फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Karnataka: FIR against Hindi news channel, Consulting Editor allegations spreading misinformation govt scheme

Karnataka: पुलिस ने हिंदी समाचार चैनल-सलाहकार संपादक के खिलाफ दर्ज की FIR, गलत सूचना फैलाने का लगाया आरोप

Wed, 13 Sep 2023 04:39 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 13 Sep 2023 04:39 PM IST
सार

Karnataka: कर्नाटक पुलिस ने एक हिंदी समाचार चैनल और उसके सलाहकार संपादक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। उन पर राज्य सरकार की वाणिज्यिक वहन सब्सिडी योजना के बारे में गलत सूचना फैलाने का आरोप है।

विज्ञापन
Karnataka: FIR against Hindi news channel, Consulting Editor allegations spreading misinformation govt scheme
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कर्नाटक पुलिस ने एक हिंदी समाचार चैनल और उसके सलाहकार संपादक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। उन पर राज्य सरकार की वाणिज्यिक वहन सब्सिडी योजना के बारे में गलत सूचना फैलाने का आरोप है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। 

विज्ञापन

उन्होंने कहा, कर्नाटक अल्पसंख्यक विकास निगम (केएमडीसी) के सहायक प्रशासक शिवकुमार की शिकायत के बाद चैनल और उसके सलाहकार संपादक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 505 (सार्वजनिक शरारत के लिए बयान) और 153 ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

शिकायतकर्ता ने सलाहकार संपादक पर निगम द्वारा दी गई योजना के बारे में झूठी खबरें फैलाने और राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया। वहीं, प्राथमिकी पर प्रतिक्रिया देते हुए  चैनल के सलाहकार संपादक ने कहा कि वह इसके खिलाफ अदालत में लड़ने के लिए तैयार हैं।

विज्ञापन

चैनल के सलाहकार संपादक ने क्या दी प्रतिक्रिया
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा मेरे खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बारे में जानकारी मिली। इस सवाल का जवाब एफआईआर? वह भी गैर जमानती धाराओं के साथ। यानी गिरफ्तारी की पूरी तैयारी। मेरा सवाल था कि आत्मनिर्भर सारथी योजना में हिंदू समुदाय को शामिल क्यों नहीं किया गया? इस लड़ाई के लिए भी मैं तैयार हूं। अब अदालत में मिलेंगे।'

प्राथमिकी में क्या कहा गया
प्राथमिकी के मुताबिक, 11 सितंबर को एक समाचार कार्यक्रम में सलाहकार संपादक ने दावा किया कि कर्नाटक सरकार इस योजना को प्रदान कर रही है जो केवल अल्पसंख्यकों को लाभ देती है, न कि गैर-अल्पसंख्यक हिंदुओं को। यह राज्य में अल्पसंख्यक तुष्टीकरण का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इससे हिंदुओं के साथ अन्याय हो रहा है।
 

इसमें कहा गया है, 'इस तरह की खबरें प्रकाशित कर हिंदुओं और अन्य धर्मों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है। यह अशांति का माहौल बनाने और सांप्रदायिक दंगे भड़काने का भी प्रयास है। वह जो बयान दे रहे हैं, उससे पूरी तरह अवगत होने के बावजूद इस तरह की खबरें प्रकाशित करके वह राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की साजिश रच रहे हैं।'
 

कर्नाटक अल्पसंख्यक विकास निगम ने भी जारी किया बयान
केएमडीसी ने भी योजना के बारे में एक बयान जारी किया और आरोप लगाया कि चैनल ने खबर को तोड़-मरोड़कर पेश किया। बयान के अनुसार, केएमडीसी बेरोजगार युवाओं को ऑटोरिक्शा, सामान और टैक्सी खरीदने के लिए 50 फीसदी या तीन लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रहा है। इसके अलावा, देवराज उर्स विकास निगम, डॉ बी आर अंबेडकर विकास निगम, वाल्मीकि विकास निगम और आदि जम्भव विकास निगम द्वारा इसी तरह की कई योजनाएं लागू की गई हैं।

उन्होंने कहा, 'ये योजनाएं न केवल अल्पसंख्यक समुदाय के लिए थीं, बल्कि पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए भी थीं। यह हिंदू समुदाय के बेरोजगार युवाओं के लिए भी उपलब्ध थी। इन योजनाओं को मौजूदा कांग्रेस सरकार ने नहीं बल्कि पिछली भाजपा सरकार ने लागू किया था।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed