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Railway: 20 की रफ्तार से चलानी थी कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, स्पीड कम करना भूले लोको पायलट, हुए निलंबित
Fri, 26 Jul 2024 06:13 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Fri, 26 Jul 2024 06:13 PM IST
सार
रेलवे ट्रैक की स्थिति, ट्रैक मरम्मत, पुराने रेलवे पुल और स्टेशन यार्ड रिमॉडलिंग के लिए रेलवे ने मथुरा रेलखंड में गति प्रतिबंध लगाया था। इस ट्रैक से 20 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन गुजारी जानी थी। लेकिन कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के लोको पायलट गति प्रतिबंध को भूल गए। उन्होंने ट्रैक से पूरी रफ्तार से ट्रेन गुजार दी।
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ट्रेन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : istock
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विस्तार
कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के लोको पायलट और सहायक लोको पायलट ने गति सीमा का उल्लंघन करते हुए हजारों यात्रियों की जान खतरे में डाल दी। आगरा रेल मंडल के मथुरा रेलखंड के 20 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाने के आदेश को लोको पायलट भूल गए। इस रेलखंड में उन्होंने ट्रेन पूरी स्पीड से गुजारी। इसकी जानकारी मिलने पर रेलवे ने दोनों लोको पायलटों को निलंबित कर दिया।
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जानकारी के मुताबिक रेलवे ट्रैक की स्थिति, ट्रैक मरम्मत, पुराने रेलवे पुल और स्टेशन यार्ड रिमॉडलिंग के लिए रेलवे ने मथुरा रेलखंड में गति प्रतिबंध लगाया था। इस ट्रैक से 20 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन गुजारी जानी थी। लेकिन कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के लोको पायलट गति प्रतिबंध को भूल गए। उन्होंने ट्रैक से पूरी रफ्तार से ट्रेन गुजार दी। इसके चलते ट्रेन में सवार हजारों यात्रियों की जान खतरे में पड़ गए। आगरा मंडल की पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने पर दोनों लोको पायलट के खिलाफा अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
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दो महीने में तीसरी बार हुई घटना
आगरा रेल मंडल में बीते दो महीने में तीसरी बार किसी ट्रेन के चालक दल ने गति प्रतिबंध का उल्लंघन किया है। इससे पहले मई 2024 में आगरा रेलखंड में ही मालवा और गतिमान एक्सप्रेस के चालकों ने गति सीमा का उल्लंघन किया था। चालकों की 20 किमी प्रतिघंटा की जगह यहां से 120 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाई थी। आगरा रेल मंडल में बार-बार हो रहीं ऐसी घटनाओं से साफ है कि लोको पायलट किसी तनाव से जूझ रहे हैं। रेलवे के एक अधिकारी का कहना है कि लगातार हो रही इस भूल के चलते कोई बड़ा हादसा हो इससे पहले रेलवे बोर्ड को मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम को भेजना चाहिए।
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आखिर कैसे हुई भूल
रेलवे के नियमों के मुताबिक जब लोको पायलट और सहायक लोको पायलट किसी स्टेशन से ट्रेन लेकर चलते हैं, तो इंजन में चढ़ने से पहले उनको ऑपरेटिंग विभाग पूरा रूट चार्ट और गति सीमा की चेतावनी की जानकारी देता है। इसके अनुसार उनको ट्रेनों का संचालन करना होता। जब संबंधित सेक्शन आने वाला होता है तो सहायक लोको पायलट को संबंधित चेतावनी के बारे में लोको पायलट को जानकारी देनी होती है। लोको पायलट इसे दोहराता है। मगर इस मामले में यह हैरानी की बात है कि दोनों चालक इसे कैसे भूल गए?
रेलवे बोर्ड ने बनाई थी कमेटी, लोको पायलट ने दिए थे सुझाव
गतिमान और मालवा एक्सप्रेस के गतिसीमा के उल्लंघन के बाद रेलवे बोर्ड ने गति प्रतिबंध के उल्लंघन का पता लगाने के लिए जांच समिति बनाई थी। समिति ने जांच के दौरान वीडियो क्रॉन्फ्रेंस के जरिये 180 लोको पायलट और लोको इंस्पेक्टर से बात की थी। इसमें लोको पायलटों ने सुझाव दिए थे कि सावधानी का आदेश बड़े अक्षरों में कागज पर लिखा जाए और प्रतिबंध को अलग-अलग रंग से हाई लाइट किया जाए। इसमें यह भी सुझाव आया था कि चालकों को पेपर शीट पर केवल अस्थायी सावधानी के आदेश दिए जाते हैं, जबकि इस पर स्थायी गति प्रतिबंध का उल्लेख भी होना चाहिए। समिति ने सुझावों पर गौर करने की बात कही थी।