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Hindi News ›   India News ›   Karnataka Assembly Election 2023 List of Key Candidates in Karnataka Vidhan Sabha Chunav Hot seats

कर्नाटक की हॉट सीटें: CM बोम्मई से सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार और कुमारस्वामी तक, दिग्गज नेताओं की सीट का गणित

Wed, 10 May 2023 11:45 AM IST
हिमांशु मिश्रा इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Wed, 10 May 2023 11:45 AM IST
सार

Karnataka Vidhan Sabha Chunav Hot seats : इस बार चुनाव लड़ने वालों में कई बड़े नेता भी हैं। खुद मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी जैसे कई दिग्गज मैदान में हैं। कर्नाटक सरकार के कई मंत्रियों का मुकाबला कांग्रेस और जेडीएस के बड़े नेताओं से है। भाजपा के कई बागी पार्टी बदलकर मैदान में उतर चुके हैं। 
 

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Karnataka Assembly Election 2023 List of Key Candidates in Karnataka Vidhan Sabha Chunav Hot seats
कर्नाटक चुनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कर्नाटक विधानसभा की सभी 224 सीटों पर आज मतदान हो रहा है। इसके साथ ही राज्य के 2,621 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी। 13 मई तय होगा कि राज्य में अगली सत्ता किसकी होगी। इससे पहले चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी तक ने पूरा जोर लगाया। जेडीएस से एचडी कुमार स्वामी ने भी अपने दिग्गज नेताओं की पूरी फौज लगाई।  
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इस बार चुनाव लड़ने वालों में कई बड़े नेता भी हैं। खुद मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी जैसे कई दिग्गज मैदान में हैं। कर्नाटक सरकार के कई मंत्रियों का मुकाबला कांग्रेस और जेडीएस के बड़े नेताओं से है। भाजपा के कई बागी पार्टी बदलकर मैदान में उतर चुके हैं। 
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आइए जानते हैं कर्नाटक की 10 हॉट सीटों के बारे में। कौन कहां से चुनाव लड़ रहा है और क्या समीकरण हैं? 
 

1. शिग्गांव: कर्नाटक की सबसे हाई प्रोफाइल सीट है। यहां से मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई चुनाव मैदान में हैं। उनके खिलाफ कांग्रेस ने यासिर अहमद खान पठान को टिकट दिया है। जेडीएस ने शशिधर चन्नबसप्पा यलीगर को चुनावी मैदान में उतारा है। 

शिग्गांव विघानसभा निर्वाचन क्षेत्र से बोम्मई लगातार तीन बार से जीतते आ रहे हैं। उन्होंने साल 2008 से ही इस क्षेत्र पर अपना कब्जा जमाया हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, यहां हुए पिछले 14 विधानसभा चुनावों में जेडीएस मात्र एक बार ही जीत पाई है, जबकी दो बार निर्दलीय उम्मीदवार जीतने में सफल रहे हैं।

सीएम बोम्मई के लगातार तीन बार यहां भाजपा को जीत दिला चुके हैं। वहीं, आठ बार इस सीट पर कांग्रेस को जीत मिली है। हालांकि, कांग्रेस आखिरी बार यहां से 1994 में जीती थी।  
 

2. वरुणा विधानसभा : राज्य की वरुणा विधानसभा सीट हाई-प्रोफाइल है। यहां से कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया चुनाव लड़ रहे हैं। सिद्धारमैया के खिलाफ भाजपा ने कर्नाटक सरकार के मंत्री वी. सोमन्ना को प्रत्याशी बनाया है। जेडीएस से डॉ. भारती शंकर उम्मीदवार हैं। 

2018 के चुनाव में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले टोआडप्पा बासवराजू पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। उन्हें वरुणा सीट पर 37,000 से ज्यादा वोट मिले थे। 2008 में परिसीमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आई। 2008 और 2013 में यहां से कांग्रेस के सिद्धारमैया जीते। 2018 में सिद्धारमैया के बेटे यतीन्द्र एस ने इस सीट पर कांग्रेस का परचम लहराया।  
 
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3. कनकपुरा: कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार कनकपुरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। शिवकुमार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने राजस्व मंत्री आर अशोक को मैदान में उतारा है। जेडीएस ने बी नागराजू को प्रत्याशी बनाया है। शिवकुमार इस सीट पर 2008, 2013 और 2018 में भी जीत दर्ज कर चुके हैं। 

कनकपुरा सीट पर हुए पिछले 14 चुनावों में से छह बार कांग्रेस को जीत मिली है। भाजपा यहां आज तक जीत दर्ज नहीं कर सकी है। एक-एक बार निर्दलीय, जेडीएस, जेडीयू और प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार यहां से जीते हैं। वहीं, दो-दो बार जनता पार्टी और जनता दल के उम्मीदवार यहां से जीतने में सफल रहे। 
 

4. चन्नापट्टन: इस सीट से जेडीएस प्रमुख एचडी कुमारस्वामी मैदान में हैं। कुमारस्वामी के खिलाफ भाजपा ने सीपी योगेश्वर और कांग्रेस ने गंगाधर एस. को टिकट दिया है। 2018 में भी कुमारस्वामी यहां से जीते थे। उन्होंने भाजपा के सीपी योगेश्वर को 21 हजार से ज्यादा वोट से हराया था। 

चन्नापट्टन सीट पर अब तक दो उपचुनाव समेत पिछले 16 चुनाव में छह बार कांग्रेस को जीत मिली है। वहीं, दो-दो बार जनता पार्टी, निर्दलीय और जेडीएस उम्मीदवार जीतने में सफल रहे। जबकि, एक-एक बार प्रजा सोशलिस्ट पार्टी, जनता दल, भाजपा और सपा को जीत मिली।  
 

5. अथणी : यहां से कर्नाटक के पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। लक्ष्मण सावदी हाल ही में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। लक्ष्मण सावदी के खिलाफ भाजपा ने महेश कुमाथल्ली ओर जेडीएस ने शशिकांत पदसालगी को मैदान में उतारा है। 

2018 में भाजपा के टिकट पर लड़े सादवी को महेश कुमाथल्ली ने हराया था। तब महेश कांग्रेस उम्मीदवार थे। हालांकि, बाद में बगावत करके वह भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद हुए उपचुनाव में महेश भाजपा के टिकट पर जीते थे। सादवी इस सीट से 2004, 2008 और 2013 में भाजपा के टिकट पर जीते थे। 
 

6. हुबली–धारवाड़ सेंट्रल: इस सीट से कर्नाटक के दिग्गज लिंगाायत नेता जगदीश शेट्टार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। शेट्टार कभी भाजपा के बड़े नेताओं में से एक थे। शेट्टार को भाजपा से टिकट नहीं मिला तो उन्होंने पार्टी छोड़ दी और कांग्रेस का दामन थाम लिया। जगदीश शेट्टार हुबली-धारवाड़ सेंट्रल से छह बार के विधायक हैं। बीजेपी ने इस सीट से महेश तेंगिनाकाई को उम्मीदवार बनाया गया है। 
 

7. सिरसी : इस सीट से कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी चुनाव लड़ रहे हैं। हेगड़े को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है। हेगड़े के खिलाफ कांग्रेस ने भीमन्ना नाईक को मैदान में उतारा है।  कागेरी यहां जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं। इस सीट पर पिछले पांच चुनाव में भाजपा को जीत मिली है। कांग्रेस को यहां 1989 में आखिरी बार जीत मिली थी। 
 

8. शिकारीपुर: इस सीट से भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजयेंद्र को टिकट मिला है। विजयेंद्र भाजपा से चुनाव लड़ रहे हैं। विजयेंद्र के खिलाफ कांग्रेस ने जीबी मलातेश को अपना उम्मीदवार बनाया है। इस बार येदियुरप्पा खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।
 
येदियुरप्पा यहां से आठ बार विधायक चुने जा चुके हैं। 1983 से ही यह सीट येदियुरप्पा का गढ़ रही है। तीस साल में उन्हें सिर्फ एक बार 1999 में हार का सामना करना पड़ा था। तब उन्हें कांग्रेस के महलिनगप्पा ने मात दी थी।

9. चित्तपुर: यहां से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे चुनाव लड़ रहे हैं। प्रियांक के खिलाफ भाजपा ने मणिकांता राठौड़ को मैदान में उतारा है। 2018 में इस सीट से प्रियांक खरगे ने जीत हासिल की थी। कांग्रेस के प्रियांक को 69700 वोट मिले थे। 2013 में भी प्रियांक यहां से जीते थे। 

वहीं, 2008 के विधानसभा चुनाव में प्रियांक के पिता मल्लिकार्जुन खरगे यहां से विधायक बने थे। हालांकि, 2009 में लोकसभा सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने यह सीट छोड़ दी थी। इसके बाद हुए उप चुनाव में प्रियांक को भाजपा के वाल्मिकी नायक ने हरा दिया था।

10. होलेनरसीपुर: यहां से जेडीएस ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के बड़े बेटे एचडी रवन्ना को मैदान में उतारा है। पिछली बार यानी 2018 में भी इस सीट से रवन्ना ने जीत हासिल की थी। रवन्ना के खिलाफ भाजपा ने देवराजे गौड़ा और कांग्रेस ने श्रेयस एम. पटेल को उम्मीदवार बनाया है।

 होलेनरसीपुर सीट देवगौड़ा परिवार का गढ़ है। रवन्ना के पिता एचडी देवगौड़ा यहां से 1962 में पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीते थे। इसके बाद लगातार छह बार एचडी देवगौड़ा यहां से जीते। 1989 में देवगौड़ा को कांग्रेस के जी पुत्तस्वामी गौड़ा ने हरा दिया था।

1994 में यहां से देवगौड़ा के बेटे एचडी रवन्ना यहां से उतरे। उन्होंने पुत्तस्वामी गौड़ा को हराकर पिता की हार का बदला लिया। हालांकि, 1999 में रवन्ना को कांग्रेस के ए डोडेगौड़ा ने हरा दिया। इसके बाद 2004, 2009, 2013 और 2018 में रवन्ना ने होलेनरसीपुर पर कब्जा बरकरार रखा।
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