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Karnataka: 'लोगों का कर्ज उतारना है', चन्नापाटना सीट से उपचुनाव लड़ सकते हैं डीके शिवकुमार
Wed, 19 Jun 2024 03:33 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 19 Jun 2024 03:33 PM IST
सार
पहले ऐसी ही चर्चाएं थी कि चन्नापाटना सीट से डीके सुरेश ही चुनाव मैदान में उतर सकते हैं क्योंकि वह लोकसभा चुनाव बंगलूरू ग्रामीण सीट से हार गए हैं। अब ऐसा लग रहा है कि डीके शिवकुमार ही अपने भाई की हार का बदला लेने के लिए और क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने के लिए चन्नापाटना सीट से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।
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डीके शिवकुमार।
- फोटो : ANI
विस्तार
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने संकेत दिए हैं कि वह चन्नापाटना विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ सकते हैं। बुधवार को डीके शिवकुमार ने अपने एक बयान में कहा कि 'चन्नापाटना उनके दिल में है। चन्नापाटना ही वो जगह है, जहां से मेरा राजनीतिक जन्म हुआ। जो भी उनकी पार्टी और जनता आदेश देगी, वो उन्हें मानना पड़ेगा।' गौरतलब है कि जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी के लोकसभा चुनाव में जीत और केंद्र सरकार में मंत्री बनाए जाने के बाद उन्हें चन्नापाटना सीट खाली करनी होगी।
शिवकुमार ने दिए चन्नापाटना से चुनाव लड़ने के संकेत
शिवकुमार बुधवार को चन्नापाटना के नजदीकी रामनगर जिले के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने कहा 'चन्नापाटना सीट पहले सथानुर का हिस्सा थी। मुझे चन्नापाटना से प्यार है, मैं चन्नापाटना की मदद करना चाहता हूं उसे बदलना चाहता हूं।' अपने भाई और पूर्व सांसद डीके सुरेश के चन्नापाटना सीट से उपचुनाव लड़ने की संभावनाओं को डीके शिवकुमार ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि 'ऐसा कुछ तय नहीं है, अभी में लोगों से अपने लिए ही वोट मांगूंगा।' पहले ऐसी ही चर्चाएं थी कि चन्नापाटना सीट से डीके सुरेश ही चुनाव मैदान में उतर सकते हैं क्योंकि वह लोकसभा चुनाव बंगलूरू ग्रामीण सीट से हार गए हैं। अब ऐसा लग रहा है कि डीके शिवकुमार ही अपने भाई की हार का बदला लेने के लिए और क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने के लिए चन्नापाटना सीट से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।
चन्नापाटना सीट बंगलूरू ग्रामीण लोकसभा सीट का ही हिस्सा है। सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार अगर चन्नापाटना से उपचुनाव लड़ते हैं तो वह अपनी कनकपुरा सीट को खाली कर सकते हैं और कनकपुरा सीट से डीके सुरेश चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। शिवकुमार कनकपुरा सीट से साल 2008 से विधायक हैं। कनकपुरा और चन्नापाटना सीटें रामनगर जिले का हिस्सा हैं और यह जिला वोक्कालिगा समुदाय बहुल है। वोक्कालिगा के वोट अभी डीके शिवकुमार और जेडीएस पार्टी के बीच बंटते हैं। शिवकुमार की कोशिश है कि वह जेडीएस के वोटबैंक को भी अपने पाले में कर सकें। चन्नापाटना सीट से डीके शिवकुमार के चुनाव लड़ने को भी इसी एंगल से देखा जा रहा है।
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भाजपा-जेडीएस से इन नेताओं के नाम की चर्चा
शिवकुमार ने कहा 'मुश्किल समय (हालिया लोकसभा चुनाव) में भी चन्नापाटना के लोगों ने हमें करीब 80 हजार वोट दिए। मुझे लोगों का कर्ज उतारना है। यहां विकास करने के लिए यह एक अवसर है। शिवकुमार ने कहा कि वह मतदाताओं से बात करेंगे और उनकी और पार्टी के नेताओं की सुनेंगे। उसके बाद ही वह कोई फैसला करेंगे।' चन्नापाटना सीट से भाजपा एमएलसी सीपी योगेश्वर के नाम की भी चर्चा है। वह भाजपा-जेडीएस के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। साथ ही कुमारस्वामी के बेटे और अभिनेता से नेता बने निखिल कुमारस्वामी के भी चन्नापाटना से चुनाव लड़ने की चर्चाएं हैं। 2023 के चुनाव में रामनगर सीट पर निखिल को हार का सामना करना पड़ा था।
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शिवकुमार ने दिए चन्नापाटना से चुनाव लड़ने के संकेत
शिवकुमार बुधवार को चन्नापाटना के नजदीकी रामनगर जिले के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने कहा 'चन्नापाटना सीट पहले सथानुर का हिस्सा थी। मुझे चन्नापाटना से प्यार है, मैं चन्नापाटना की मदद करना चाहता हूं उसे बदलना चाहता हूं।' अपने भाई और पूर्व सांसद डीके सुरेश के चन्नापाटना सीट से उपचुनाव लड़ने की संभावनाओं को डीके शिवकुमार ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि 'ऐसा कुछ तय नहीं है, अभी में लोगों से अपने लिए ही वोट मांगूंगा।' पहले ऐसी ही चर्चाएं थी कि चन्नापाटना सीट से डीके सुरेश ही चुनाव मैदान में उतर सकते हैं क्योंकि वह लोकसभा चुनाव बंगलूरू ग्रामीण सीट से हार गए हैं। अब ऐसा लग रहा है कि डीके शिवकुमार ही अपने भाई की हार का बदला लेने के लिए और क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने के लिए चन्नापाटना सीट से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।
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चन्नापाटना सीट बंगलूरू ग्रामीण लोकसभा सीट का ही हिस्सा है। सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार अगर चन्नापाटना से उपचुनाव लड़ते हैं तो वह अपनी कनकपुरा सीट को खाली कर सकते हैं और कनकपुरा सीट से डीके सुरेश चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। शिवकुमार कनकपुरा सीट से साल 2008 से विधायक हैं। कनकपुरा और चन्नापाटना सीटें रामनगर जिले का हिस्सा हैं और यह जिला वोक्कालिगा समुदाय बहुल है। वोक्कालिगा के वोट अभी डीके शिवकुमार और जेडीएस पार्टी के बीच बंटते हैं। शिवकुमार की कोशिश है कि वह जेडीएस के वोटबैंक को भी अपने पाले में कर सकें। चन्नापाटना सीट से डीके शिवकुमार के चुनाव लड़ने को भी इसी एंगल से देखा जा रहा है।
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भाजपा-जेडीएस से इन नेताओं के नाम की चर्चा
शिवकुमार ने कहा 'मुश्किल समय (हालिया लोकसभा चुनाव) में भी चन्नापाटना के लोगों ने हमें करीब 80 हजार वोट दिए। मुझे लोगों का कर्ज उतारना है। यहां विकास करने के लिए यह एक अवसर है। शिवकुमार ने कहा कि वह मतदाताओं से बात करेंगे और उनकी और पार्टी के नेताओं की सुनेंगे। उसके बाद ही वह कोई फैसला करेंगे।' चन्नापाटना सीट से भाजपा एमएलसी सीपी योगेश्वर के नाम की भी चर्चा है। वह भाजपा-जेडीएस के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। साथ ही कुमारस्वामी के बेटे और अभिनेता से नेता बने निखिल कुमारस्वामी के भी चन्नापाटना से चुनाव लड़ने की चर्चाएं हैं। 2023 के चुनाव में रामनगर सीट पर निखिल को हार का सामना करना पड़ा था।