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Karur Stampede: 'मुझे नहीं पता क्या करूं, मेरे बेटे की आंख में चोट लगी..', करूर भगदड़ पीड़ितों ने सुनाई आपबीती
Sun, 28 Sep 2025 02:09 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sun, 28 Sep 2025 02:09 AM IST
सार
करूर में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के प्रमुख और अभिनेता विजय की रैली में भगदड़ मचने से 38 लोगों की जान चली गई। भगदड़ के पीड़ितों ने अपनी हृदयविदारक आपबीती सुनाई। वहीं, मुख्यमंत्री ने पीड़ितों के परिवारों के लिए 10-10 लाख रुपये और घायलों की सहायता के लिए एक लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है।
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आपबीती सुनाते करूर भगदड़ के पीड़ित
- फोटो : एएनआई
विस्तार
करूर भगदड़ के पीड़ितों ने अपनी हृदयविदारक आपबीती सुनाई। एक जीवित बचे व्यक्ति ने बताया कि इस हादसे में उसके परिवार ने अपूरणीय क्षति झेली है। अब वह पूरी तरह से असहाय महसूस कर रहा है। वहीं, एक व्यक्ति ने बताया कि विजय के समय से नहीं पहुंचने के चलते भीड़ बढ़ गई, जिसके चलते त्रासदी हुई और 38 लोगों की जान चली गई।
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करूर भगदड़ के पीड़ितों से पत्रकारों ने बात की। इस दौरान उन्होंने अपनी हृदयविदारक आपबीती सुनाई। एक पीड़ित ने कहा, 'मेरे भाई के दो बेटे हैं। उनके बड़े बेटे की मौत हो गई। हमें नहीं पता कि उनका छोटा बेटा कहां है। मेरे भाई की पत्नी अभी आईसीयू में भर्ती है। मुझे नहीं पता कि क्या करूं। मेरे बेटे की आंख में चोट लगी है।'
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विजय को सुबह 9 बजे पहुंचना था, लेकिन नहीं पहुंचे
भगदड़ पीड़ित के रिश्तेदार जाकिर ने बताया कि विजय को सुबह 9 बजे पहुंचना था, लेकिन वह समय से नहीं पहुंचे। इस वजह से मौके पर बहुत भीड़ बढ़ गई। उन्होंने बताया कि थिरुकोइलुरे के पास युवाओं और महिलाओं की भारी भीड़ थी। जाकिर ने कहा कि ऐसी रैलियों में महिलाओं और बच्चों को साथ नहीं लाना चाहिए। यह देखना बहुत मुश्किल और भावनात्मक रूप से दर्दनाक होता है।
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भगदड़ के दौरान अंदर नहीं जा सकीं एंबुलेंस
इसके अलावा, एक और प्रत्यक्षदर्शी सूर्या ने भगदड़ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोगों के खड़े होने के लिए पर्यापत जगह नहीं थी। जिस समय भगदड़ मची, लोगों को बाहर निकालने में बहुत लंबा समय लग गया। इस दौरान एंबुलेंस भी अंदर नहीं जा सकीं।
टीवीके प्रमुख विजय ने भगदड़ में हुई मौतों पर जताया गहरा दुख
इस बीच, तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के प्रमुख और अभिनेता विजय ने करूर भगदड़ में हुई मौतों पर गहरा दुख व्यक्त किया है। साथ ही घायल हुए लोगों के शीर्घ स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा, 'मेरा दिल टूट गया है। मैं असहनीय, अवर्णनीय पीड़ा और दुख से कराह रहा हूं, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। मैं करूर में अपनी जान गंवाने वाले अपने प्यारे भाइयों और बहनों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करता हूं। मैं अस्पताल में इलाज करा रहे लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।'
मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा
इस बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भगदड़ में जान गंवाने वाले पीड़ितों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। साथ ही अस्पतालों में इलाज करा रहे घायलों के लिए एक-एक लाख रुपये सहायता देने की घोषणा की। इसके अलावा, सीएम ने सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग के गठन की भी घोषणा की, जो गहन जांच करेगा और सरकार को रिपोर्ट सौंपेगा।
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पीड़ित परिवारों के प्रति पीएम मोदी ने व्यक्त की संवेदना
इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा, 'तमिलनाडु के करूर में एक राजनीतिक रैली के दौरान हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना बेहद दुखद है। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं इस कठिन समय में उन्हें शक्ति प्रदान करने की कामना करता हूं। सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।'