कठेरिया की कैबिनेट से छुट्टी, संगठन में संभालेंगे जिम्मेदारी
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केंद्रीय मंत्रिमंडल से छुट्टी की चर्चाओं पर राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने खुद ही विराम लगा दिया है। कहा है कि अब वह सरकार का हिस्सा नहीं रहेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से उनकी बातचीत हो गई है।
वह राष्ट्रीय संगठन में अहम जिम्मेदारी संभालेंगे। हालांकि इससे पहले भी वह राष्ट्रीय महासचिव का दायित्व संभालने के साथ ही पंजाब और छत्तीसगढ़ के प्रभारी रह चुके हैं। बता दें कि कठेरिया वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव दूसरी बार जीते थे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौ नंबर 2014 को मंत्रिमंडल के दूसरे विस्तार में उन्हें केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री का दर्जा दिया था।
मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव होने जा रहा है। पहले से ही कठेरिया को हटाए जाने के कयास लगाए जा रहे थे। मगर, सोमवार शाम होते-होते कठेरिया ने इसे खुद स्वीकार कर लिया। उनकी छुट्टी के पीछे कई कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि कठेरिया को विवादित बयानों की वजह से यह खामियाजा भुगतना पड़ा।
विहिप नेता अरुण माहौर की हत्या के विरोध में प्रदर्शन के दौरान उन पर विवादित भाषण देने का आरोप लगा। बाद में इस पर मोदी सरकार को स्पष्टीकरण भी देना पड़ा था। दूसरा कारण उनकी परफारमेंस बताई जा रही है।
विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे कठेरिया को मोदी ने जिस उम्मीद के साथ मानव संसाधन विकास मंत्रालय के राज्यमंत्री की जिम्मेदारी दी थी, उस पर वह खरे नहीं उतरे हैं। हालांकि खुद कठेरिया और पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उन्हें राष्ट्रीय संगठन में अहम जिम्मेदारी देकर इस चुनाव में लगाया जा सकता है।उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाए जाने की चर्चा है।