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कर्नाटक: ऑनलाइन गेमिंग पर रोक लगाने के फैसले को हाईकोर्ट ने बताया असंवैधानिक, रद्द किए प्रावधान

Mon, 14 Feb 2022 06:13 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरु Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Mon, 14 Feb 2022 06:13 PM IST
सार

कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रितु राज अवस्थी और जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि कर्नाटक अधिनियम संख्या 28/2021 के कुछ प्रावधान अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर बनाए गए थे। 

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Karnataka High Court struck down amendments to the Karnataka Police Act 2021 banning online gambling calls it unconstitutional
ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री को बड़ी राहत। - फोटो : Social Media

विस्तार

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार को ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने सरकार की तरफ से लाए गए उन प्रावधानों पर रोक लगा दी है, जिनके तहत ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगा दिए गए थे। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के इस कदम को असंवैधानिक भी करार दिया। 
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ऑनलाइन गेमिंग को लेकर क्या थे कर्नाटक सरकार के आदेश?
कर्नाटक सरकार ने ऑनलाइन जुए और सट्टे पर पाबंदी लगाने के लिए पुलिस एक्ट में संशोधन किया था। संशोधन विधेयक के प्रारूप में ऑनलाइन गेम को परिभाषित किया गया था। इसमें सभी प्रकार के जुए या सट्टेबाजी शामिल की गईं। इसके लिए भुगतान किए गए रुपयों या वर्चुअल करेंसी के इलेक्ट्रॉनिक हस्तांतरण को भी प्रतिबंधित किया गया था।
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कर्नाटक विधानसभा के मानसून सत्र में भाजपा की ओर से पुलिस कानून 1963 में परिवर्तन के लिए पुलिस (संशोधन) विधेयक 2021 पेश किया गया था। हालांकि, ऑनलाइन खेलों से जुड़ी कंपनियों का कहना था कि कर्नाटक का बंगलुरु जैसा शहर, जो कि गेमिंग कंपनियों के हब के तौर पर उभर रहा है, ऐसी जगहों पर भी प्रतिबंध लगाने से शहर के गेमिंग हब बनने की कोशिशों के लिए चुनौतियां पेश होंगी। 
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सरकार के फैसले पर कोर्ट ने क्या कहा?
कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रितु राज अवस्थी और जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि कर्नाटक अधिनियम संख्या 28/2021 के कुछ प्रावधान अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर बनाए गए थे। इसके चलते हम इन्हें रद कर रहे हैं। हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि अगर जुए के खिलाफ संविधान के अनुरूप कोई नया कानून लाया जाता है तो वह विधायिका के फैसले के बीच में नहीं आएगा। 
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