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Karnataka: 'भाजपा सरकार नीच है', कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का विवादित बयान, केंद्र पर लगाए ये आरोप
Thu, 07 Sep 2023 01:07 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरू
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 07 Sep 2023 01:07 PM IST
सार
सिद्धारमैया ने कहा कि 'जब मैं पिछले कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री था तो मैंने लोगों को सात किलो चावल मुफ्त दिया था लेकिन पिछली भाजपा सरकार ने इस घटाकर चार-पांच किलो कर दिया था।'
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डी.के. शिवकुमार
- फोटो : ट्विटर/सिद्धारमैया
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विस्तार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्र की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार को गरीब विरोधी और पूंजीपतियों की सरकार बताया। सिद्धारमैया इतने नाराज हैं कि उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार को 'नीच' तक कह दिया है। सिद्धारमैया का आरोप है कि केंद्र सरकार ने राज्य को अतिरिक्त चावल की सप्लाई देने से मना कर दिया है।
आरोप- केंद्र ने चावल की सप्लाई करने से किया इनकार
बता दें कि कर्नाटक सरकार ने अपनी अन्न भाग्य योजना के लिए हर लाभार्थी को अतिरिक्त 5 किलोग्राम चावल देने का एलान किया था। इसी योजना के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से चावल की सप्लाई करने की मांग की थी। सिद्धारमैया ने कहा कि 'जब मैं पिछले कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री था तो मैंने लोगों को सात किलो चावल मुफ्त दिया था लेकिन पिछली भाजपा सरकार ने इस घटाकर चार-पांच किलो कर दिया था। विधानसभा चुनाव के दौरान मैंने वादा किया था मैं अतिरिक्त पांच किलो चावल और दूंगा।'
केंद्र सरकार को बताया गरीब विरोधी
सिद्धारमैया ने कहा कि 'उनकी सरकार और फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के बीच चावलों की आपूर्ति के लिए समझौता भी हो गया था लेकिन केंद्र ने हमें चावल देने से मना कर दिया। हमने मुफ्त में चावल नहीं मांगे थे, हम इसके भुगतान के लिए तैयार थे। जब हमने चावल मांगे तो वह इसके लिए तैयार थे लेकिन बाद में पीछे हट गए। अब आप ही बताइए कि वह कितने नीच हैं। वह गरीब विरोधी हैं और उनमें मानवता नहीं है।'
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सिद्धारमैया ने कहा कि हम अपनी पांच गारंटी योजनाओं को लागू करेंगे और राज्य को दिवालिया भी नहीं होने देंगे। बता दें कि कांग्रेस ने वादा किया था कि कर्नाटक की सत्ता में आने पर वह महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा, गृह लक्ष्मी योजना के तहत परिवार की एक महिला को दो हजार रुपए प्रतिमाह, गृह ज्योति योजना के तहत हर घर को 200 यूनिट मुफ्त बिजली और अन्न भाग्य योजना के तहत हर बीपीएल परिवार को 10 किलो चावल मुफ्त देंगे।
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आरोप- केंद्र ने चावल की सप्लाई करने से किया इनकार
बता दें कि कर्नाटक सरकार ने अपनी अन्न भाग्य योजना के लिए हर लाभार्थी को अतिरिक्त 5 किलोग्राम चावल देने का एलान किया था। इसी योजना के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से चावल की सप्लाई करने की मांग की थी। सिद्धारमैया ने कहा कि 'जब मैं पिछले कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री था तो मैंने लोगों को सात किलो चावल मुफ्त दिया था लेकिन पिछली भाजपा सरकार ने इस घटाकर चार-पांच किलो कर दिया था। विधानसभा चुनाव के दौरान मैंने वादा किया था मैं अतिरिक्त पांच किलो चावल और दूंगा।'
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केंद्र सरकार को बताया गरीब विरोधी
सिद्धारमैया ने कहा कि 'उनकी सरकार और फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के बीच चावलों की आपूर्ति के लिए समझौता भी हो गया था लेकिन केंद्र ने हमें चावल देने से मना कर दिया। हमने मुफ्त में चावल नहीं मांगे थे, हम इसके भुगतान के लिए तैयार थे। जब हमने चावल मांगे तो वह इसके लिए तैयार थे लेकिन बाद में पीछे हट गए। अब आप ही बताइए कि वह कितने नीच हैं। वह गरीब विरोधी हैं और उनमें मानवता नहीं है।'
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सिद्धारमैया ने कहा कि हम अपनी पांच गारंटी योजनाओं को लागू करेंगे और राज्य को दिवालिया भी नहीं होने देंगे। बता दें कि कांग्रेस ने वादा किया था कि कर्नाटक की सत्ता में आने पर वह महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा, गृह लक्ष्मी योजना के तहत परिवार की एक महिला को दो हजार रुपए प्रतिमाह, गृह ज्योति योजना के तहत हर घर को 200 यूनिट मुफ्त बिजली और अन्न भाग्य योजना के तहत हर बीपीएल परिवार को 10 किलो चावल मुफ्त देंगे।