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ऐतिहासिक करार: असम में हुआ कार्बी आंगलोंग समझौता, अमित शाह की मौजूदगी में 1000 कैडर्स ने डाले हथियार
Sat, 04 Sep 2021 05:19 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 04 Sep 2021 05:19 PM IST
सार
समझौते के बाद अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार दशकों पुराने संकट को हल करने और असम की क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह दिन निश्चित रूप से असम और कार्बी क्षेत्र के इतिहास में स्वर्णमयी अक्षरों के साथ लिखा जाएगा।
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कार्बी आंगलोंग समझौता
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में शनिवार को कार्बी आंगलोंग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते के बाद अमित शाह ने कहा कि ऐतिहासिक कार्बी आंगलोंग समझौता हुआ है। मोदी सरकार दशकों पुराने संकट को हल करने और असम की क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह दिन निश्चित रूप से असम और कार्बी क्षेत्र के इतिहास में स्वर्णमयी अक्षरों के साथ लिखा जाएगा। आज 5 से अधिक संगठनों के लगभग 1000 कैडर ने हथियार डालकर मुख्यधारा में आने की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि कार्बी आंगलोंग के संबंध में असम सरकार पांच साल में एक क्षेत्र के विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। नरेंद्र मोदी सरकार की नीति है कि जो समझौता हम करते हैं, उसकी सभी शर्तों का पालन हम अपने ही समय में पूरा करते हैं।
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दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में कार्बी आंगलोंग समझौते पर हस्ताक्षर हुए। pic.twitter.com/F97CWjQyrK
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 4, 2021विज्ञापन
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समझौते से इलाके में शांति आएगी : सरमा
मामले में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम में दो आदिवासी समूह बोडो और कार्बी असम से अलग होना चाहते थे। 2009 में बोडो समझौता हुआ और इसने असम की क्षेत्रीय अखंडता को बसाते हुए विकास का नया रास्ता खोला। आज कार्बी समझौता हुआ। इससे कार्बी आंगलोंग इलाके में शांति आएगी।
सोनोवाल ने पीएम मोदी का धन्यवाद दिया
इस दौरान असम के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि ऐतिहासिक कार्बी आंगलोंग समझौते पर हस्ताक्षर पर मैं केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं, जो दशकों पुराने संकट को हल करने, असम की क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मैं असम के मुख्यमंत्री को भी धन्यवाद देना चाहता हूं। आज के इस समझौते में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साहसिक गृह मंत्री अमित शाह के प्रयासों का भी योगदान है।
उन्होंने कहा कि मेरा मुंबई में तीन दिनों का कार्यक्रम था, लेकिन मुझे पता चला कि यहां एक महत्वपूर्म काम होने वाला है। इसलिए मैंने समझौते को लेकर यहां रहने के लिए वहां का अपना दौरा रद्द कर दिया।
उन्होंने कहा कि मेरा मुंबई में तीन दिनों का कार्यक्रम था, लेकिन मुझे पता चला कि यहां एक महत्वपूर्म काम होने वाला है। इसलिए मैंने समझौते को लेकर यहां रहने के लिए वहां का अपना दौरा रद्द कर दिया।
कार्बी असम का एक प्रमुख जातीय समूह
कार्बी असम का एक प्रमुख जातीय समूह है, जो कई गुटों से घिरा हुआ है। कार्बी समूह का इतिहास 1980 के दशक की शुरुआत से हत्याओं, जातीय हिंसा, अपहरण और कराधान से जुड़ा रहा है। असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने समझौते के बाद कहा कि नए समझौते के तहत, पहाड़ी जनजाति के लोग भारतीय संविधान की अनुसूची 6 के तहत आरक्षण के हकदार होंगे।
फरवरी में हजार उग्रवादियों ने डाले थे हथियार
इस साल फरवरी में भी पांच संगठनों से जुड़े 1,040 कार्बी उग्रवादियों ने मुख्यधारा में लौटने के लिए असम के तत्कालीन मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के सामने हथियार डाले थे। उग्रवादी पीपुल्स डेमोक्रेटिक काउंसिल ऑफ कार्बी लोंगरी (पीडीसीके), कार्बी लोंगरी एनसी हिल्स लिबरेशन फ्रंट (केएलएनएलएफ), कार्बी पीपुल्स लिबरेशन टाइगर (केपीएलटी), कुकी लिबरेशन फ्रंट (केएलएफ) और यूनाइटेड पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (यूपीएलए) से संबंधित थें।
90 से 95 फीसदी हमारी मांगे मानी गईं : तेरांग
समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद कार्बी लोंगरी एनसी हिल्स लिबरेशन फ्रंट के प्रदीप तेरांग ने बताया कि कार्बी अंगलोंग के विकास के जुड़ी 90 से 95 फीसदी
हमारी मांगे इस समझौते के साथ पूरी हो जाएंगी। हमें उम्मीद है कि यह समझौता हमें विकास की ओर ले जाएगा और शांति लाएगा।
हमारी मांगे इस समझौते के साथ पूरी हो जाएंगी। हमें उम्मीद है कि यह समझौता हमें विकास की ओर ले जाएगा और शांति लाएगा।