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सांसद कोटे में केंद्रीय विद्यालय की तीन सीटें गरीबों को मिलें
सीमा शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 06 Oct 2016 04:53 AM IST
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केंद्रीय विद्यालय
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केंद्रीय विद्यालय के स्कूलों में सांसद कोटे से होने वाले दाखिलों में तीन सीट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (इडब्ल्यूएस) के छात्रों के नाम आरक्षित हो सकती है। क्योंकि केंद्रीय विद्यालय संगठन से मिले सुझावों के बाद अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय कुल दस सीटों में से तीन सीट इडब्ल्यूएस छात्रों के लिए आरक्षित करने पर विचार कर रहा है।
मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल एक सांसद अपने इलाके में कुल दस छात्रों को केंद्रीय विद्यालय में दाखिला दिलवा सकता है। हालांकि इन दाखिलों में होने वाले अधिकतर दाखिले सिफारिश के तहत होते हैं और दाखिला लेने वाले ऐसे छात्रों के परिजन अन्य स्कूलों की फीस भी दे सकते हैं। पिछले दिनों मंत्रालय और केंद्रीय विद्यालय संगठन की बैठक हुई थी, जिसमें केंद्रीय विद्यालयों में सांसद कोटे के तहत होने वाले दाखिलों पर भी चर्चा हुई।
देशभर से आए सुझावों में सामने आया कि सांसद कोटे से दाखिला लेने वाले छात्र अच्छे परिवारों से होते हैं। जबकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को कोई सीट नहीं मिल पाती है। पिछले वर्ष सांसद कोटे समेत अन्य सिफारिशों के तहत करीब 13 से 14 हजार छात्रों को दाखिला मिला। जबकि नियम के तहत यह आंकड़ा नौ हजार तक होना चाहिए था। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने बैठक में केंद्रीय विद्यालय स्कूल में छात्रों की संख्या दिनोंदिन बढ़ने पर चिंता भी जतायी थी। इसके चलते गुणवत्ता में समझौता भी करना पड़ता है। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय अब सांसद कोटे के तहत दस में से तीन सीट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित करेगा, जिसमें परिवारिक आय की सीमा दो लाख रुपये तक रखी जा सकती है।
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मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल एक सांसद अपने इलाके में कुल दस छात्रों को केंद्रीय विद्यालय में दाखिला दिलवा सकता है। हालांकि इन दाखिलों में होने वाले अधिकतर दाखिले सिफारिश के तहत होते हैं और दाखिला लेने वाले ऐसे छात्रों के परिजन अन्य स्कूलों की फीस भी दे सकते हैं। पिछले दिनों मंत्रालय और केंद्रीय विद्यालय संगठन की बैठक हुई थी, जिसमें केंद्रीय विद्यालयों में सांसद कोटे के तहत होने वाले दाखिलों पर भी चर्चा हुई।
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देशभर से आए सुझावों में सामने आया कि सांसद कोटे से दाखिला लेने वाले छात्र अच्छे परिवारों से होते हैं। जबकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को कोई सीट नहीं मिल पाती है। पिछले वर्ष सांसद कोटे समेत अन्य सिफारिशों के तहत करीब 13 से 14 हजार छात्रों को दाखिला मिला। जबकि नियम के तहत यह आंकड़ा नौ हजार तक होना चाहिए था। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने बैठक में केंद्रीय विद्यालय स्कूल में छात्रों की संख्या दिनोंदिन बढ़ने पर चिंता भी जतायी थी। इसके चलते गुणवत्ता में समझौता भी करना पड़ता है। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय अब सांसद कोटे के तहत दस में से तीन सीट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित करेगा, जिसमें परिवारिक आय की सीमा दो लाख रुपये तक रखी जा सकती है।
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