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कर्नाटक: सरकार ने सिद्धारमैया और शिवकुमार पर दर्ज नौ मामले लिए वापस; कोरोना नियमों के उल्लघंन के थे आरोप
Thu, 10 Aug 2023 04:46 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरू
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 10 Aug 2023 04:46 PM IST
सार
कांग्रेस नेताओं के खिलाफ रामनगर निवासी विजय कुमार तहसीलदार नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसके खिलाफ 13 याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट का रुख किया था और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दर्ज केस को खारिज करने की मांग की थी।
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सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार ने दोनों नेताओं के खिलाफ दर्ज कोविड 19 नियम उल्लंघन के मामले को वापस ले लिया है। बता दें कि सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार समेत अन्य के खिलाफ साल 2022 में कर्नाटक एपिडेमिक डिजीज एक्ट (Karnataka Epidemic Diseases Act) के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह मामला कोरोना पाबंदियों के उल्लंघन के चलते दर्ज किया गया था।
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कानून और संसदीय कार्य मंत्री एच के पाटिल ने इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में दर्ज नौ आपराधिक मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया गया है। यह मेकेदातु आंदोलन, कोरोना नियमों और धारा 144 के उल्लंघन और अन्य से संबंधित है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय कांग्रेस विधायक अशोक पट्टन के आवेदन के आधार पर लिया गया है, जो विधानसभा में सरकार के मुख्य सचेतक भी हैं।
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क्या है मामला
बता दें कि जनवरी 2022 में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार समेत कई कांग्रेस नेताओं ने मेकेदातु बांध परियोजना को लागू करने की मांग के लिए पदयात्रा आयोजित की थी। उस समय पूरे देश में कोरोना महामारी के चलते पाबंदियां लागू थीं, जिसके चलते कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कर्नाटक एपिडेमिक डिजीज एक्ट (Karnataka Epidemic Diseases Act) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
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कांग्रेस नेताओं के खिलाफ रामनगर निवासी विजय कुमार तहसीलदार नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसके खिलाफ 13 याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट का रुख किया था और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दर्ज केस को खारिज करने की मांग की थी।
क्या है मेकेदातु परियोजना
कावेरी नदी जल बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु में विवाद है। मेकेदातु परियोजना के तहत कर्नाटक सरकार रामनगर जिले के कनकपुरा में एक संतुलन जलाशय का निर्माण कराने की योजना बना रही है। इस परियोजना से बेंगलुरु और पड़ोसी क्षेत्रों को पीने का पानी मिल सकेगा और 400 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी होगा। हालांकि तमिलनाडु सरकार इसका विरोध कर रही है और उनका कहना है कि इस परियोजना से उनके राज्य में आने वाले पानी का प्रवाह रुक जाएगा या बाधित हो जाएगा। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। इसी परियोजना को लागू करने की मांग करते हुए कांग्रेस नेताओं ने पदयात्रा की थी, जिसके चलते उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ था।