फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Karnataka government begins survey of Scheduled Castes to collect empirical data

Karnataka: कर्नाटक सरकार ने शुरू की अनुसूचित जातियों की गिनती,  तीन चरणों में होगा सर्वे

Mon, 05 May 2025 08:22 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: राहुल कुमार Updated Mon, 05 May 2025 08:22 PM IST
सार

आयोग कर्नाटक सरकार  को 60 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। इस कवायद पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और 65,000 शिक्षकों को गणना कर्मी के रूप में शामिल किया जाएगा।

विज्ञापन
Karnataka government begins survey of Scheduled Castes to collect empirical data
सिद्धारमैया, सीएम, कर्नाटक - फोटो : ANI

विस्तार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सोमवार को कहा है कि राज्य में अनुसूचित जाति उप-वर्गीकरण पर सर्वे सोमवार को शुरू हो गया है। यह सर्वे 17 मई तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य में अनुसूचित जातियों की गणना चल रही है। हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश नागमोहन दास के नेतृत्व में एक-सदस्यीय आयोग का गठन किया गया है। उन्हें अनुसूचित जातियों की सूची में उप-कोटा पर स्पष्ट रिपोर्ट देने का काम सौंपा गया है। 

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: New CBI Director: सीबीआई के नए निदेशक के नाम पर मंथन; पीएम मोदी ने की अध्यक्षता, राहुल गांधी और CJI रहे मौजूद
विज्ञापन


तीन चरणों में होगा सर्वे
सीएम सिद्धारमैया ने बताया कि आयोग को 60 दिन में अपनी रिपोर्ट देनी है। इस कवायद पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और 65,000 शिक्षकों को गणना कर्मी के रूप में शामिल किया जाएगा। सिद्धरमैया ने कहा कि इस कवायद का उद्देश्य अनुसूचित जाति सूची में 101 जातियों पर अनुभवजन्य आंकड़ा तैयार करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस प्रक्रिया का दूसरा चरण 19 से 21 मई के बीच आयोजित किया जाएगा और इस चरण के तहत पहले चरण में छूट गए लोगों के लाभ के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। सिद्धरमैया ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण के लिए तीसरा चरण भी 19 मई से शुरू होगा और यह 23 मई तक चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने शहरों से बाहर रह रहे हैं, वे इसका लाभ उठा सकते हैं।


उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य एवं अन्य बनाम देवेन्द्र सिंह एवं अन्य मामले में 1 अगस्त, 2024 को दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले में अनुसूचित जातियों के भीतर उप-वर्गीकरण की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा,  शीर्ष अदालत के आदेश के आधार पर हमने न्यायमूर्ति नागमोहन दास आयोग का गठन किया है। 

सिद्धारमैया ने बताया कि आयोग स्पष्ट सिफारिशें देगा और अनुभवजन्य आंकड़े तैयार करेगा। इस उद्देश्य के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन भी विकसित किया गया है और एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। उन्होंने राज्य के अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों से आगे आकर इस अभियान को सफल बनाने की अपील की।

ये भी पढ़ें: Pawandeep Rajan: पवनदीप राजन की हेल्थ अपडेट आई, अस्पताल ने बताया कैसा है सिंगर; करनी होगी अब ये सर्जरी
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed