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महाराष्ट्र की 'महाभारत' के बाद अब कर्नाटक का 'नाटक', येदियुरप्पा सरकार का भविष्य आज होगा तय

Mon, 09 Dec 2019 12:33 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: देव कश्यप Updated Mon, 09 Dec 2019 12:33 AM IST
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Karnataka by polls Result important for BJP if defeated then Big political Drama seen in Karnataka
BS Yediyurappa visited Sri Manjunatha Swamy Temple - फोटो : ANI
आज का दिन कर्नाटक के लिए बहुत अहम है। राज्य में 15 सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आएंगे। इसी बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि येदियुरप्पा सरकार को सत्ता में बने रहने के लिए जरूरी छह सीटें अगर भाजपा नहीं जीत पाती है तो क्या कर्नाटक में भी महाराष्ट्र की महाभारत की तरह 'नाटक' देखने को मिलेंगे।
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तय होगा येदियुरप्पा सरकार का भविष्य 

चार महीने पुरानी बीएस येदियुरप्पा सरकार का भविष्य आज तय होगा, जब 15 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आएंगे। इन सीटों पर पांच दिसंबर को वोट डाले गए थे। वोटों की गिनती सुबह आठ बजे शुरू होगी और दोपहर तक सभी सीटों के नतीजे आने की संभावना है। भाजपा को सत्ता में बने रहने के लिए कम से कम छह सीटें जीतना जरूरी है। 

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क्यों आई उपचुनाव की नौबत  

कांग्रेस और जेडीएस के 17 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद 15 सीटों पर उपचुनाव कराया गया। हाईकोर्ट में चल रहे मुकदमे की वजह से दो सीटों पर उपचुनाव नहीं कराया गया है। इन 15 सीटों में से 12 पर कांग्रेस और तीन जेडीएस के पास थीं। 224 सदस्यों वाली विधानसभा में 17 विधायकों के अयोग्य घोषित होने के बाद यह संख्या 207 पर आ गई थी और 29 जुलाई को बीएस येदियुरप्पा ने विश्वास मत हासिल कर लिया। 
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क्या है बहुमत का गणित : 

  • भाजपा के पास एक निर्दलीय समेत 105 विधायक हैं
  • कांग्रेस के 66 व जेडीएस के 34 विधायक हैं 
  • बसपा का एक, एक नामित विधायक और स्पीकर भी हैं 
  • 15 सीटों पर चुनाव के बाद विधानसभा की क्षमता 222 हो जाएगी 
  • भाजपा को बहुमत के लिए 111 विधायकों का समर्थन चाहिए होगा 
  • भाजपा को छह सीटें जीतने पर सरकार को बहुमत हासिल हो जाएगा

येदियुरप्पा की किस्मत कहती है कुछ और कहानी

येदियुरप्पा ने अबतक चार बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है , लेकिन किस्मत ने उनका कभी साथ नहीं दिया। उन्होंने किसी बार भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया।
 

चार बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं येदियुरप्पा

  1. कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा ने 26 जुलाई 2019 को चौथी बार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल वजूभाई वाला ने राजभवन में आयोजित एक समारोह में 76 साल के येदियुरप्पा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। तत्कालीन मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी द्वारा विधानसभा में पेश विश्वास मत प्रस्ताव 105 के मुकाबले 99 मतों से गिर गया था।
  2. इससे पहले तीसरी बार मई 2018 में विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, लेकिन वह पद पर तीन दिन ही टिक पाए थे।
  3. 2008 में कर्नाटक से राष्ट्रपति शासन खत्म होने के बाद राज्य में 13वीं विधानसभा के लिए चुनाव हुआ था। दूसरी बार येदियुरप्पा ने बतौर सीएम 30 मई 2008 को शपथ ली थी। इस बार भी उन्होंने पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया। तीन साल 66 दिन के कार्यकाल के बाद 4 अगस्त 2011 को उनकी सरकार सत्ता से बेदखल हो गई और कर्नाटक में 5 अगस्त 2011 को कांग्रेस के सदानंद गौड़ा मुख्यमंत्री बन गए।
  4. पहली बार येदियुरप्पा 12 नवंबर 2007 को मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन सात दिन बाद ही 19 नवंबर को उनकी सरकार गिर गई और राज्य में राष्ट्रपति शासन लग गया।

भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिए साथ आ सकते हैं कांग्रेस-जेडीएस

महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनाने के बाद कांग्रेस की नजर अब कर्नाटक उपचुनाव पर है। कर्नाटक में कांग्रेस ने बीते रविवार को संकेत दिया था कि उपचुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा को बहुमत के लिए जरूरी सीटें नहीं मिल पाने की स्थिति में वह एक बार फिर जेडीएस के साथ हाथ मिला सकती है। कांग्रेस ने कहा था कि वह एक बार फिर जेडीएस के साथ हाथ मिलाने के विरूद्ध नहीं है। वहीं जेडीएस के नेता पहले ही ऐसे संकेत दे चुके हैं कि पार्टी ऐसी संभावना के लिए तैयार है। 

गौरतलब है कि कांग्रेस और जेडीएस कर्नाटक में 14 महीने तक गठबंधन सरकार चला चुकी हैं और दोनों ने मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि, 17 विधायकों की बगावत के बाद गत जुलाई में एचडी कुमारस्वामी सरकार गिरने के पश्चात दोनों पार्टियां अलग हो गई थीं और दोनों ने अलग-अलग उपचुनाव लड़ा। मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ भाजपा को राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत में बने रहने के लिए 15 निर्वाचन क्षेत्रों में हो रहे उपचुनाव में कम से कम छह सीटें जीतना जरूरी है। इसके बाद भी सदन में दो सीटें मास्की और आर आर नगर रिक्त रहेंगी।

देवगौड़ा ने अयोग्य घोषित विधायकों को की थी हराने की अपील 

पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस प्रमुख एचडी देवगौड़ा ने जनता से अयोग्य घोषित विधायकों को उप चुनाव में हराने की अपील की थी। देवगौड़ा ने चुनाव से पहले ट्वीट किया था, ‘उप चुनाव पर देश की नजर होगी। समय आ गया है जब कर्नाटक की जनता अयोग्य विधायकों को हराए और राज्य की गरिमा को कायम रखे।’ 

एग्जिट पोल भाजपा के पक्ष में 

वहीं एग्जिट पोल की बात करें तो स्थानीय चैनलों ने भाजपा को 9 से 12 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। वोटों की गिनती से पहले येदियुरप्पा ने कहा, हम अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। लोगों को भी हमसे यही उम्मीद है। वहीं, कांग्रेस व जेडीएस ने विश्वास जताया है कि अयोग्य ठहराए जाने के बाद अब भाजपा से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को जनता नकार देगी। 

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