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गुटखे में मिलावट: तंबाकू माफियाओं पर भड़के CM शिवकुमार, क्या कर्नाटक में अब पूरी तरह बैन हो जाएगा पान मसाला?
Sun, 28 Jun 2026 04:53 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, बंगलूरू।
पीटीआई, बंगलूरू।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 28 Jun 2026 04:53 PM IST
सार
क्या कर्नाटक सरकार राज्य से नशे के कारोबार को पूरी तरह उखाड़ फेंकेगी? मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने गुटखा और पान मसाला में नशीले पदार्थों की मिलावट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की सीधी चेतावनी दी है। सरकार अब मेडिकल छात्रों की मदद से पूरे राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है।
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डीके शिवकुमार, मुख्यमंत्री कर्नाटक
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने रविवार को तंबाकू माफियाओं को चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अगर पान मसाला और गुटखा में नशीले पदार्थ मिलाने की पुष्टि हुई, तो सरकार पूरे राज्य में इन उत्पादों को पूरी तरह प्रतिबंधित कर देगी। वह राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के 31वें स्थापना दिवस और बंगलूरू में आयोजित 'नशा मुक्त भारत सम्मेलन' को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने युवाओं और मेडिकल छात्रों से इस मुहिम में आगे आने की अपील की। क्या सच में हमारे आसपास बिकने वाले गुटखे में जहर घोला जा रहा है? आखिर क्यों सरकार को इतनी सख्त चेतावनी देनी पड़ी? आइए जानते हैं इस पूरे मामले की कड़वी सच्चाई।
सरकार के पास क्या है इनपुट और क्या होगी कार्रवाई?
मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने बताया कि उन्हें कुछ बेहद चिंताजनक जानकारियां मिली हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे इनपुट मिले हैं कि अब पान मसाला और गुटखा जैसे उत्पादों में भी नशा पैदा करने वाले तत्व मिलाए जा रहे हैं।' मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अगर जांच में किसी भी उत्पाद में थोड़ी सी भी नशीली सामग्री पाई गई, तो कर्नाटक में उसे तुरंत बैन कर दिया जाएगा।
युवाओं को दलदल से निकालने के लिए क्या है प्लान?
नशे के बढ़ते जाल पर चिंता जताते हुए सीएम ने इसे समाज की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि आज बेहद कम उम्र के बच्चे और युवा इस जाल में फंस रहे हैं। क्या हम अपनी आने वाली पीढ़ी को इस अंधेरे में धकेल सकते हैं? सरकार ने इस खतरे से निपटने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के आसपास विशेष निगरानी और कड़े नियम लागू करने का फैसला किया है।
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इस मुहिम में मेडिकल छात्रों की क्या भूमिका होगी?
मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी यूनिवर्सिटी के छात्रों से इस अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनने का आह्वान किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के शब्दों को याद करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही कल के भारत का निर्माण करेंगे। इसलिए युवाओं को सुरक्षित रखना हमारी पहली जिम्मेदारी है।
यह भी पढ़ें: 'अवसरों का सागर बनेगा हिंद महासागर': PM मोदी का बड़ा बयान, भारत-सेशेल्स के बीच किन-किन समझौतों पर लगी मुहर?
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सरकार के पास क्या है इनपुट और क्या होगी कार्रवाई?
मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने बताया कि उन्हें कुछ बेहद चिंताजनक जानकारियां मिली हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे इनपुट मिले हैं कि अब पान मसाला और गुटखा जैसे उत्पादों में भी नशा पैदा करने वाले तत्व मिलाए जा रहे हैं।' मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अगर जांच में किसी भी उत्पाद में थोड़ी सी भी नशीली सामग्री पाई गई, तो कर्नाटक में उसे तुरंत बैन कर दिया जाएगा।
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युवाओं को दलदल से निकालने के लिए क्या है प्लान?
नशे के बढ़ते जाल पर चिंता जताते हुए सीएम ने इसे समाज की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि आज बेहद कम उम्र के बच्चे और युवा इस जाल में फंस रहे हैं। क्या हम अपनी आने वाली पीढ़ी को इस अंधेरे में धकेल सकते हैं? सरकार ने इस खतरे से निपटने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के आसपास विशेष निगरानी और कड़े नियम लागू करने का फैसला किया है।
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- गुटखा और पान मसाला में नशीले पदार्थ मिलाने की खुफिया रिपोर्ट मिली।
- मिलावट साबित होने पर राज्य में इन उत्पादों को तुरंत बैन किया जाएगा।
- कर्नाटक में 70 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज हैं, जहां हर साल 13,940 डॉक्टर तैयार होते हैं।
- राज्य के इस सबसे बड़े हेल्थ साइंसेज विश्वविद्यालय में कुल 4 लाख से अधिक छात्र पढ़ते हैं।
- बंगलूरू साउथ जिले में जल्द ही राजीव गांधी यूनिवर्सिटी का नया कैंपस शुरू होने जा रहा है।
इस मुहिम में मेडिकल छात्रों की क्या भूमिका होगी?
मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी यूनिवर्सिटी के छात्रों से इस अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनने का आह्वान किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के शब्दों को याद करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही कल के भारत का निर्माण करेंगे। इसलिए युवाओं को सुरक्षित रखना हमारी पहली जिम्मेदारी है।
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