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Karnataka: पूर्व सीएम येदियुरप्पा को पॉक्सो केस में फौरी राहत, हाईकोर्ट ने एक सप्ताह के लिए स्थगित की सुनवाई

Fri, 26 Jul 2024 10:29 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Fri, 26 Jul 2024 10:29 PM IST
सार

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा की उनके खिलाफ दर्ज पॉक्सो केस को रद्द करने की याचिका पर सुनवाई एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी है। जिस पर उन्हें फौरी राहत मिल गई है।

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Karnataka HC adjourns POCSO case against ex-CM Yediyurappa for a week
पूर्व सीएम येदियुरप्पा को पॉक्सो केस में फौरी राहत - फोटो : ANI

विस्तार

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने अपने खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज मामले के बाद अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। वहीं उच्च न्यायालय ने पुलिस को भाजपा के दिग्गज नेता के खिलाफ कोई भी जल्दबाजी में कार्रवाई करने से रोक दिया है।
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पुलिस के नोटिस पर नहीं पेश हुए थे येदियुरप्पा
दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा के खिलाफ एक महिला ने पुलिस से शिकायत की थी कि जब वो अपनी शिकायत लेकर येदियुरप्पा से मिलने गईं तो उन्होंने उसकी 17 साल की बेटी का यौन उत्पीड़न किया था। इस मामले में पुलिस ने येदियुरप्पा को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए दो बार नोटिस दिया, लेकिन वे नहीं आए। फिर बाद में पुलिस ने शहर की एक अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद येदियुरप्पा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। इस बीच, उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और एफआईआर को गलत बताते हुए उसे रद्द करने का अनुरोध किया।
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पीड़िता को मुंह बंद रखने के लिए पैसे देने का आरोप
बता दें कि इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा पर आरोप लगा है कि उन्होंने अपने तीन सहयोगियों के साथ मिलकर पीड़िता और उसकी मां को चुप रहने के लिए पैसे दिए थे। जिस पर येदियुरप्पा और उनके सहयोगियों अरुण वाई एम और रुद्रेश एम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की अलग अलग धाराओं के तरह मामले दर्ज किए गए थे।
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बेटे राघवेंद्र ने कहा था- इसमें कोई सच्चाई नहीं है
इस मामले में बी. एस. येदियुरप्पा को बंगलूरू कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था। जबकि पूरे मामले की जांच सीआईडी की तरफ से की जा रही है। वहीं इस मामले में सीएम के बेटे और सांसद बी. वाई. राघवेंद्र ने कहा, 'यह करीब ढाई महीने पहले की शिकायत है, इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
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