फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Karnataka Dharmasthala Case CM Siddaramaiah Said Don't think there is need for NIA probe News In Hindi

Dharmasthala Row: 'SIT को जांच के लिए पूरी स्वतंत्रता, NIA की जरूरत नहीं', धर्मस्थल मामले में बोले सिद्धारमैया

Sun, 31 Aug 2025 03:23 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: शुभम कुमार Updated Sun, 31 Aug 2025 03:23 PM IST
सार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने धर्मस्थल में कथित दुष्कर्म और हत्याओं की जांच एनआईए को सौंपने की बात पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए SIT को पूरी स्वतंत्रता दी है। उन्होंने NIA जांच की मांग को खारिज करते हुए BJP-JDS पर राजनीति करने का आरोप लगाया।

विज्ञापन
Karnataka Dharmasthala Case CM Siddaramaiah Said Don't think there is need for NIA probe News In Hindi
सिद्धारमैया, सीएम, कर्नाटक - फोटो : ANI

विस्तार

कर्नाटक में धर्मस्थल पर कथित दुष्कर्म, हत्याएं और शवों को दफनाने के मामले में जांच तेज हो गई है। ऐसे में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने रविवार को कहा कि धर्मस्थल में बीते 20 वर्षों में कथित दुष्कर्म, हत्याएं और शवों को दफनाने के गंभीर आरोपों की जांच के लिए एनआईए की जरूरत नहीं है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को पूरी स्वतंत्रता दी गई है।

विज्ञापन

भाजपा और जेडीएस पर लगाए गंभीर आरोप
सीएम सिद्धारमैया ने आगे कर्नाटक में विपक्षी दल जेडीएस और भाजप पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष (जेडीएस और भाजपा) इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है। दोनों दल धर्मस्थल में अलग-अलग रैलियां कर रहे हैं और सरकार की आलोचना कर रहे हैं। लेकिन धर्मस्थल के धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े ने खुद एसआईटी जांच का स्वागत किया है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- SCO: पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के सामने उठाया आतंकवाद का मुद्दा; जानें और किन-किन मसलों पर हुई बात

विज्ञापन
विज्ञापन

सच्चाई सामने आनी चाहिए- सिद्धारमैया
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए। अगर जांच न हो, तो शक की तलवार हमेशा लटकी रहेगी। हमने एसआईटी इसीलिए बनाई है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया था और कई संगठनों ने एसआईटी की मांग की थी।



इसके साथ ही जब उनसे भाजपा की एनआईए जांच की मांग पर सवाल किया गया तो उन्होंने पलटकर पूछा कि जब भाजपा सत्ता में थी, तब क्या उन्होंने कोई मामला सीबीआई को सौंपा था? इसके अलावा सीएम ने स्पष्ट किया कि एसआईटी को जांच की पूरी छूट दी गई है और सरकार दखल नहीं दे रही।

ये भी पढ़ें:- SCO Summit: भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों के खिलाफ रूस-चीन एकजुट, ब्रिक्स की मजबूती पर व्लादिमीर पुतिन का जोर

क्या है पूरा मामला, समझिए
बता दें कि इस पूरे विवाद की शुरुआत सीएन चिन्नैया नामक शख्स के आरोपों से हुई, जिसे बाद में झूठे आरोप (झूठी गवाही) के मामले में गिरफ्तार किया गया। उसने दावा किया था कि पिछले 20 वर्षों में धर्मस्थल के जंगलों में कई शव, जिनमें कुछ महिलाओं के भी थे, दफनाए गए हैं। मामले में एसआईटी ने चिन्नैया द्वारा बताए गए स्थानों पर खुदाई की, जहां दो जगहों पर हड्डियों के अवशेष मिले हैं। अब जांच चल रही है और रिपोर्ट का इंतजार है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed