कर्नाटकः DGP ने जारी किया सर्कुलर, अल्पसंख्यकों के खिलाफ दर्ज सभी सांप्रदायिक केस होंगे वापस
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कर्नाटक की डीजीपी नीलमणि एन. राजू ने शुक्रवार (26 जनवरी) को एक ऐसा सर्कुलर जारी किया है, जिसके तहत राज्य में अल्पसंख्यकों के खिलाफ दर्ज सांप्रदायिक हिंसा के सभी केस वापस लिए जाएंगे। यह सर्कुलर केवल पिछले पांच सालों के दौरान दर्ज हुए केसों पर ही लागू होगा। सरकार ने इस कदम को युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उठाया है। सरकार का कहना है कि इस कदम के बाद ऐसे केसों में फंसे लोग को आत्मविश्वास के साथ भविष्य के लिए आगे बढ़ेंगे।
बता दें कि कर्नाटक डीजीपी ने पिछले साल मंगलुरु के पुलिस आयुक्तों, बेलागवी और 21 अन्य जिलों के पुलिस अधीक्षकों के द्वारा लिखे गए पत्र को लंबा राजनीतिक चक्कर लगाया है।बता दें दिसंबर 2017 में एक युवा परेश मोस्टा की मौत के बाद राज्य में व्यापक दंगे हुए थे। हत्या के आरोप का मामला अभी भी बड़ा है। इस मामले में कन्नड़ जिले में बीजेपी और हिंदू संगठनों को बर्खास्त किया गया। मामले में भाजपा के जिला प्रवक्ता राजेश नायक ने कहा अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिए जाने से बहुसंख्यक समुदाय के बीच असुरक्षा पैदा होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का पक्ष गलत है इसीलिए इस कदम का पूरजोर विरोध किया जाएगा।
गौरतलब है कि कर्नाटक में इसी साल चुनाव होने हैं। मौजूदा समय में यहां कांग्रेस की सरकार है और यहां के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया है। साल 2013 में कांग्रेस ने 121 सीटें जीतकर बीजेपी से सत्ता छीन ली थी। बीजेपी की हार की बड़ी वजह बीएस येदुरप्पा की बगावत भी रही है जो उस समय बीजेपी के मुख्यमंत्री भी रह चुके थे। लेकिन भ्रष्टचार के मुद्दे पर उन्हें हटा दिया गया था। लेकिन इस बार फिर से उन्हें सीएम पद का दावेदार घोषित किया गया है।
DGP #Karnataka released circular to take back cases filed in last five years against minorities who were involved in communal clashes
— ANI (@ANI) January 26, 2018