कर्नाटक कांग्रेस में सियासी घमासान जारी, 'चाणक्य' ने संभाला मोर्चा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर घमासान अभी भी जारी है। भाजपा नेता व पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के कुछ असंतुष्ट विधायकों के साथ होने के दावे के बाद सियासत और गर्म हो गई है। इसी कड़ी में रविवार को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष एमबी पाटिल का बयान आया है।
पाटिल ने कहा, 'मेरे दिमाग में जो भी था, मैंने वो राहुल गांधी को बता दिया। उन्होंने बड़े धैर्य के साथ सुना और मेरे द्वारा दी गई सूचना से वह काफी प्रसन्न थे। मीडिया का एक हिस्सा खबरें चला रहा है कि मुझे कोई पद चाहिए, लेकिन ये खबरें गलत हैं।'
Whatever I had in my mind, I told Rahul Gandhi ji, he listened very patiently and he was very happy with the information I gave. A section of media is reporting that I want some post which is false: MB Patil, Congress MLA #Karnataka pic.twitter.com/8z6nyR9L7y
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 10, 2018
इससे पहले, कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के संकटमोचक माने जाने वाले डीके शिवकुमार ने कहा कि येदियुरप्पा को अपनी हार स्वीकार कर लेनी चाहिए। जनता ने उन्हें जनादेश नहीं दिया है। हां, कांग्रेस पार्टी के कुछ नेता असंतुष्ट चल रहे थे, लेकिन अब उन्हें मना लिया गया है। हमने समस्या का समाधान निकाल लिया है। मैं सभी विधायकों के संपर्क में हूं। कुछ भी गलत नहीं होगा।
शिवकुमार, कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता हैं। उन्होंने कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन में न सिर्फ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वह पहले भी विभिन्न राज्यों में कांग्रेस को संकट की स्थिति होने पर एकजुट रखने में अहम भूमिका निभा चुके हैं।Yeddyurappa has to accept the defeat, people haven't given him the mandate. Some leaders were unhappy but we have sorted the issues. I'm in touch with all MLAs nothing will go wrong: DK Shivakumar, Karnataka Min on Yeddyurappa’s claim of some Congs-JDS leaders wanting to join BJP pic.twitter.com/OOfSCobjI9
— ANI (@ANI) June 10, 2018
उल्लेखनीय है कि शनिवार को येदियुरप्पा ने दावा किया था कि सत्ताधारी कांग्रेस व जेडीएस के कई असंतुष्ट नेता भाजपा के साथ जुड़ने के लिए तैयार हैं। सत्ताधारी गठबंधन के दोनों दलों में सामने आए असंतोष पर अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए येदियुरप्पा ने ये टिप्पणी की थी।
बता दें कि कर्नाटक के असंतुष्ट विधायकों ने एमबी पाटिल के नेतृत्व में कल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मुलाकात की थी। बैठक के बाद पाटिल ने कहा था कि वे अब अपने साथ मौजूद 15-20 विधायकों के साथ चर्चा करने के बाद ही अगले कदम को लेकर निर्णय लेंगे। हालांकि उन्होंने ये भी कहा था कि भाजपा ने उनसे संपर्क नहीं किया है और ना ही वे भगवा पार्टी से संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, मेरी लड़ाई कांग्रेस के अंदर की है।
मालूम हो कि राज्य विधानसभा में सबसे ज्यादा 104 सीटें पाने के बाद सरकार बनाने का दावा कर मुख्यमंत्री बने येदियुरप्पा सदन में विश्वास मत हासिल नहीं कर पाए थे। इसके बाद कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने सरकार बनाई।