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Karnataka High Court: हाईकोर्ट से Xiaomi को झटका, फेमा उल्लंघन के लिए 5551 करोड़ की जब्ती को सही ठहराया
Fri, 21 Apr 2023 07:45 PM IST
देव कश्यप
पीटीआई, बंगलूरू।
पीटीआई, बंगलूरू।
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 21 Apr 2023 07:45 PM IST
सार
न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह कार्रवाई फेमा की धारा 37ए के तहत वैध है। हालांकि, श्याओमी को अपीलीय न्यायाधिकरण का दरवाजा खटखटाने और धारा 37ए(5) के तहत सक्षम प्राधिकारी के आदेश को चुनौती देने की स्वतंत्रता दी गई है।
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Karnataka High Court
- फोटो : PTI
विस्तार
कर्नाटक हाईकोर्ट से चीनी मूल की मोबाइल निर्माता कंपनी श्याओमी को झटका लगा है। हाईकोर्ट ने ने शुक्रवार को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के उल्लंघन के आरोप में श्याओमी (Xiaomi) इंडिया से 5,551.27 करोड़ रुपये की जब्ती को बरकरार रखा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कंपनी के खाते से राशि जब्त कर ली थी और इसे सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) ने सही ठहराया था। श्याओमी ने सक्षम प्राधिकारी के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह कार्रवाई फेमा की धारा 37ए के तहत वैध है। हालांकि, उन्होंने श्याओमी को अपीलीय न्यायाधिकरण का दरवाजा खटखटाने और धारा 37ए(5) के तहत सक्षम प्राधिकारी के आदेश को चुनौती देने की मंजूरी दी।
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ईडी ने 2022 में कथित रूप से फेमा नियमों का उल्लंघन करने और भारत के बाहर तीन कंपनियों (दो अमेरिका में और एक चीन में) को रॉयल्टी की आड़ में धन हस्तांतरित करने के लिए Xiaomi के खातों में से 5,551.27 करोड़ रुपये जब्त करने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ कंपनी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने फेमा के तहत सक्षम प्राधिकारी से संपर्क करने का आदेश दिया था। लेकिन सक्षम प्राधिकारी ने भी जब्ती को सही ठहराया।
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इसके बाद Xiaomi ने सक्षम प्राधिकारी के आदेश को चुनौती देते हुए फिर से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। दलीलें सुनने के बाद जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने 17 नवंबर, 2022 को फैसला सुरक्षित रख लिया था। Xiaomi ने फेमा की धारा 37ए की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी थी, जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित प्राधिकृत अधिकारी को अधिनियम की धारा 4 का उल्लंघन करने के लिए भारत के बाहर रखी संपत्ति को जब्त करने का आदेश देने के लिए अधिकृत करती है।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि Xiaomi की धारा को दी गई चुनौती बरकरार है, लेकिन चूंकि धारा 37ए में कोई मनमानी नहीं है, इसलिए यह कार्रवाई "संवैधानिक" है। ईडी ने 29 अप्रैल, 2022 को Xiaomi के बैंक खातों से राशि फ्रीज करने का आदेश दिया था। सक्षम प्राधिकारी ने 29 सितंबर, 2022 को आदेश की पुष्टि की थी। Xiaomi ने इसे चुनौती देते हुए तीन अक्तूबर, 2022 को याचिका दायर की थी।