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बयान: कर्नाटक के मंत्री ईश्वरप्पा ने कहा- मस्जिद के भीतर स्पीकर का करें प्रयोग, लाउडस्पीकर से बच्चों और मरीजों को होती है दिक्कत
Mon, 04 Apr 2022 05:09 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरू
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 04 Apr 2022 05:09 PM IST
सार
मस्जिदों में लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर कर्नाटक के वरिष्ठ मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने मुस्लिम नेताओं से कहा कि वह अपने पूजा स्थलों के अंदर स्पीकर का प्रयोग करें और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परेशान न करें।
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केएस ईश्वरप्पा
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों के विरोध के बीच कर्नाटक सरकार के मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने भी इसको लेकर बयान दिया है। कर्नाटक के वरिष्ठ मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने सोमवार को कहा कि छात्रों और मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए मुस्लिम समुदाय को विश्वास में लेकर इस मुद्दे का कोई समाधान निकाला जाए। उन्होंने मुस्लिम नेताओं से कहा कि वह अपने पूजा स्थलों के अंदर स्पीकर का प्रयोग करें और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परेशान न करें।
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उन्होंने आगे कहा कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर के उपयोग का मुकाबला करने के लिए लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा बजाने की प्रतियोगिता नहीं होनी चाहिए। इससे समुदायों के बीच संघर्ष हो सकता है।
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ईश्वरप्पा ने कहा कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के खिलाफ राज ठाकरे या श्री राम सेना की लंबे समय से शिकायतें हैं कि इससे सुबह और शाम के समय छात्रों और मरीजों को परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि इस मामले में मुस्लिम समुदाय को विश्वास में लेकर इसका निराकरण किया जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि भले ही मुस्लिम समुदाय लंबे समय से अजान के लिए लाउडस्पीकर का उपयोग करने की परंपरा का पालन कर रहा है, लेकिन यह बच्चों और रोगियों सहित छात्रों को परेशान कर रहा है। ईश्वरप्पा ने आगे कहा कि उन्हें मुसलमानों के प्रार्थना करने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन लाउडस्पीकर के उपयोग के कारण अगर मंदिरों और चर्चों में भी इसी तरह से प्रार्थना करने की शुरुआत हो जाती है तो यह समुदायों के बीच संघर्ष को जन्म देगा। उन्होंने कहा कि उनकी राय में यह बेहतर होगा कि मुस्लिम नेता इस पर विचार करें और मस्जिद के अंदर स्पीकर का प्रयोग करें बाहर के लाउडस्पीकर की बजाय। इससे दूसरों को भी परेशानी नहीं होगी।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के नेता राज ठाकरे ने मस्जिदों के ऊपर लगे लाउडस्पीकरों को लेकर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि अगर मस्जिदों के ऊपर से लाउडस्पीकर नहीं हटाए गए तो वह सड़कों पर स्पीकर लगा कर हनुमान चालीसा का पाठ कराएंगे। इसके बाद रविवार को मनसे के नेता महेंद्र भानुशाली ने घाटकोपर में अपने कार्यालय में हनुमान चालीसा का पाठ कराया था, जिसको लेकर मुंबई पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की थी।
'हलाल या झटका मीट' विवाद को कुमारास्वामी ने बताया अनावश्यक
हिजाब विवाद के बाद अब कर्नाटक में 'हलाल या झटका मीट' को लेकर विवाद जारी है। इस विवाद को लेकर जनता दल सेक्युलर के नेता एचडी कुमारास्वामी ने सोमवार को बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 'हलाल या झटका मीट को लेकर लोगों के बीच किसी तरह का विवाद नहीं है। इनको अनावश्यक तौर पर तूल दिया गया। उन्होंने आगे कहा कि अगर इस तरह के सांप्रदायिक दंगे शुरू होंगे तो इसका असर इंडस्ट्रीज पर भी होगा। इसको लेकर कर्नाटक में कारपोरेट कंपनियां अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।