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Karnataka: फर्जी खबरों पर सख्ती की तैयारी में सिद्धारमैया सरकार, तैयार किया मसौदा; सात साल की सजा का प्रावधान

Fri, 20 Jun 2025 11:23 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 20 Jun 2025 11:23 PM IST
सार

कर्नाटक सरकार सोशल मीडिया पर फैल रही फर्जी और गलत खबरों को रोकने के लिए नया कानून ला रही है। इस कानून के तहत झूठी खबर फैलाने पर 7 साल की जेल और 10 लाख तक जुर्माना हो सकता है। सरकार का कहना है कि यह कदम समाज की शांति और सुरक्षा के लिए जरूरी है।

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Karnataka draft bill to curb fake news proposes 7 years jail News In Hindi
सिद्धारमैया, सीएम, कर्नाटक - फोटो : ANI

विस्तार

सोशल मीडिया पर फर्जी और गलत खबरों पर अंकुश लगाने के लिए कर्नाटक सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत सरकार ने सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों और गलत जानकारी को रोकने के लिए एक सख्त कानून का मसौदा तैयार किया है। इस नए प्रस्तावित कानून का नाम है कर्नाटक मिसइनफॉर्मेशन एंड फेक न्यूज (प्रतिबंध) विधेयक, 2025। इसे जल्द ही कैबिनेट की अगली बैठक में पेश किया जाएगा।
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मामले में सरकार का कहना है कि भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है (वर्तमान में 27%) और सोशल मीडिया बहुत ताकतवर माध्यम बन चुका है। ऐसे में किसी भी झूठी खबर से देश में बड़ा बवाल मच सकता है। इसलिए लोगों को बिना सच्चाई जाने कोई भी मैसेज आगे नहीं बढ़ाना चाहिए।

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क्या है कानून का उद्देश्य?
वहीं इस कानून को लाने के पिछे के उद्देश्य की बात करें तो मामले में सिद्धारमैया सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया पर तेजी से फैलती झूठी और भ्रामक खबरें समाज की शांति, स्वास्थ्य, सुरक्षा और निष्पक्ष चुनावों में बाधा डालती हैं। इसी को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया जा रहा है।

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कानून में सख्त सजा का भी प्रावधान
कर्नाटक सरकार की ओर से जारी विज्ञाप्ति में बताया गया है कि अगर कोई जानबूझकर या लापरवाही से झूठी जानकारी फैलाता है, तो उसे 7 साल तक की जेल, या 10 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। वहीं कर्नाटक के अंदर या बाहर कोई भी व्यक्ति अगर राज्य में रहने वाले लोगों को गलत जानकारी भेजता है, तो उसे 2 से 5 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। इसके साथ ही अगर कोई फर्जी खबर फैलाने में किसी की मदद करता है, तो उसे 2 साल तक की जेल हो सकती है।


कैसे रखी जाएगी नजर?
बता दें कि इस कानून के देखरेख के लिए कर्नाटक की सरकार एक सोशल मीडिया पर फर्जी खबर रोकथाम प्राधिकरण बनाएगी। इसमें कन्नड़ और संस्कृति विभाग के मंत्री (अध्यक्ष), विधानसभा और विधान परिषद के एक-एक सदस्य, सोशल मीडिया कंपनियों के दो प्रतिनिधि और एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी (सचिव) जैसे लोग शामिल होंगे। 

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क्या-क्या होगा प्रतिबंधित?
इस कानून के तहत सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें, गलत बयान, एडिटेड वीडियो या झूठी बातें फैलाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। महिलाओं के प्रति अपमानजनक, अभद्र या एंटी-फेमिनिस्ट पोस्ट भी प्रतिबंधित होंगी। इसके साथ ही सनातन धर्म के प्रतीकों और विश्वासों का अपमान करने वाली सामग्री या अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाली पोस्ट पर भी रोक लगेगी।

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