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कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार जल्द संभव: शिवकुमार सरकार में 20 पद हैं खाली, मंत्री के बयान से क्या संकेत?
Sun, 05 Jul 2026 07:37 PM IST
Pavan
पीटीआई, बंगलूरू
पीटीआई, बंगलूरू
Published by: Pavan
Updated Sun, 05 Jul 2026 07:37 PM IST
सार
कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने संकेत दिए हैं कि राज्य में मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगस्त में होने वाले विधानसभा सत्र से पहले नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है। फिलहाल मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के पास करीब 20 विभागों का अतिरिक्त प्रभार है।
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डीके शिवकुमार और रामलिंगा रेड्डी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार जल्द हो सकता है। राज्य के जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने रविवार को संकेत दिए कि अगस्त में होने वाले विधानसभा सत्र से पहले नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। मीडिया से बातचीत में रेड्डी ने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार कभी भी और जल्द हो सकता है। उन्होंने कहा कि विधानसभा का सत्र अगस्त में प्रस्तावित है और उससे पहले पूरी मंत्रिपरिषद का गठन होना जरूरी है।
यह भी पढ़ें- West Bengal: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से पहले कोलकाता में तनाव, भाजपा ने TMC पर क्या लगाया आरोप?
उन्होंने बताया कि फिलहाल मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के पास करीब 20 विभागों का अतिरिक्त प्रभार है। ऐसे में सरकार चाहती है कि सभी विभागों की जिम्मेदारी अलग-अलग मंत्रियों को सौंप दी जाए, ताकि विधानसभा सत्र के दौरान कामकाज बेहतर ढंग से चल सके।
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अभी केवल 14 मंत्री, जबकि 34 तक हो सकते हैं
वर्तमान में कर्नाटक मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री हैं। नियमों के अनुसार राज्य में अधिकतम 34 मंत्री बनाए जा सकते हैं। यानी अभी मंत्रिमंडल में कई पद खाली हैं, जिन्हें जल्द भरा जा सकता है।
मंत्री बनने की दौड़ तेज
कांग्रेस सरकार में मंत्री बनने के लिए पार्टी के कई विधायक सक्रिय हो गए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में कई विधायक अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए दिल्ली भी पहुंचे और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
यह भी पढ़ें- Air India Express: विदेश घूमने का सपना अब सस्ता! यह एयरलाइन कंपनी दे रही 15% तक की छूट, जानें पूरी डिटेल
क्यों अहम है यह विस्तार?
कर्नाटक सरकार के कई विभाग फिलहाल मुख्यमंत्री के पास हैं। ऐसे में नए मंत्रियों की नियुक्ति होने से विभागों का कामकाज सुचारु होगा और अगस्त में होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान सरकार पर प्रशासनिक बोझ भी कम होगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कांग्रेस नेतृत्व मंत्रिमंडल विस्तार को अंतिम मंजूरी कब देता है।
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उन्होंने बताया कि फिलहाल मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के पास करीब 20 विभागों का अतिरिक्त प्रभार है। ऐसे में सरकार चाहती है कि सभी विभागों की जिम्मेदारी अलग-अलग मंत्रियों को सौंप दी जाए, ताकि विधानसभा सत्र के दौरान कामकाज बेहतर ढंग से चल सके।
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अभी केवल 14 मंत्री, जबकि 34 तक हो सकते हैं
वर्तमान में कर्नाटक मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री हैं। नियमों के अनुसार राज्य में अधिकतम 34 मंत्री बनाए जा सकते हैं। यानी अभी मंत्रिमंडल में कई पद खाली हैं, जिन्हें जल्द भरा जा सकता है।
मंत्री बनने की दौड़ तेज
कांग्रेस सरकार में मंत्री बनने के लिए पार्टी के कई विधायक सक्रिय हो गए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में कई विधायक अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए दिल्ली भी पहुंचे और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
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क्यों अहम है यह विस्तार?
कर्नाटक सरकार के कई विभाग फिलहाल मुख्यमंत्री के पास हैं। ऐसे में नए मंत्रियों की नियुक्ति होने से विभागों का कामकाज सुचारु होगा और अगस्त में होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान सरकार पर प्रशासनिक बोझ भी कम होगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कांग्रेस नेतृत्व मंत्रिमंडल विस्तार को अंतिम मंजूरी कब देता है।