फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Karnataka is first and Kerala is second in empowerment of panchayats, know what is report card of UP

Index: पंचायतों के सशक्तिकरण में कर्नाटक पहले और केरल का दूसरा नंबर, जाने क्या है यूपी का रिपोर्ट कार्ड?

Thu, 13 Feb 2025 10:00 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Thu, 13 Feb 2025 10:00 PM IST
सार

Panchayat Index: केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने रिपोर्ट जारी करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि,पंचायत डिवोल्यूशन इंडेक्स भारत के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

विज्ञापन
Karnataka is first and Kerala is second in empowerment of panchayats, know what is report card of UP
पंचायत डिवोल्यूशन इंडेक्स - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंचायती राज मंत्रालय और आईआईपीए ने गुरुवार को पंचायत डिवोल्यूशन इंडेक्स जारी किया। दस वर्ष के अंतराल के बाद जारी हुई रिपोर्ट में दक्षिण भारत के राज्यों की पंचायतों का दबदबा नजर आया। जबकि उत्तर भारत के राज्य में केवल उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन पहले के मुकाबले बेहतर नजर आया। ओवरऑल रैंकिंग में कर्नाटक पहले पायदान, केरल दूसरे और तमिलनाडु तीसरे पायदान पर रहा। जबकि महाराष्ट्र चौथे, यूपी पांचवे, गुजरात छठे स्थान पर रहा। पिछले 10 वर्ष में उत्तर प्रदेश 15वें स्थान से पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। पंचायती राज मंत्रालय और भारतीय लोक प्रशासन संस्थान ने मिलकर पंचायत डिवोल्यूशन इंडेक्स की रिपोर्ट तैयार की है।
विज्ञापन


केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने रिपोर्ट जारी करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि,पंचायत डिवोल्यूशन इंडेक्स भारत के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल उन राज्यों को प्रोत्साहित करता है जिन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, बल्कि अन्य राज्यों को भी ग्रामीण स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने हेतु प्रेरित करता है।
विज्ञापन


उन्होंने उत्तर प्रदेश की प्रगति को रेखांकित करते हुए कहा कि, राज्य ने पिछली रैंकिंग में 15वें स्थान से छलांग लगाकर अब 5वां स्थान हासिल किया है। यदि उत्तर प्रदेश आगे बढ़ता है, तो संपूर्ण राष्ट्र की प्रगति होती है। मै। सभी राज्यों से आह्वान करता हूँ कि वे समाज कल्याण के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं को सक्रिय रूप से लागू करें। पंचायतें हमेशा स्थानीय स्तर पर विवाद समाधान की भूमिका निभाती रही हैं और अब समय आ गया है कि पंचायत भवनों को ग्रामीण विकास के केंद्र के रूप में परिवर्तित किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


केंद्रीय राज्य मंत्री ने विशेष रूप से आयुष्मान कार्ड जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने में पंचायत भवनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पंचायत भवनों को पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी बुनियादी सेवाएं प्रदान करने का केंद्र भी बनाया जा सकता है। प्रो. बघेल ने इस बात पर भी जोर दिया कि केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण स्थानीय निकायों को दिए जाने वाले वित्तीय संसाधनों की निगरानी अनिवार्य है, ताकि किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार को रोका जा सके।

पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज ने बताया कि, पिछले दस वर्षों में पंचायतों के इंफ्रास्ट्रक्चर में 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पंचायतों के क्षमता निर्माण में भी दस प्रतिशत का सुधार देखा गया है। आमतौर पर दक्षिण भारत के राज्य ही आगे रहते थे लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश ने अच्छा काम किया है। वहीं, उत्तर पूर्व का त्रिपुरा जैसा राज्य भी अग्रणी सूची में शामिल है। भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के प्रोफेसर वी.एन आलोक के अनुसार, डिवोल्यूशन इंडेक्स का राष्ट्रीय औसत भी 2014 के 39.92 प्रतिशत से बढ़कर 43.89 प्रतिशत हो गया है। 

 
पंचायत डिवोल्यूशन इंडेक्स में अंकों के आधार पर राज्यों की स्थिति
  • उच्च- कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल।
  • मध्यम- आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और ओडिशा
  • निम्न- असम, बिहार, सिक्किम और उत्तराखंड
  • अति निम्न- अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, दादरा एवं नगर हवेली और दमन-द्वीव, गोवा, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, लद्दाख, लक्षद्वीप, मणिपुर, पुदुचेरी और पंजाब।
 
पंचायत डिवोल्यूशन इंडेक्स में राज्यों की स्थिति 
  • ओवरआल रैंकिंग शीर्ष दस-कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, त्रिपुरा, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़
  • फंक्शनरीज रैंकिंग- गुजरात, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, बिहार, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल
  • कैपेसिटी बिल्डिंग रैंकिंग- तेलंगाना, तमिलनाडु, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, गोवा, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और असम
  • अकाउंटेबिलिटी रैंकिंग- कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल
  • फ्रेमवर्क रैंकिंग- केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु
  • फंक्शन्स रैंकिंग- तमिलनाडु, कर्नाटक, ओडिशा, राजस्थान, केरल, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, सिक्किम और गुजरात
  • फाइनेंस रैंकिंग- कर्नाटक, केरल, त्रिपुरा, तमिलनाडु, राजस्थान, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed