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केरल के मुख्यमंत्री ने सीएए को लेकर 11 सीएम को लिखा पत्र

Fri, 03 Jan 2020 09:29 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: देव कश्यप Updated Fri, 03 Jan 2020 09:29 PM IST
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Kerala Chief Minister Pinarayi Vijayan writes letter to 11 Chief Ministers regarding CAA
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राज्य विधानसभा में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ एक प्रस्ताव पास कर सीएए को वापस लेने की मांग की थी। इसके बाद विजयन ने धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र की रक्षा को लेकर शुक्रवार को 11 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है।

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ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल सहित 11 मुख्यमंत्रियों को लिखे एक पत्र में विजयन ने कहा कि हमारे समाज के एक बड़े वर्ग के बीच नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर आशंकाएं पैदा हो गई हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता के हमारे मूल्यों की रक्षा और संरक्षण के इच्छकु सभी भारतीयों को एकजुट होना चाहिए, यह समय की मांग है।
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हिंदू और मुसलमानों में दरार पैदा करने की कोशिश

वहीं माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि सीएए, एनपीआर और एनआरसी का पैकेज हिंदू और मुसलमानों में दरार पैदा करने के लिए है।

केंद्रीय मंत्रियों ने साधा कांग्रेस पर निशाना  

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को चुनौती दी है कि वे सीएए में एक शब्द भी ऐसा ढूंढ कर दिखाएं जिसमें नागरिकता लेने की बात हो। उन्होंने कहा कि मां-बेटे देश तोड़ने का काम कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि विपक्षी दल सीएए पर युवाओं को भड़का रहे हैं। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि जो लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं उन्हें ओबीसी विरोधी और दलित विरोध घोषित करना चाहिए।
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 केरल सरकार के प्रस्ताव के समर्थन में आए कैप्टन अमरिंदर

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केरल विधानसभा द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) में संशोधन की मांग को लेकर पास किए प्रस्ताव के समर्थन में कहा कि यह आवाम की आवाज है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से जनता की आवाज सुनने की अपील की। कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि नागरिकों पर कानून जबरदस्ती नहीं थोपे जा सकते और सभी शक्तियों की तरह संसदीय शक्ति की ड्यूटी भी इसे जिम्मेदारी के साथ निभाने की है। 

डीएमके ने भी केरल का किया था समर्थन

केरल विधानसभा में नागरिकता संशोधन अधिनियम को खत्म करने के प्रस्ताव को तमिलनाडु की विपक्षी पार्टी डीएमके ने समर्थन किया था। डीएमके ने सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक से कहा था कि तमिलनाडु सरकार केरल का अनुकरण करे और संविधान की रक्षा के लिए विवादास्पद कानून के खिलाफ तमिलनाडु विधानमंडल में इसी तरह का कदम उठाए।


डीएमके अध्यक्ष एम के स्टालिन ने कहा था कि केरल का कदम स्वागत योग्य है। डीएमके प्रमुख ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, इस देश के लोगों की इच्छा है कि हर राज्य विधानसभा को संविधान की बुनियादी विशेषताओं की रक्षा के लिए ऐसा संकल्प अपनाना चाहिए।

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