कर्नाटक: BJP विधायक मुनिरत्ना दो दिन की हिरासत में भेजे गए; गृह मंत्री परमेश्वर ने दिलाया न्याय का भरोसा
कर्नाटक के भाजपा विधायक मुनिरत्ना को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। मामला जान से मारने की धमकी, जातिवादी गाली देने, और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने से जुड़ा है। भाजपा विधायक मुनिरत्ना के अलावा वीजी कुमार, अभिषेक, वसंत कुमार सहित कुल चार लोगों के नाम एफआईआर में दर्ज हैं।
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कर्नाटक में भाजपा विधायक मुनिरत्ना को पुलिस ने दो दिन की हिरासत में लिया है। मुनिरत्ना को आंध्र प्रदेश जाने के दौरान पकड़ा गया। मुनिरत्ना पर उत्पीड़न और रिश्वतखोरी के आरोप लगे हैं।इस मामले में कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने रविवार को कहा, बृहत बंगलूरू महानगर पालिका (बीबीएमपी) ठेकेदार को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुनिरत्ना के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। परमेश्वर ने पूर्व मंत्री मुनिरत्ना की गिरफ्तारी के पीछे किसी भी तरह की बदले की राजनीति से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई कानूनी प्रावधानों के आधार पर की गई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
जातिवादी गाली देने, धोखाधड़ी समेत कई गंभीर आरोप
बता दें कि भाजपा विधायक मुनिरत्ना बंगलूरू की राजराजेश्वरी नगर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। पुलिस ने उन्हें शनिवार शाम कोलार के मुलबागल के नांगली गांव से हिरासत में लिया। मुनिरत्ना पर एक पूर्व पार्षद को जातिवादी गाली देने, धोखाधड़ी और एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं। शिकायतकर्ताओं में से एक ठेकेदार चेलुवराजू ने अपने और मुनिरत्ना के बीच फोन पर हुई बातचीत की कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जारी की है। शिकायत के मुताबिक सितंबर, 2023 में मुनिरत्ना ने थप्पड़ मारा और लगातार उत्पीड़न के कारण उनके मन में आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठाने का विचार भी आया।
मुनिरत्ना को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया
गृह मंत्री परमेश्वर ने कहा, पुलिस के पास दर्ज शिकायत के मुताबिक मुनिरत्ना ने दो लोगों से बहुत अपमानजनक तरीके से बात की। एक पीड़ित पूर्व पार्षद सह ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं। दूसरा एक ठेकेदार है। दोनों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। मामले के तमाम पहलुओं की जांच हो रही है। मुनिरत्ना को स्थानीय न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने मुनिरत्ना को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। उनकी आवाज के नमूने का सत्यापन कराने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) में जांच कराई जाएगी।
बदले की नीयत से कार्रवाई के आरोप, गृह मंत्री परमेश्वर ने खंडन किया
इससे पहले शनिवार को एक वीडियो बयान जारी कर मुनिरत्ना ने अपने खिलाफ आरोपों को बेबुनियाद करार दिया था। उन्होंने दावा किया था कि उनके खिलाफ बदले की नीयत से कार्रवाई हो रही है। साजिश रची जा रही है। गृह मंत्री परमेश्वर ने कहा, पीड़ितों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। बदले की राजनीति की बात गलत है। उन्होंने सवाल किया कि क्या मुनिरत्ना के खिलाफ कांग्रेस या किसी और ने शिकायत की है? कार्रवाई न करने पर भी आरोप लगते हैं, ऐसे में पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।
भाजपा ने कारण बताओ नोटिस भेजा, पांच दिनों में देना होगा जवाब
यह भी दिलचस्प है कि मामला तूल पकड़ने पर भाजपा ने अनुशासनहीनता के आधार पर मुनिरत्ना को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। पार्टी ने पांच दिनों के भीतर अनुशासन समिति के समक्ष आरोपों को स्पष्ट करने को कहा है। मुनिरत्ना के खिलाफ तीस लाख रुपये की रिश्वत और 2021 में मुनिरत्ना ने ठोस कचरा प्रबंधन के ठेके के लिए 20 लाख रुपये मांगने के आरोप भी लगे हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक भुगतान के बावजूद उन्हें दस ऑटो ट्रिपर वाहन नहीं मिले।
भाजपा विधायक के अलावा तीन और लोगों पर आरोप
पुलिस हिरासत में लिए जाने के मामले में कोलार पुलिस अधीक्षक (एसपी) बी निखिल ने बताया कि उन्हें उस वक्त हिरासत में लिया गया, जब वे आंध्र प्रदेश जा रहे थे। भाजपा विधायक मुनिरत्ना के अलावा वीजी कुमार, अभिषेक, वसंत कुमार सहित चार लोगों के नाम एफआईआर में दर्ज हैं। एफआईआर में धारा 37, 506, 505, 385, 420 और 323 के तहत आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं के तहत भी आरोप लगाए हैं।