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मरीजों के लिए कर्नाटक और केरल के बीच सीमा सड़कें खोलने पर सरकारों में हुई सहमति
Tue, 07 Apr 2020 02:22 PM IST
Rohit Ojha
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rohit Ojha
Updated Tue, 07 Apr 2020 02:22 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
केंद्र ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से कर्नाटक और केरल की सीमा पर लगाए गए अवरोध हटाने के बारे में दोनों राज्यों के बीच सहमति हो गई है। अंतरराज्यीय सीमा पर मरीजों को इलाज के लिए ले जाने के बारे में रूपरेखा बन गई है।
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प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ को केन्द्र की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने यह जानकारी दी। पीठ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से केरल उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ कर्नाटक सरकार की अपील पर सुनवाई कर रही थी।
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मेहता ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से सड़क मार्ग अवरूद्ध किए जाने का विवाद दोनों राज्यों ने सुलझा लिया है। उन्होंने कहा कि तीन अप्रैल के शीर्ष अदालत के आदेश के अनुरूप कर्नाटक और केरल के मुख्य सचिवों के साथ केन्द्रीय गृह सचिव की बैठक हुई थी जिसमें तलापड़ी सीमा से इलाज के लिए मरीजों को ले जाने के मापदंडों पर सहमति हुई।
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पीठ ने कहा कि ऐसी स्थिति में सीमा विवाद के मुद्दे पर केरल उच्च न्यायालय के एक अप्रैल के आदेश के खिलाफ कर्नाटक सरकार सहित सारी याचिकाओं का निस्तारण कर सकती है। कर्नाटक सरकार ने अपनी अपील में कहा था कि उच्च न्यायालय ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर यह आदेश दिया है।
राज्य सरकार का कहना था कि यह विवाद राज्यों के सीमावर्ती जिलों से कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकने के लिए एक सड़क बंद करने से संबंधित है। राज्य सरकार ने अपनी अपील में कहा था कि कर्नाटक ने विशेष रूप से मैसूर-विराजपेट-कन्नूर राजमार्ग पर मकुट्टा चेकपोस्ट बंद की है।
हालांकि उच्च न्यायालय ने केन्द्र सरकार को इसमें हस्तक्षेप करने और इस मार्ग की बंदी खत्म करने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने तीन अप्रैल को इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों को केंद्रीय गृह सचिव के साथ बैठक करके इस विवाद का सर्वसहमति से हल खोजना चाहिए।