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Kerala: सीएम विजयन ने रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे भारतीय युवकों की वापसी के लिए मांगी मदद, केंद्र को लिखा पत्र
Sat, 23 Mar 2024 06:39 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Sat, 23 Mar 2024 06:39 AM IST
सार
केरल के तीन युवक युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे हुए हैं, उन्हें रूसी सेना में आकर्षक नौकरी का लालच दिया गया और फिर कथित तौर पर वहां चल रहे संघर्ष में लड़ने के लिए मजबूर किया गया।
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पिनरई विजयन
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विस्तार
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गुरुवार को रूसी सेना में जबरन शामिल किए गए भारतीय नागरिकों को देश में वापस लाने के लिए केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखा, जिसमें उनसे यूक्रेन में फंसे तीन केरलवासियों - टीनू, प्रिंस और विनीत सहित कई भारतीयों को वापस लाने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया।
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राज्य के तीन युवक युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे हुए हैं, उन्हें रूसी सेना में आकर्षक नौकरी का लालच दिया गया और फिर कथित तौर पर वहां चल रहे संघर्ष में लड़ने के लिए मजबूर किया गया। सीएम ने आगे कहा कि अंचुथेंगु के युवाओं को सुरक्षाकर्मियों की नौकरी के लिए 23 जनवरी को रूस ले जाया गया था, जिसके लिए एक एजेंट को सात लाख रुपये की राशि का भुगतान किया गया था।
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रूसी सेना के लिए लड़ने के लिए किया मजबूर
सीएम विजयन ने कहा, 'बेईमान एजेंट ने उन्हें धोखा दिया और उन्हें रूसी सैन्य बल में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया।' तीनों लोगों के परिजनों के अनुसार, उन्हें 2.5 लाख रुपये के भारी वेतन का वादा करके एक भर्ती एजेंसी रूस ले गई और वहां पहुंचने पर उनके पासपोर्ट और मोबाइल फोन छीन लिए गए। उन्होंने आरोप लगाया था कि इसके बाद उन्हें यूक्रेन में रूसी सेना के लिए लड़ने के लिए मजबूर किया गया।
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पत्र में विजयन ने कहा कि प्रिंस एक मुठभेड़ में बुरी तरह घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि टीनू और विनीत कहीं और तैनात हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला क्रमश: 16 और 19 मार्च को मॉस्को में भारत के राजदूत और केंद्रीय मंत्रालय के संयुक्त सचिव के समक्ष उठाया गया था। लेकिन अभी तक दोनों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
प्रतिक्रिया में बोले केंद्रीय मंत्री मुरलीधरन
यूक्रेन में तीन लोगों के फंसे होने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने गुरुवार को कहा था कि भारत सरकार इस मामले से अवगत है और जो भारतीय वापस आना चाहते हैं. उनकी वापसी की व्यवस्था करने के लिए रूस के साथ बातचीत कर रही है। मुरलीधरन ने यह भी कहा था कि जो लोग रूस गए उनमें से कई ने उचित या आधिकारिक माध्यम से ऐसा नहीं किया और उन्हें फर्जी भर्ती एजेंसियों द्वारा वहां ले जाया गया।