विधानसभा चुनाव : भाजपा का आरोप- केरल में बेरोजगारी की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक, एलडीएफ ने नहीं किए वादे पूरे
- भाजपा का आरोप, एलडीएफ ने पिछले चुनावी वादे पूरे नहीं किए
- ना एलडीए और ना ही यूडीएफ ने पैदा किए रोजगार के अवसर
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केरल के 6 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है। चुनाव से पहले राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। पार्टियां एक-दूसरे पर जमकर छींटाकसी कर रही हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को केरल की सत्ताधारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार पर जमकर हमला बोला। भाजपा ने बेरोजगारी का आरोप लगाते हुए कहा कि एलडीएफ ने पिछले विधानसभा चुनाव में किए गए वादों को पूरा नहीं किया। राज्य में बेरोजगारी की दर राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है।
भाजपा प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि केरल की जनता एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) से आजीज आ चुकी है और इस बार बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने केरल के सर्वांगीण विकास के लिए पूरा खाका तैयार किया है। केरल में छह अप्रैल को विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मतदान होना है।
भाजपा ने गिनाई एलडीएफ के वादों की सूची
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अग्रवाल ने एलडीएफ की ओर से पिछले चुनाव में किए गए वादों की सूची गिनाते हुए कहा कि इनमें से अधिकांश पूरे नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि राज्य में अधोसंरचना की कमी है। पिछले विधानसभा चुनाव में एलडीएफ ने आईटी पार्क के विस्तार का वादा किया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। यही हाल कोच्चि मेट्रो का है। केंद्र को तीन साल तक इसकी मंजूरी नहीं मिली।
बेरोजगारी पर जताई चिंता
केरल की अर्थव्यवस्था में मंदी पर चिंता जताते हुए अग्रवाल ने कहा कि राज्य खाड़ी व अन्य देशों से भेजे जाने धन पर अत्यधिक निर्भर है और राज्य में रोजगार के बहुत कम अवसर है। उन्होंने कहा कि केरल में बेरोजगारी की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। ना ही एलडीए और ना ही यूडीएफ ने रोजगार के अवसर पेदा करने के लिए कुछ किया।