कर्नाटक में CM पद पर विवाद: सिद्धारमैया के घर नाश्ते के बाद बोले शिवकुमार- हाईकमान की हर बात मानेंगे
सिद्धारमैया के आवास पर हुई बैठक के बाद दोनों नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। सीएम सिद्धारमैया ने इस दौरान कहा कि उनके और शिवकुमार के बीच कोई मतभेद नहीं है और भविष्य में भी कोई मतभेद नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह हमारे प्रति फैलाई गई गलतफहमी थी, जिसके पीछे भाजपा थी।
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तनाव की खबरों पर क्या बोले सीएम सिद्धारमैया?
सिद्धारमैया ने कहा, "जहां तक मुझे पता है, कुछ MLA मंत्री बनना चाहते हैं, इसलिए वे हाईकमान से मिलने गए होंगे। इसका मतलब यह नहीं है कि वे नेतृत्व के खिलाफ़ हैं। उनमें से कुछ ने मुझसे बात की और बताया कि वे दिल्ली क्यों गए थे। हाईकमान जो भी कहेगा, हम उसे मानेंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "भाजपा और जेडीएस को झूठे आरोप लगाने की आदत है। इन दलों ने बयान दिया है कि वे अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे। उनके पास सिर्फ 60 विधायक हैं, और जेडीएस के पास 18 हैं। वे हमारी संख्या का मुकाबला नहीं कर सकते। हमारे पास 140 विधायक हैं। यह एक बेकार की कोशिश है। हम उनके झूठे आरोपों का सामना करेंगे।"
क्या बोले डीके शिवकुमार?
दूसरी तरफ डीके शिवकुमार ने इस प्रेस वार्ता में कहा, "राज्य के लोग अपना पूरा समर्थन दे रहे हैं। हम अपने वादे के मुताबिक काम कर रहे हैं। हमें लोगों की इच्छाएं पूरी करनी हैं। हम उस दिशा में काम कर रहे हैं। हाईकमान जो भी कहेगा, हम उसे मानेंगे। पार्टी में कोई ग्रुप नहीं है। अभी भी हम मिलकर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जो भी कहा, मैं उनके साथ हूं। हम मिलकर काम कर रहे हैं।"
डिप्टी सीएम ने आगे कहा, "जहां तक नेतृत्व की बात है, हम अपनी पार्टी हाईकमान को मानते हैं। वे जो भी कहते हैं, वह हमारा फैसला है। हम पार्टी के वफादार सिपाही रहे हैं। हम जानते हैं कि हमारे देश में पार्टी मुश्किल दौर से गुजर रही है। लेकिन हमें भरोसा है कि कर्नाटक एक बड़ी भूमिका निभाएगा, हम 2028 में सरकार दोहराएंगे और मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल के नेतृत्व में 2029 में भी आगे बढ़ेंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "हमने मिलकर काम किया है। कर्नाटक के लोगों ने हमें भारी बहुमत दिया है। कर्नाटक के लोगों से किए गए सभी वादों को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है। आज, हमने 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति और विपक्ष से कैसे निपटना है, इस पर चर्चा की। वे कई मुद्दे उठाने की कोशिश कर सकते हैं। हम जवाब देने के लिए तैयार हैं।"
नाश्ते के दौरान एक्स पर किया था पोस्ट
इससे पहले कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने नाश्ते के दौरान एक्स पर पोस्ट कर कहा, "आज सुबह नाश्ते के लिए कावेरी रेजिडेंस पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात हुई। कर्नाटक की प्राथमिकताओं और आगे के रास्ते पर एक अच्छी चर्चा हुई।"
ಮಾನ್ಯ ಮುಖ್ಯಮಂತ್ರಿಗಳಾದ ಶ್ರೀ ಸಿದ್ದರಾಮಯ್ಯ ಅವರನ್ನು ಇಂದು ಅವರ ಕಾವೇರಿ ನಿವಾಸದಲ್ಲಿ ಭೇಟಿಯಾಗಿ ಉಪಾಹಾರ ಸಭೆ ನಡೆಸಲಾಯಿತು.
— DK Shivakumar (@DKShivakumar) November 29, 2025
Met Hon’ble CM Shri @siddaramaiah avaru at Cauvery Residence this morning for a breakfast meeting. A productive discussion on Karnataka’s priorities and the road ahead. pic.twitter.com/qhe7q5RNvi
मुख्यमंत्री पद को लेकर खिंची थीं तलवारें
बता दें कि कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धरमैया और डीके शिवकुमार के बीच जारी सियासी तनाव पर सख्त कदम उठाते हुए दोनों से जल्द से जल्द खुद इस मामले को सुलझाने को कहा है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि शीर्ष नेतृत्व ने दोनों से अलग-अलग बात कर उन्हें मामला सुलझाने के लिए कहा। आलाकमान से आए फोन के बाद शनिवार को सिद्धरमैया ने शिवकुमार को सुबह के नाश्ते पर आमंत्रित किया था।
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा, "कोई डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाना चाहता है, कोई सिद्धारमैया को बनाए रखना चाहता है, और कोई मुझे सीएम बनाना चाहता है, और कोई किसी और को चाहता है। इसलिए आप लोगों की उम्मीदों को रोक नहीं सकते। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। मुझे नहीं लगता कि यह गलत है। यह हाई कमान पर निर्भर करता है। इन सभी घटनाओं पर हाई कमान की नजर जरूर होती है। वे इन घटनाक्रमों पर ध्यान देते हैं, और वे उन्हें सुलझा लेंगे।"
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विपक्ष ने ली चुटकी
कर्नाटक नेतृत्व विवाद पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक आर. अशोक ने कहा, "यह कर्नाटक की राजनीति में बेहद अहम चरण है। सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच लड़ाई सड़क पर आ गई है। कांग्रेस हाईकमान कमजोर है। डीके शिवकुमार की मांग के मुताबिक, आधे टर्म का पावर-शेयरिंग का फॉर्मूला लागू होना चाहिए, लेकिन सिद्धारमैया नहीं जा रहे हैं। पिछले एक साल से कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। सीएम और डिप्टी सीएम के बीच कोई सहयोग-सामंजस्य नहीं है। कोई मंत्री काम नहीं कर रहा है, सब घर बैठे हैं और विधानसभा भी नहीं आ रहे। पूरा राज्य इस बात को लेकर भ्रम में है कि मुख्यमंत्री कौन है। आज हमारी भाजपा और जेडीएस की बैठक है।"
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