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Sitting Cross Legged in Court: क्या अदालत के अंदर पैर पर पैर रखकर बैठना गलत है? जानिए कर्नाटक हाईकोर्ट ने क्या कहा
Tue, 21 Jun 2022 01:52 AM IST
देव कश्यप
एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 21 Jun 2022 01:52 AM IST
सार
कर्नाटक हाई कोर्ट ने एक आरटीआई के जवाब में कहा है कि अदालत में क्रॉस लेग (पैर पर पैर रखकर) करके बैठने पर कोई रोक नहीं है। इस संबंध में कोई नियम या आदेश नहीं है। जबकि अदालतों में आम लोगों को ऐसे बैठने के लिए मना किया जाता है।
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Karnataka High Court
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कई बार ऐसा देखा जाता है कि सुनवाई के दौरान कोर्ट हॉल में पैर पर पैर रखकर (क्रॉस लेग्ड) बैठे लोगों को शिष्टाचार का हवाला देते हुए डांट-फटकार कर सही तरीके से बैठने को कहा जाता है। पीठासीन अधिकारी या न्यायाधीश के सामने बैठे लोगों को कहा जाता है कि ऐसा करना ठीक नहीं होता है। लेकिन कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक आरटीआई के जवाब में कहा है कि कोर्ट हॉल में लोगों को क्रॉस लेग करके बैठने से रोकने के लिए कोई नियम या आदेश नहीं है।
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बेंगलुरु के हलासुरु के निवासी टी नरसिम्हा मूर्ति के एक सवाल के जवाब में हाईकोर्ट के संयुक्त रजिस्ट्रार और जन सूचना अधिकारी ने हाल ही में कहा कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने ऐसा कोई दिशा-निर्देश, अधिसूचना या निर्देश जारी नहीं किया है। ऐसा कहीं नहीं कहा गया है कि अदालत की कार्यवाही के दौरान नागरिक क्रॉस लेग करके नहीं बैठ सकते। मूर्ति ने इसी मुद्दे पर 2019 में मुख्य सचिव के कार्यालय में एक आरटीआई आवेदन जमा किया था। तब भी जवाब में कहा गया था कि इस संबंध में कोई नियम नहीं हैं।
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बता दें कि मूर्ति ने 27 मई, 2022 को एक आवेदन दायर किया था जिसमें उन्होंने कर्नाटक हाईकोर्ट से किसी भी ऐसे आदेश, दिशा-निर्देश या अधिसूचना के बारे में जानकारी मांगी थी। आइए जानते हैं कि क्या इस तरह बैठने से हमारे दैनिक जीवन में मानव शरीर पर कोई बुरा प्रभाव पड़ता है या नहीं।
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क्रॉस लेग्ड कर ज्यादा देर बैठने से स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं
कई लोग बैठते समय एक पैर को दूसरे के ऊपर चढ़ाकर बैठना पसंद करते हैं, लेकिन एक घुटने को दूसरे के ऊपर रखकर ज्यादा देर बैठने से स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। जिनमें रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) का बढ़ना, तंत्रिका की क्षति और पीठ में दर्द शामिल हैं। यह एक ज्ञात तथ्य है कि यदि कोई एक ही स्थिति में बहुत अधिक समय बिताता है, तो आपका पैर सुन्न हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि क्रॉस लेग करके बैठने से घुटने के पीछे पेरोनियल तंत्रिका पर दबाव पड़ता है, जो पैरों के निचले हिस्से को अस्थायी संवेदना प्रदान करता है।
जर्नल ऑफ क्लिनिकल नर्सिंग में प्रकाशित एक शोध में क्रॉस लेग्ड और हाई ब्लड प्रेशर के बीच संबंध होने का का सुझाव दिया गया है। शोध के दौरान देखा गया कि पैर पर पैर चढ़ाकर बैठने से ब्लड प्रेशर में तेजी आई और जबकि समान्य रूप से पैर रखकर बैठने के बाद ब्लड प्रेशर सामान्य हो गए।इससे जाहिर है कि किसी व्यक्ति को अपने ब्लड प्रेशर को घंटों तक बढ़ने नहीं देना चाहिए, हर 15 से 20 मिनट में अपने पैरों को फैलाना चाहिए या कुछ देर चलना चाहिए।