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Karnataka Election: जेडीएस को मिला बीआरएस का साथ, विधानसभा चुनाव में नहीं उतारेगी उम्मीदवार
Fri, 21 Apr 2023 11:47 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 21 Apr 2023 11:47 PM IST
सार
बीआरएस सुप्रीमो और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने अब तक महाराष्ट्र के नांदेड़ क्षेत्र में दो रैलियों को संबोधित किया है और 24 अप्रैल को छत्रपति संभाजी नगर (औरंगाबाद) में एक जनसभा को संबोधित करने वाले हैं।
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Karnataka Election 2023
- फोटो : Social Media
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विस्तार
तेलंगाना में सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जेडीएस को समर्थन दे रही है। मित्र पार्टी के मैदान में होने की वजह से उन्होंने 10 मई को होने वाले चुनाव में अपने किसी भी उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारने का फैसला किया है। बीआरएस को पहले टीआरएस के नाम से जाना जाता था। पिछले साल दिसंबर में राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश करने के लिए उन्होंने अपना नाम बदल लिया था।
बीआरएस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि पार्टी ने विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है क्योंकि जेडीएस उनका मित्र है। चुनाव में उम्मीदवार उतारने की योजना बनाने के लिए उसके पास पर्याप्त समय नहीं था।
कर्नाटक में 10 मई होने वाले चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया गुरुवार को समाप्त हो गई। बीआरएस द्वारा महाराष्ट्र में पैर जमाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की ओर इशारा करते हुए सूत्रों ने बताया कि पार्टी पर्याप्त तैयारी के बिना चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं है। बीआरएस सुप्रीमो और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने अब तक महाराष्ट्र के नांदेड़ क्षेत्र में दो रैलियों को संबोधित किया है और 24 अप्रैल को छत्रपति संभाजी नगर (औरंगाबाद) में एक जनसभा को संबोधित करने वाले हैं।
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राव जेडीएस के उम्मीदवारों के अनुरोध पर उनके समर्थन में प्रचार करने पर विचार कर सकते हैं। फिलहाल इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सूत्रों ने कहा कि बीआरएस इस बात से भी चिंतित है कि भाजपा विरोधी वोटों के बंटने के बाद कर्नाटक में भाजपा को फायदा हो सकता है।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस के नाते एच डी कुमारस्वामी हैदराबाद में पार्टी का नाम टीआरएस से बीआरएस बदलने के कार्यक्रम में उपस्थित थे। इलेक्शन कमिश्नर ने दिसंबर 2022 में भी पार्टी को नाम बदलने की अनुमति दे दी थी।
बीआरएस अपने पार्टी के उम्मीदवारों को महाराष्ट्र में बढ़ाने की कोशिश में जुटी हुई है। इसके लिए पार्टी ने बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं को भर्ती कर रही है। बीआरएस तेलंगाना के अलावा किसी अन्य राज्य में गंभीर दावेदार के तौर पर चुनावी मंच पर नहीं उतरी है। पार्टी ने 2022 के गुजरात और अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव नहीं लड़ी थी।
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बीआरएस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि पार्टी ने विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है क्योंकि जेडीएस उनका मित्र है। चुनाव में उम्मीदवार उतारने की योजना बनाने के लिए उसके पास पर्याप्त समय नहीं था।
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कर्नाटक में 10 मई होने वाले चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया गुरुवार को समाप्त हो गई। बीआरएस द्वारा महाराष्ट्र में पैर जमाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की ओर इशारा करते हुए सूत्रों ने बताया कि पार्टी पर्याप्त तैयारी के बिना चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं है। बीआरएस सुप्रीमो और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने अब तक महाराष्ट्र के नांदेड़ क्षेत्र में दो रैलियों को संबोधित किया है और 24 अप्रैल को छत्रपति संभाजी नगर (औरंगाबाद) में एक जनसभा को संबोधित करने वाले हैं।
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राव जेडीएस के उम्मीदवारों के अनुरोध पर उनके समर्थन में प्रचार करने पर विचार कर सकते हैं। फिलहाल इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सूत्रों ने कहा कि बीआरएस इस बात से भी चिंतित है कि भाजपा विरोधी वोटों के बंटने के बाद कर्नाटक में भाजपा को फायदा हो सकता है।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस के नाते एच डी कुमारस्वामी हैदराबाद में पार्टी का नाम टीआरएस से बीआरएस बदलने के कार्यक्रम में उपस्थित थे। इलेक्शन कमिश्नर ने दिसंबर 2022 में भी पार्टी को नाम बदलने की अनुमति दे दी थी।
बीआरएस अपने पार्टी के उम्मीदवारों को महाराष्ट्र में बढ़ाने की कोशिश में जुटी हुई है। इसके लिए पार्टी ने बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं को भर्ती कर रही है। बीआरएस तेलंगाना के अलावा किसी अन्य राज्य में गंभीर दावेदार के तौर पर चुनावी मंच पर नहीं उतरी है। पार्टी ने 2022 के गुजरात और अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव नहीं लड़ी थी।