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Karnataka: बेटा BJP चीफ बना तो पूर्व CM येदियुरप्पा बोले, कभी सिफारिश नहीं की, कांग्रेस बोली- वंशवादी राजनीति
Sat, 11 Nov 2023 03:55 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sat, 11 Nov 2023 03:55 PM IST
सार
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बेटे विजयेंद्र को भाजपा की कमान सौंपी गई है। इस फैसले के पीछे अपनी भूमिका के बारे में येदियुरप्पा ने कहा है कि उन्हें इसकी उम्मीद नहीं थी। ऐसे में उन्होंने पार्टी आलाकमान से इस पर कभी बात ही नहीं की।
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कर्नाटक भाजपा के नए प्रमुख विजयेंद्र और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा (फाइल)
- फोटो : social media
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विस्तार
कर्नाटक की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा का कद काफी बड़ा है। येदियुरप्पा ने कुछ दिनों पहले प्रदेश भाजपा प्रमुख और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति को लेकर बात की थी। ताजा घटनाक्रम में येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजयेंद्र को कर्नाटक बीजेपी का प्रमुख बनाया गया है। भाजपा आलाकमान के इस फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयेंद्र को भाजपा प्रमुख नियुक्त किया जाएगा, उन्हें इसकी उम्मीद नहीं थी। उन्होंने इस फैसले के लिए पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व पर किसी तरह का दवाब बनाने से भी इनकार किया। बकौल येदियुरप्पा, बेटे को पार्टी का अध्यक्ष बनाने के लिए पार्टी नेतृत्व से उन्होंने कभी नहीं पूछा।
बेटे के पार्टी अध्यक्ष बनने के अगले दिन येदियुरप्पा ने शनिवार को विश्वास जताया कि विजयेंद्र संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी में सभी को साथ लेकर चलेंगे। उन्होंने कहा कि विजयेंद्र यह सुनिश्चित करेंगे कि आगामी चुनावों के दौरान भाजपा राज्य की कुल 28 लोकसभा सीटों में से 25 से अधिक सीटें जीते। येदियुरप्पा ने प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को लेकर एक सवाल के जवाब में कहा, ''हममें से किसी ने भी उम्मीद नहीं की थी, चाहे आप मानें या न मानें, एक दिन भी मैंने दिल्ली में किसी से विजयेंद्र को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के लिए नहीं कहा। आप किसी से भी पूछ सकते हैं।''
कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लिया। "इस बीच मेरी कोई भूमिका नहीं थी।" भाजपा ने शुक्रवार को येदियुरप्पा के छोटे बेटे विजयेंद्र को भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किया। वह अब तक पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष थे.
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47 वर्षीय विजयेंद्र शिवमोग्गा जिले के शिकारीपुरा से पहली बार भाजपा विधायक बने हैं। विजयेंद्र दक्षिण कन्नड़ से तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके नलिन कुमार कतील की जगह ले रहे हैं। नलिन ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा किया था। कुछ ही महीने पहले हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्हें पिछले साल विस्तार दिया गया था।
पूरे राज्य में पार्टी कार्यकर्ता उत्साह के साथ विजयेंद्र की प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति का जश्न मना रहे हैं। इन खबरों पर येदियुरप्पा ने कहा, उचित समय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और नड्डा ने सही निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, "हम आने वाले दिनों में राज्य भर में यात्रा करेंगे, हमारा लक्ष्य आगामी लोकसभा चुनाव है। 25 से अधिक सीटें जीतने के लक्ष्य के साथ, हमने पहले ही काम शुरू कर दिया है। मैं बहुत बड़े पैमाने पर राज्य भर में यात्रा करूंगा।" विजयेंद्र भी अलग से यात्रा करेंगे। हम सब मिलकर अधिक लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य हासिल करने के लिए काम करेंगे। जब नरेंद्र मोदी जैसा नेता देश के प्रधानमंत्री है, भाजपा को कर्नाटक से 25 से कम सीटें नहीं मिलनी चाहिए।"
कांग्रेस ने विजयेंद्र की नियुक्ति को भाजपा में 'वंशवाद की राजनीति' का सबूत करार दिया। कर्नाटक कांग्रेस ने शुक्रवार को 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "येदियुरप्पा के बेटे को बधाई, जिन्हें उनकी योग्यता के आधार पर भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष चुना गया है।" कांग्रेस ने कहा, 'येदियुरप्पा का बेटा होना' विजयेंद्र की योग्यता है। इन आरोपों पर येदियुरप्पा ने कहा, "उन्हें ऐसे आरोप लगाने दीजिए, ये कोई मुद्दा है ही नहीं। राज्य भर में यात्रा करने और लोगों की प्रतिक्रिया देखने के बाद, उन्हें प्रतिक्रिया देनी चाहिए।"
विजयेंद्र की नियुक्ति से पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के नाराज होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "ऐसी कोई बात नहीं है, किसी ने कोई असंतोष व्यक्त नहीं किया है। सभी ने एकजुट होकर इसका (नियुक्ति) स्वागत किया है।"
क्या विजयेंद्र के लिए आगे की राह कठिन होगी? इस पर पूर्व सीएम येदियुरप्पा ने कहा, जिम्मेदारी संभालने के बाद किसी भी व्यक्ति के लिए कोई भी भूमिका आसान नहीं होती। उन्होंने कहा, "25 लोकसभा सीटें जीतने के लिए पूरे राज्य में यात्रा करनी होगी, संगठन को मजबूत करना होगा। चूंकि पार्टी कार्यकर्ता उत्साहित हैं, मेरा मानना है कि उस लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल नहीं होगा।" विजयेंद्र पार्टी में सभी को एक साथ लाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा, "हम यह देखेंगे कि कोई भी नेता पार्टी न छोड़े। पूर्व मुख्यमंत्री के मुताबिक जो लोग भाजपा छोड़कर बाहर जा चुके हैं, उन्हें वापस लाने का प्रयास भी किया जाएगा।
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बेटे के पार्टी अध्यक्ष बनने के अगले दिन येदियुरप्पा ने शनिवार को विश्वास जताया कि विजयेंद्र संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी में सभी को साथ लेकर चलेंगे। उन्होंने कहा कि विजयेंद्र यह सुनिश्चित करेंगे कि आगामी चुनावों के दौरान भाजपा राज्य की कुल 28 लोकसभा सीटों में से 25 से अधिक सीटें जीते। येदियुरप्पा ने प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को लेकर एक सवाल के जवाब में कहा, ''हममें से किसी ने भी उम्मीद नहीं की थी, चाहे आप मानें या न मानें, एक दिन भी मैंने दिल्ली में किसी से विजयेंद्र को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के लिए नहीं कहा। आप किसी से भी पूछ सकते हैं।''
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कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लिया। "इस बीच मेरी कोई भूमिका नहीं थी।" भाजपा ने शुक्रवार को येदियुरप्पा के छोटे बेटे विजयेंद्र को भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किया। वह अब तक पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष थे.
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47 वर्षीय विजयेंद्र शिवमोग्गा जिले के शिकारीपुरा से पहली बार भाजपा विधायक बने हैं। विजयेंद्र दक्षिण कन्नड़ से तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके नलिन कुमार कतील की जगह ले रहे हैं। नलिन ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा किया था। कुछ ही महीने पहले हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्हें पिछले साल विस्तार दिया गया था।
पूरे राज्य में पार्टी कार्यकर्ता उत्साह के साथ विजयेंद्र की प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति का जश्न मना रहे हैं। इन खबरों पर येदियुरप्पा ने कहा, उचित समय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और नड्डा ने सही निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, "हम आने वाले दिनों में राज्य भर में यात्रा करेंगे, हमारा लक्ष्य आगामी लोकसभा चुनाव है। 25 से अधिक सीटें जीतने के लक्ष्य के साथ, हमने पहले ही काम शुरू कर दिया है। मैं बहुत बड़े पैमाने पर राज्य भर में यात्रा करूंगा।" विजयेंद्र भी अलग से यात्रा करेंगे। हम सब मिलकर अधिक लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य हासिल करने के लिए काम करेंगे। जब नरेंद्र मोदी जैसा नेता देश के प्रधानमंत्री है, भाजपा को कर्नाटक से 25 से कम सीटें नहीं मिलनी चाहिए।"
कांग्रेस ने विजयेंद्र की नियुक्ति को भाजपा में 'वंशवाद की राजनीति' का सबूत करार दिया। कर्नाटक कांग्रेस ने शुक्रवार को 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "येदियुरप्पा के बेटे को बधाई, जिन्हें उनकी योग्यता के आधार पर भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष चुना गया है।" कांग्रेस ने कहा, 'येदियुरप्पा का बेटा होना' विजयेंद्र की योग्यता है। इन आरोपों पर येदियुरप्पा ने कहा, "उन्हें ऐसे आरोप लगाने दीजिए, ये कोई मुद्दा है ही नहीं। राज्य भर में यात्रा करने और लोगों की प्रतिक्रिया देखने के बाद, उन्हें प्रतिक्रिया देनी चाहिए।"
विजयेंद्र की नियुक्ति से पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के नाराज होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "ऐसी कोई बात नहीं है, किसी ने कोई असंतोष व्यक्त नहीं किया है। सभी ने एकजुट होकर इसका (नियुक्ति) स्वागत किया है।"
क्या विजयेंद्र के लिए आगे की राह कठिन होगी? इस पर पूर्व सीएम येदियुरप्पा ने कहा, जिम्मेदारी संभालने के बाद किसी भी व्यक्ति के लिए कोई भी भूमिका आसान नहीं होती। उन्होंने कहा, "25 लोकसभा सीटें जीतने के लिए पूरे राज्य में यात्रा करनी होगी, संगठन को मजबूत करना होगा। चूंकि पार्टी कार्यकर्ता उत्साहित हैं, मेरा मानना है कि उस लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल नहीं होगा।" विजयेंद्र पार्टी में सभी को एक साथ लाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा, "हम यह देखेंगे कि कोई भी नेता पार्टी न छोड़े। पूर्व मुख्यमंत्री के मुताबिक जो लोग भाजपा छोड़कर बाहर जा चुके हैं, उन्हें वापस लाने का प्रयास भी किया जाएगा।