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तीसरी लहर: कानपुर आईआईटी के वैज्ञानिक का दावा- फरवरी में आएगा पीक, रोज 8 लाख मरीज मिलेंगे, अमेरिकी विशेषज्ञ बोले- दुनियाभर में 'ओमिक्रॉन वेव'

Sat, 08 Jan 2022 02:03 PM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर/वॉशिंगटन
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर/वॉशिंगटन Published by: योगेश साहू Updated Sat, 08 Jan 2022 02:03 PM IST
सार

उधर, अमेरिकी विशेषज्ञ क्रिस्टोफर मरे का कहना है कि भारत समेत दुनिया भर के देशों में 'ओमिक्रॉन वेव' आने वाली है। फरवरी में संभावित पीक के दौरान मरीजों के सारे रिकॉर्ड टूट सकते हैं। 

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Kanpur IIT scientist claims third wave Will Be At Its peak in February, 8 lakh patients are possible daily, See Coronavirus Update
Coronavirus Mask - फोटो : iStock

विस्तार

देश में कोरोना की तीसरी लहर के दौरान रोज 4 से 8 लाख तक केस आ सकते हैं। गणितीय मॉडल के आधार पर कानपुर आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने दावा किया है कि इस दौरान मुंबई में रोज 30 से 60 हजार और दिल्ली में पीक के दौरान 35 से 70 हजार तक केस आएंगे। आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने यह दावा किया है। 

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डॉ. अग्रवाल ने अध्ययन के आधार पर कहा, केस बढ़ने पर स्थानीय स्तर पर अस्पतालों में बेड की कमी भी हो सकती है। पीक के समय देश में संक्रमित होने वालों की तुलना में डेढ़ लाख बेड की जरूरत पड़ सकती है।  इससे पहले प्रो. अग्रवाल ने एक ट्वीट में कहा था कि पीक के दौरान रोज देश में दो लाख तक केस आएंगे। 
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इस पर उन्होंने कहा कि पहले दक्षिण अफ्रीका में आ रहे केस के आधार पर भारत में संक्रमण फैलने की रफ्तार का आकलन किया, पर अब जब देश में संक्रमण फैलने की शुरुआत हुई तो मॉडल में आंकड़े बदल गए हैं। अब सामने यह आया है कि देश में संक्रमण फैलने की रफ्तार दक्षिण अफ्रीका के मुकाबले कई गुना अधिक होगी। प्रो. अग्रवाल ने कहा कि अब सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।
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दिल्ली-मुंबई में इसी माह पीक संभव
प्रो. अग्रवाल के मुताबिक दिल्ली और मुंबई में पीक जनवरी के तीसरे सप्ताह में आ सकता है। इस दौरान मुंबई से अधिक केस दिल्ली में मिलेंगे। मुंबई में केसों की तुलना में 10 हजार बेड, दिल्ली में केसों की तुलना में 12 हजार बेड की जरूरत पड़ सकती है।
 
मरीजों के सारे रिकॉर्ड टूट सकते हैं : मरे
अमेरिका के 'इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन' (आईएचएमई) के निदेशक और वॉशिंगटन विश्वविद्यालय में हेल्थ मेट्रिक्स साइंसेज के अध्यक्ष क्रिस्टोफर मरे का कहना है कि भारत समेत दुनिया भर के देशों में 'ओमिक्रॉन वेव' आने वाली है। उनका अनुमान है कि इस बार डेल्टा लहर की तुलना में प्रति दिन अधिक मामले होंगे, लेकिन ओमिक्रॉन का असर बहुत कम गंभीर होगा। हां, मरीजों के सारे रिकॉर्ड टूट सकते हैं। क्रिस्टोफर मरे के अनुसार वर्तमान में उनके पास एक मॉडल हैं जिन्हें वह बाद में जारी करेंगे, उनके अनुसार पीक के दौरान लगभग 5 लाख मामले सामने आने की उम्मीद है। पीक अगले महीने आ सकता है। टीकाकरण गंभीर बीमारी की वजह से अस्पताल में भर्ती होने वालों और मृत्यु से काफी सुरक्षा प्रदान करेगा। इस कारण भारत में ओमिक्रॉन के मरीज होंगे, लेकिन डेल्टा लहर की तुलना में बहुत कम मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ेगा। मरे के अनुसार 85.2 फीसदी मरीजों में कोई लक्षण नहीं होगा। ओमिक्रॉन 90 से 95 प्रतिशत कम गंभीर है, लेकिन वृद्ध व्यक्ति इससे ज्यादा बीमार हो सकते हैं।

देश में पांच दिन में 22 फीसदी किशोरों को मिला सुरक्षा कवच : मांडविया
देश में शुक्रवार को टीकाकरण का आंकड़ा 150 करोड़ के पार पहुंच गया। 15 से 18 वर्ष के किशोरों के लिए 3 जनवरी से शुरू हुए टीकाकरण अभियान में अब तक 22 फीसदी से ज्यादा किशोरों को पहली खुराक दी जा चुकी है। इसके साथ ही 91 फीसदी से ज्यादा लोगों को पहला टीका दिया जा चुका है। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि सभी मिलकर प्रयास करें तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

पिछले साल 21 अक्तूबर को भारत में 100 करोड़ टीकाकरण का आंकड़ा पार किया था। इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, जब सभी साथ मिलकर प्रयास करते हैं तब कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में 91 फीसदी वयस्कों को टीके का कम से कम एक डोज लग चुका है, जबकि 66 फीसदी लोगों को दोनों खुराक दी जा चुकी है। पिछले साल 16 जनवरी को हुई थी टीकाकरण की शुरुआत।

उत्तराखंड में 16 तक रैलियों पर रोक, स्कूल भी रहेंगे बंद
उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने कोविड प्रोटोकॉल के तहत कई पाबंदियां लागू कर दी हैं। प्रदेश में 16 जनवरी तक सभी राजनीतिक रैलियों व धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। अगले नौ दिनों तक सभी आंगनबाड़ी केंद्र और 12वीं तक स्कूल बंद रहेंगे।

महामारी का प्रकोप..

  • 3,52,26,386 कोरोना मरीज अबतक देशभर में मिल चुके हैं।
  • 3,43,71,845 मरीज देश में अबतक स्वस्थ हो चुके हैं।
  • 4,83,178 रोगी संक्रमण की चपेट में आ जान गवां चुके हैं।
  • 15,13,377 सैंपल की जांच हुई है बीते 24 घंटे में।
  • 68,68,19,128 से अधिक सैंपल की जांच अबतक हुई है।


स्वरा भास्कर, विशाल डडलानी संक्रमित
बॉलीवुड के संगीतकार विशाल डडलानी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। उन्हें संक्रमण के हल्के लक्षण हैं और आइसोलेशन में हैं। अभिनेत्री स्वरा भास्कर भी संक्रमण की चपेट में आ गई हैं। स्वरा ने बताया कि वे होम क्वारंटीन हैं। परिवार के अन्य सदस्यों में भी संक्रमण के लक्षण हैं। फिलहाल सभी लोग आइसोलेशन में हैं। अभिनेता कुब्रा सैत ने भी कोरोना की चपेट में आने की पुष्टि की है।

वैक्सीन के बाद डॉक्टर के कहने पर ही लें पैरासिटामोल : विशेषज्ञ
विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोनारोधी वैक्सीन लेने वाले बच्चों को पैरासिटामोल डॉक्टरों की सलाह पर ही लेनी चाहिए। यह सलाह ऐसी सूचनाएं सामने आने के बाद दी गई है, जिनमें कहा गया है कि कुछ केंद्र वैक्सीन लेने के बाद बच्चों को पैरासिटामोल 500 की तीन गोलियां लेने की सलाह दे रहे हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, हमें नहीं पता कि वैक्सीन प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को कैसे बदल देती है। इसके बाद हल्का बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सुस्ती, सिरदर्द, इंजेक्शन लगने वाले स्थान पर सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वैक्सीन लेने के बाद ये लक्षण अमूमन दो दिन तक रहते हैं। इनके लिए किसी दवा की जरूरत नहीं है। ये खुद ठीक हो जाते हैं।

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