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कर्नाटक विधानसभा चुनावः भाजपा-कांग्रेस का प्रचार चरम पर, JDS ने भरा सरकार बनाने का दम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Updated Sat, 05 May 2018 06:50 PM IST
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कर्नाटक विधानसभा चुनाव कई मामलों में रोचक होता जा रहा है। चुनाव में जहां दो मुख्य पार्टियां सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी अपनी-अपनी जीत और सत्ता हासिल करने का ताल ठोंक रही हैं, वहीं जनता दल सेक्युलर एक ऐसी पार्टी के रूप में उभरी है जो कांग्रेस और भाजपा के लिए गले का फांस बन गई है। एक ओर जहां मुखिया एचडी देवेगौड़ा की पार्टी जेडीएस चुनाव में तुरुप का इक्का बनती जा रही है। इसी जद्दो जहद के बीच मामला एक बार फिर तब पलट गया जब शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने जेडीएस की पूरी हवा को बदल लिया। पीएम ने कहा कि कांग्रेस और जनता दल ऐसा दिखा रही हैं कि दोनों पार्टियां इस चुनाव में एक दूसरे के आमने सामने हैं। लेकिन सच्चाई ये है कि दोनों पार्टियों में गुप्त समझौता है और दोनों ही पार्टियां एक दूसरे के लिए लड़ रही है।
जबकि पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से जेडीएस की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाए जाने के बाद राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया था। पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस नेता एचडी देवगौड़ा खुद भी प्रधानमंत्री मोदी की लगातार तारीफ किए जा रहे थे।
वहीं दूसरी तरफ कयास ये लगाया जा रहा था कि जेडीएस कांग्रेस पार्टी के साथ है और दोनों ही पार्टियों में गुप्त गठबंधन है। लेकिन सिद्धारमैया ने पिछले दिनों यह कह कर कि कांग्रेस राज्य में आसानी से चुनाव जीत रही है नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जेडीएस या अन्य किसी दल से मदद की जरूरत नहीं है। सिद्धारमैया ने कहा कि मोदी का देवगौड़ा की तारीफ करना एक राजनीतिक बयान है और यह साफ दिखाता है कि भाजपा और जेडीएस के बीच मूक सहमति है। भाजपा नेता जेडीएस की आलोचना नहीं करते और ना ही वे भाजपा की करते हैं।
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जबकि पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से जेडीएस की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाए जाने के बाद राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया था। पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस नेता एचडी देवगौड़ा खुद भी प्रधानमंत्री मोदी की लगातार तारीफ किए जा रहे थे।
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वहीं दूसरी तरफ कयास ये लगाया जा रहा था कि जेडीएस कांग्रेस पार्टी के साथ है और दोनों ही पार्टियों में गुप्त गठबंधन है। लेकिन सिद्धारमैया ने पिछले दिनों यह कह कर कि कांग्रेस राज्य में आसानी से चुनाव जीत रही है नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जेडीएस या अन्य किसी दल से मदद की जरूरत नहीं है। सिद्धारमैया ने कहा कि मोदी का देवगौड़ा की तारीफ करना एक राजनीतिक बयान है और यह साफ दिखाता है कि भाजपा और जेडीएस के बीच मूक सहमति है। भाजपा नेता जेडीएस की आलोचना नहीं करते और ना ही वे भाजपा की करते हैं।
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कांग्रेस के नेता हों या भाजपा के दोनों ही "जेडीएस" के इर्द -गिर्द ही घूम रहे हैं
Rahul-Gandhi
मजेदार बात यह है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हों या फिर भाजपा के दोनों ही "जेडीएस" के इर्द -गिर्द ही घूम रहे हैं। कभी पीएम खुद कांग्रेस और जेडीएस की सांठ-गांठ की बात करते हैं तो कभी सिद्धारमैया बीजेपी और जेडीएस की साठ-गांठ बताते हैं। अब बड़ा सवाल ये है कि क्यों जेडीएस दोनों पार्टियों के लिए तुरुप का इक्का बनी हुई है। और वो खुद किसके साथ है।
इन सब सांठ गांठ के आरोपों के बीच जनता दल (सेक्यूलर) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी ने खुद को ‘किंगमेकर’ नहीं बल्कि राज्य का किंग कहा है। इस चुनाव को उन्होंने अपनी पार्टी के जीवित रहने की लड़ाई करार दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने जद(एस) के अकेले सरकार में आने का भरोसा जताया। उन्होंने जनता से कहा कि वह कांग्रेस और भाजपा दोनों का काम देखने के बाद उनकी पार्टी को भी एक मौका देगी।
कर्नाटक में 12 मई को 225 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए खुद को जद (एस) का किंगमेकर बताया है। कुमारस्वामी ने 113 सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा है।
इन सब सांठ गांठ के आरोपों के बीच जनता दल (सेक्यूलर) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी ने खुद को ‘किंगमेकर’ नहीं बल्कि राज्य का किंग कहा है। इस चुनाव को उन्होंने अपनी पार्टी के जीवित रहने की लड़ाई करार दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने जद(एस) के अकेले सरकार में आने का भरोसा जताया। उन्होंने जनता से कहा कि वह कांग्रेस और भाजपा दोनों का काम देखने के बाद उनकी पार्टी को भी एक मौका देगी।
कर्नाटक में 12 मई को 225 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए खुद को जद (एस) का किंगमेकर बताया है। कुमारस्वामी ने 113 सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा है।