फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   kerala assembly election left party only have one state its do or die for congress and left in Kerala

केरल विधानसभा : किला बचाने की जद्दोजहद में वामदल, भाजपा की योजना सबसे बड़ी ताकत बनना

Sat, 27 Feb 2021 10:25 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Sat, 27 Feb 2021 10:25 AM IST
विज्ञापन
kerala assembly election left party only have one state its do or die for congress and left in Kerala
मतदान प्रक्रिया (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI

केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे इस बार कई सवालों का जवाब देंगे। मसलन क्या वामदल देश में अपने इकलौते किले को बचा पाएंगे? भाजपा क्या कर पाएगी? पिछले विधानसभा में चुनाव में खाता खोलने में कामयाब रही भाजपा को इस बार बड़ी  सियासी ताकत बनकर उभरने की उम्मीद है। हाल में राज्य में भाजपा की हिंदुत्व की राजनीति को बल मिला है। साल दर साल सिकुड़ते जनाधार से परेशान कांग्रेस की निगाहें हर पांच साल बाद सत्ता बदलने के ट्रेंड पर टिकी हैं। 

विज्ञापन


वामदलों के लिए खतरे की घंटी
नई सदी भारत की राजनीति में वामदलों के लिए बड़ी मुसीबत बन कर आई है। शुरुआत में वाम राजनीति का सबसे मजबूत किला पश्चिम बंगाल ढह गया। बाद में त्रिपुरा में भाजपा के हाथों सत्ता गंवानी पड़ी। केरल के रूप में अब उसके पास इकलौता राज्य बचा है। जाहिरा तौर पर अगर केरल में भी नाकामयाबी हाथ लगी तो वामदलों की देश की राजनीति में प्रासंगिकता खत्म होने पर मुहर लग जाएगी।
विज्ञापन


कांग्रेस के लिए करो या मरो की स्थिति
देश की राजनीति में वामदलों की तरह सिकुड़ती जा रही कांग्रेस के लिए भी यह चुनाव करो या मरो की स्थिति वाला है। राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी का दखल कम होता जा रहा है तो राज्यों में जीती हुई सत्ता पार्टी संभाल नहीं पा रही। शीर्ष स्तर पर गुटबाजी से परेशान पार्टी की सारी उम्मीदें बस राज्य के बदलाव की परंपरा पर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अगले चुनाव पर भाजपा की नजर
दशकों से राज्य की सियासत में मजबूत स्थिति बनाने के लिए संघर्षरत भाजपा की योजना इस चुनाव के जरिए अगले चुनाव की नींव तैयार करने की है। पार्टी वहां हिंदुत्व की राजनीति की पैठ बनाने में  जुटी है। इसी रणनीति के तहत पार्टी ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ मुहिम चलाई।

शादी के नाम पर धर्मांतरण का मामला उठाया। पार्टी के मुद्दे को तब बल मिला जब मेट्रोमैन ई श्रीधरन ने भाजपा में शामिल होने के बाद शादी के लिए धर्मांतरण को बड़ा मुद्दा बताया। बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा की अगुवाई वाले राजग के मत प्रतिशत में करीब नौ फीसदी का इजाफा हुआ था। पार्टी को पहली बार राज्य में करीब 15 फीसदी मत मिले थे।


पुराने साथी-पुराने समीकरणों पर चुनाव
राज्य में वामदलों की अगुवाई वाली एलडीएफ तो कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ में पुरानी पार्टियां ही हैं। भाजपा भी अपने पुराने सहयोगियों बीडीजेडी, केसी, जेआरएस और जेएसएस के साथ मैदान में है। 

विधासभा चुनाव के आंकड़े 2016 
गठबंघन              सीट    मत प्रतिशत
एलडीएफ              91      43.48
यूपीएफ                47      38.81
राजग                   01      14.96

विधानसभा चुनाव के आंकड़े 2011
एलडीएफ               68         42
यूडीएफ                  72         46
राजग                    00          07

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed