Kerala: बजट के खिलाफ केरल की सड़कों पर घमासान! पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर छोड़े आंसू गैस के गोले
कोच्चि में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके अलावा पुलिस ने पानी की बौछारों से भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने की कोशिश की।
विस्तार
केरल में बजट के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को उग्र हो गया। कोच्चि में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके अलावा पुलिस ने पानी की बौछारों से भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने की कोशिश की। बता दें कि केरल की लेफ्ट सरकार ने हाल ही में पेश किए बजट में पेट्रोल डीजल और शराब पर सेस लगाने का प्रस्ताव रखा है। जिसके खिलाफ केरल कांग्रेस प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन कर रही है। सोमवार को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश विधानसभा तक मार्च किया। यह मार्च भी हिंसक हो गया था।
मंगलवार को फिर से कांग्रेस कार्यकर्ता सरकार के बजट प्रस्ताव के खिलाफ सड़कों पर उतरे। कोच्चि में इसका असर ज्यादा देखने को मिला, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इसके अलावा प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार भी की गई।
सोमवार को सदन में भी कांग्रेस ने सरकार के बजट प्रस्ताव का विरोध किया और प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में बैनर लहराए और सरकार से पेट्रोल डीजल पर सेस लगाने के फैसले को वापस लेने की मांग की। कांग्रेस के तीन विधायकों मैथ्यू कुजालंदन, शफी परमबिल और सीआर महेश के साथ ही इंडियन यूनियन मुस्लिम विधायक नजीब कांतापुरम ने सरकार से फैसला वापस ना लेने तक अनिश्चितकालीन 'सत्याग्रह' करने का एलान किया है।
#WATCH | Kerala: Congress workers protest in Kochi against the State Budget. Police use water cannon to disperse them. pic.twitter.com/eQ9XkxNMPq
— ANI (@ANI) February 7, 2023
पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ा
पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर फ्यूल सेस लगाने के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कमेटियों के तत्वावधान में 13 जिलों की कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला। तिरुवनंतपुरम में प्रशासनिक केंद्र सचिवालय तक मार्च निकाला गया। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए। एर्नाकुलम, त्रिशूर और कोट्टायम में बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को पानी की बौछारों का इस्तेमाल करना पड़ा। कोल्लम जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ दिया।
पुलिस पर किया गया पथराव
मामूली हाथापाई के दौरान कई जगहों पर आंदोलनकारियों ने कथित तौर पर पुलिस पर पथराव किया और प्लास्टिक की पानी की बोतलें फेंकी। राजधानी में मार्च का उद्घाटन करने वाले विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने सरकार के इस तर्क को खारिज कर दिया कि सेस राज्य में कमजोर वर्गों के मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन के निर्बाध वितरण को सुनिश्चित करने के लिए लगाया जाता है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, पेंशन और वेतन देना सरकार की जिम्मेदारी है। इसके लिए आम लोगों पर बोझ नहीं डाला जा सकता। यह आम लोगों के साथ लूट के अलावा कुछ नहीं है।
हालांकि केरल के वित्त मंत्री केएन बालगोपाल ने बजट में पेट्रोल, डीजल और शराब पर सेस लगाने के फैसले का बचाव किया है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि सरकार की इस फैसले को वापस लेने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व की ओमान चांडी सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान डीजल पर सात बार और पेट्रोल पर 17 बार टैक्स बढ़ाया था। जिन्हें लेफ्ट की पिनाराई विजयन सरकार ने कम किया।