Karnataka: आदियोगी की प्रतिमा के उद्घाटन को हाईकोर्ट की मंजूरी, जनहित याचिका में लगाए गए थे ये आरोप
11 जनवरी को कोर्ट ने निर्माण के खिलाफ एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करते हुए यथास्थिति जारी रखने का आदेश दिया था। इसमें वनों और भूमि अधिग्रहण से संबंधित नियमों और कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था।
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कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले में ईशा योग केंद्र की आदियोगी की प्रतिमा के रविवार को होने वाले उद्घाटन को अनुमति दे दी। हालांकि, अदालत ने स्थल पर किसी भी निर्माण पर यथास्थिति जारी रखने का आदेश दिया है। जिले के अवलागुर्की में योग केंद्र आदियोगी की 112 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित कर रहा है।
11 जनवरी को कोर्ट ने निर्माण के खिलाफ एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करते हुए यथास्थिति जारी रखने का आदेश दिया था। इसमें वनों और भूमि अधिग्रहण से संबंधित नियमों और कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था।
उपराष्ट्रपति धनखड़ लेंगे भाग
ईशा योग केंद्र ने शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश प्रसन्ना बी वराले और न्यायमूर्ति अशोक एस किंगई की खंडपीठ को बताया कि 15 जनवरी को होने वाले उद्घाटन में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और अन्य लोग शामिल होंगे। कोर्ट में निमंत्रण पत्र भी पेश किया गया था। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत और मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
आयोजन में नहीं काटा जाएगा कोई पेड़
अदालत को बताया गया कि आयोजन के लिए कोई पेड़ नहीं काटा जाएगा और कोई निर्माण नहीं किया जाएगा। याचिकाकर्ता ने अदालत से प्रतिमा के अनावरण के दौरान किसी भी तरह की आतिशबाजी नहीं करने का निर्देश देने की मांग की। इस पर अदालत ने कहा, इस तरह के आयोजन नहीं होंगे क्योंकि इस खुद उपराष्ट्रपति भाग ले रहे हैं। मामले की सुनवाई 2 फरवरी के लिए स्थगित कर दी गई है।