सिद्धारमैया ने केंद्रीय मंत्री हेगड़े को बोला 'नालायक',कहा- संविधान से की छेड़छाड़ तो बहेगा खून
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह सहित विपक्षी पार्टियों का चौतरफा हमला झेल रहे कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सोमवार को आक्रामक नजर आए। जैसे -जैसे कर्नाटक विधानसभा मतदान की तारीख करीब आ रही है राजनीतिक पार्टियों की एक दूसरे पर बयानबाजी भी तेज होती जा रही है। यही नहीं बयानबाजी अब अपशब्दों में तब्दील हो रही है।
बयानबाजी के इस दौड़ में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को बातों -बातों में केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े को 'नालायक' तक कह दिया। उन्होंने कहा कि अनंत कुमार हेगड़े को बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री बना दिया है जबकि वह एक ग्राम पंचायत नेता बनने लायक भी नहीं है।
सिद्धारमैया बीजेपी पर और नरेंद्र मोदी सरकार पर चौतरफा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सामाजिक न्याय में विश्वास नहीं करती है जो सामाजिकता और गरीबों के लिए ठीक नहीं है। यही नहीं उन्होंने कहा कि जिस तरह से मोदी सरकार संविधान में कई तरह के बदलाव करने की कोशिश कर रहे हैं मैं बता देना चाहता हूं कि इससे देश में खून की नदियां बह जाएंगी।
BJP doesn't believe in social justice,good for poor&socialism. Ananth Kumar Hegde is 'nalayak' not fit to be a gram panchayat leader&they have made him Union Minister. If Narendra Modi tries to change Constitution there will be bloodshed in this country: Karnataka CM Siddaramaiah pic.twitter.com/3Ld6Co6DAg
— ANI (@ANI) May 7, 2018
अच्छे दिन, अच्छे दिन लेकिन कहां हैं अच्छे दिन?
सिद्धारमैया ने कहा कि पीएम पिछले कई वर्षों से अच्छे दिन, अच्छे दिन कहते रहते हैं लेकिन कहां हैं अच्छे दिन? उन्होंने कहा कि वह समझते हैं कि कर्नाटक के लोग हिंदी नहीं समझते तो मैं यह बता दूं कि हम बहुत अच्छे से हिंदी समझते भी हैं और समझा भी सकते हैं।
सोमवार को सीएम सिद्धारमैया सुबह से ही आक्रामक नजर आए। सुबह उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्हें चुप रहने की हिदायत तक डे डाली। मामला था महादयी नदी के पानी बंटवारे का। सीएम से जब एक पत्रकार ने जल विवाद के बारे में पूछा तो उन्होंने गुस्से में रिपोर्टर को चुप रहने की सलाह दे डाली। रिपोर्टर ने जब सीएम से पूछा कि महादयी जल का निर्णय सोनिया गांधी ने लिया था तो वह गुस्से में बोले कि यह निर्णय प्रधानमंत्री का था न कि सोनिया गांधी का।
फिर रिपोर्टर ने सीएम से पूछा कि क्या सचमुच सोनिया गांधी ने पानी के पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। अब सीएम का गुस्सा सातवें आसमान पर था और उन्होंने लगभग डांटते हुए कहा जिस मुद्दे की आपको समझ नहीं है उस विषय पर आप चुप रहिए।
अब बारी सीएम की थी। उन्होंने पिछले दिनों येदियुरप्पा के बयान पर उन्हें आड़े हाथों लेते हुए कहा कि क्या कोई किसी को घसीटते हुए, हाथ पैर बांध कर पोलिंग बूथ तक ले जा सकता है। यह येदियुरप्पा की गुंडागर्दी है।