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Karnataka: CM सिद्धारमैया ने NDA सरकार पर लगाया कर्नाटक को धोखा देने का आरोप; कहा- हर मेहनती कन्नड़ का मजाक...
Fri, 17 Jan 2025 05:43 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Fri, 17 Jan 2025 05:43 PM IST
सार
सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक का हिस्सा संघीय बजट में नहीं बढ़ा है। उदाहरण के लिए, 2018-19 में राज्य को 46,288 करोड़ रुपये मिले थे, लेकिन 2024-25 में सिर्फ 44,485 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिसमें 15,299 करोड़ रुपये अतिरिक्त अनुदान हैं।
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सिद्धारमैया, मुख्यमंत्री, कर्नाटक
- फोटो : ANI
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विस्तार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को एनडीए सरकार की आलोचना की। उन्होंने राज्य को धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य को मिलने वाली धनराशि में भारी कटौती की गई है। केंद्र सरकार ने राज्य को जो कुल 1,73,030 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, उसमें से कर्नाटक को सिर्फ 6,310 करोड़ रुपये दिए गए, जो पिछले आवंटनों की तुलना में बहुत कम है। इसे उन्होंने गंभीर अन्याय करार दिया। यह अन्याय हर मेहनती कन्नड़ का मजाक उड़ाता है।
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कर्नाटक का हिस्सा संघीय बजट में नहीं बढ़ा
उन्होंने यह भी बताया कि कर्नाटक का हिस्सा संघीय बजट में नहीं बढ़ा है। उदाहरण के लिए, 2018-19 में राज्य को 46,288 करोड़ रुपये मिले थे, लेकिन 2024-25 में सिर्फ 44,485 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिसमें 15,299 करोड़ रुपये अतिरिक्त अनुदान हैं।
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राज्य का हिस्सा स्थिर
उन्होंने आगे कहा, 'भारत की आबादी का केवल पांच फीसदी होने के बावजूद, कर्नाटक देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 8.4 फीसदी का योगदान देता है। हम जीएसटी संग्रह में दूसरे स्थान पर हैं। 17 फीसदी वृद्धि के साथ जीएसटी वृद्धि में देश का नेतृत्व करते हैं। हालांकि, कर्नाटक के महत्वपूर्ण योगदान के बावजूद, केंद्रीय बजट 2018-19 में 24.42 लाख करोड़ रुपये से दोगुना होकर 2024-25 में 48.20 लाख करोड़ रुपये हो गया है, फिर भी राज्य का हिस्सा स्थिर है। 2018-19 में, कर्नाटक को 46,288 करोड़ रुपये मिले, लेकिन 2024-25 में, इसे अनुदान में अतिरिक्त 15,299 करोड़ रुपये के साथ केवल 44,485 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। कर्नाटक जो इतना योगदान दे रहा है, उसे सालाना कम से कम एक लाख करोड़ रुपये मिलने चाहिए, लेकिन उसे उसके सही हिस्से से वंचित रखा जा रहा है।'
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हर साल 4.5 लाख करोड़ रुपये का योगदान
सीएम सिद्धारमैया ने कहा, 'कर्नाटक देश की जीडीपी में 8.4 फीसदी का योगदान देता है, फिर भी उसे उसका उचित हिस्सा नहीं मिल रहा है। राज्य हर साल 4.5 लाख करोड़ रुपये का योगदान करता है, लेकिन उसे सिर्फ 45,000 करोड़ रुपये कर हिस्सेदारी और 15,000 करोड़ रुपये अनुदान के रूप में मिलते हैं, जो बहुत कम हैं। यह हमारे द्वारा योगदान किए जाने वाले प्रत्येक रुपये के बदले मात्र 13 पैसे है?'
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि कर्नाटक का कर हिस्से को 15वें वित्त आयोग द्वारा कम कर दिया गया, जिससे राज्य को पांच सालों में 79,770 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके बावजूद, केंद्र सरकार ने राज्य को क्षतिपूर्ति देने के लिए जो 5,495 करोड़ रुपये का विशेष अनुदान सुझाया था, उसे भी अस्वीकार कर दिया।
एक साथ आने का किया आह्वान
मुख्यमंत्री ने कर्नाटक के लोगों से एकजुट होने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक का योगदान बहुत बड़ा है, लेकिन उसे उसका सही हिस्सा नहीं मिल रहा है और यह अन्याय अब और सहन नहीं किया जाएगा।
कर्नाटक अब और बर्दाश्त नहीं करेगा: सीएम
उन्होंने कहा, 'कर्नाटक अपने अद्वितीय योगदान के बावजूद खुद की देखभाल करने के लिए छोड़ दिया गया है। हमारे टैक्स का पैसा यूपी, बिहार और एमपी में भाजपा नेताओं के खजाने का निर्माण करता है, जबकि हमारे लोग बाढ़, सूखे और अन्य संकटों के दौरान पीड़ित होते हैं। यह अन्याय जवाब मांगता है 'हमारा कर, हमारा अधिकार' कर्नाटक अब और बर्दाश्त नहीं करेगा। हम जाति, धर्म और राजनीति से ऊपर उठकर हर कन्नड़ का आह्वान करते हैं कि वे इस भेदभाव के खिलाफ उठ खड़े हों। आइए उस चीज के लिए लड़ें जिस पर हमारा हक है!'