया था। एक दिन पहले ही इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुनाव आयोग के केरल में एसआईआर कराने के नोटिफिकेशन को चुनौती दी है।
केरल में 96 प्रतिशत गणना पत्र बंटे
केरल सरकार के एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने पर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन खेलकर ने कहा कि राज्य में एसआईआर के तहत 96 प्रतिशत गणना पत्र आवंटित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में एसआईआर प्रक्रिया प्रभावशाली तरीके से आगे बढ़ रही है।
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केरल सरकार ने याचिका में क्या तर्क दिया
केरल सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर अपनी रिट याचिका में तर्क दिया है कि स्थानीय निकाय चुनावों के साथ-साथ एसआईआर कराने से गंभीर प्रशासनिक जटिलताएं पैदा होंगी और चुनावों के सुचारू संचालन में बाधा उत्पन्न हो सकती है। याचिका में कहा गया है कि केरल में 1200 स्वशासी संस्थाएं हैं, जिनमें 941 ग्राम पंचायत, 152 ब्लॉक पंचायत, 14 जिला पंचायत, 87 नगर निगम और 6 कॉरपोरेशन शामिल हैं, जिनमें 23,612 वार्ड शामिल हैं।
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केरल में ये स्थानीय निकाय चुनाव दो चरणों में 9 दिसंबर और 11 दिसंबर को कराए जाएंगे, जबकि राज्य में 4 नवंबर से एसआईआर प्रक्रिया शुरू हो गई है और 4 दिसंबर को ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा। केरल सरकार का तर्क है कि केरल पंचायत राज कानून संवैधानिक प्रक्रिया है और इस अहम प्रक्रिया के दौरान एसआईआर कराना, प्रशासनिक गतिरोध पैदा हो सकता है। केरल सरकार ने बताया कि निकाय चुनाव में 1,76,000 कर्मचारियों की जरूरत है। इनके अलावा 68 हजार सुरक्षाकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी। वहीं एसआईआर कराने के लिए अतिरिक्त 25,668 कर्मियों की जरूरत होगी। ऐसे में राज्य प्रशासन को रोजमर्रा के कामकाज और प्रशासन पर भारी दबाव पड़ेगा और कई काम रुक सकते हैं। ऐसे में राज्य के मुख्य सचिव ने चुनाव आयोग को 5 नवंबर को पत्र लिखकर एसआईआर प्रक्रिया टालने की मांग की थी, लेकिन चुनाव आयोग की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।
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'संविधान में निकाय चुनाव समय पर कराने की बाध्यता'
केरल सरकार का कहना है कि संविधान के अनुसार, तय समय पर स्थानीय निकाय चुनाव कराना जरूरी है, लेकिन संविधान में एसआईआर के लिए कोई बाध्यता नहीं है। गौरतलब है कि बीते हफ्ते केरल सरकार ने एसआईआर टालने के लिए केरल हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया था। एक दिन पहले ही इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुनाव आयोग के केरल में एसआईआर कराने के नोटिफिकेशन को चुनौती दी है।
केरल में 96 प्रतिशत गणना पत्र बंटे
केरल सरकार के एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने पर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन खेलकर ने कहा कि राज्य में एसआईआर के तहत 96 प्रतिशत गणना पत्र आवंटित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में एसआईआर प्रक्रिया प्रभावशाली तरीके से आगे बढ़ रही है।
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