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Karnataka High Court: डीजे हल्ली-केजे हल्ली दंगों के आरोपी शरीफ की याचिका हाईकोर्ट में खारिज, जानें पूरा मामला
Mon, 17 Apr 2023 09:52 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 17 Apr 2023 09:52 PM IST
सार
आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि एनआईए कोर्ट केवल उन अपराधों से संबंधित है जो अधिनियम की धारा 15 के तहत परिभाषित दंडनीय होंगे। इसलिए याचिकाकर्ता के खिलाफ एनआईए कोर्ट के समक्ष कार्यवाही रद्द कर दी जाए और नियमित न्यायालय के समक्ष आईपीसी अपराधों के लिए मुकदमा चलाने के लिए अनुमति दी जाए।
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Karnataka High Court
- फोटो : PTI
विस्तार
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बेंगलुरु में डीजे हल्ली-केजे हल्ली 2020 दंगों के एक आरोपी की याचिका को खारिज कर दिया। इसके साथ ही कर्नाटक हाई कोर्ट की एकल न्यायाधीश की पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया सबूत है कि आरोपियों के कृत्य गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 15 के तहत आतंकवादी गतिविधि थे। शरीफ ने उसके खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। शरीफ इस मामले में 25वें नंबर का आरोपी था।
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जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने कहा, याचिकाकर्ता या अन्य लोगों के खिलाफ आम तौर पर ज्वलनशील उपकरणों का उपयोग करने का आरोप है। क्योंकि इसमें वाहनों को विस्फोटक पदार्थ या ज्वलनशील पदार्थ से जलाने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान या क्षति या विनाश का आरोप है, सभी का इरादा राष्ट्र के क्षेत्र की सुरक्षा को भंग करना था। इसलिए इसे यूएपीए की धारा 15 के तहत रखा जा सकता है।
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आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि एनआईए कोर्ट केवल उन अपराधों से संबंधित है जो अधिनियम की धारा 15 के तहत परिभाषित दंडनीय होंगे। इसलिए याचिकाकर्ता के खिलाफ एनआईए कोर्ट के समक्ष कार्यवाही रद्द कर दी जाए और नियमित न्यायालय के समक्ष आईपीसी अपराधों के लिए मुकदमा चलाने के लिए अनुमति दी जाए।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के वकील ने तर्क दिया कि अन्य लोगों के साथ अभियुक्तों के कार्य स्पष्ट रूप से अधिनियम की धारा 15 के तहत परिभाषित 'आतंकवादी अधिनियम' की परिभाषा के अंतर्गत आते हैं। याचिकाकर्ता की जमानत अर्जी को पहले 2022 में हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था उसने भी इस मुद्दे पर विचार किया था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया सामग्री है।