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कन्हैया कुमार ने बिहार सरकार के शराबबंदी कानून पर खड़ा किया सवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, पटना।
Updated Sat, 30 Apr 2016 11:16 PM IST
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कन्हैया पर हमला
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने बिहार सरकार के शराबबंदी कानून पर सवाल खड़ा किया है। कन्हैया ने कहा कि बिहार के परिपेक्ष्य में सही फैसला है, पर राष्ट्रीय स्तर पर शराब बन्दी नहीं होना चाहिये, क्यों कि ऐसा करने से स्वतंत्रता पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी करने से पहले सरकार को इसका व्यापक तौर पर मूल्यांकन कराना चाहिए था।
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अपने तीन दिवसीय प्रवास पर बिहार आये कन्हैया कुमार शनिवार को पटना में पत्रकारों से बात कर रहे थे। नीतीश को नसीहत देते हुए कहा कि देश को संघ मुक्त बनाने के लिए जुमलेबाजी को छोड़कर काम करके दिखाना चाहिये। उन्हेंने कहा कि महिलाओं को बराबर का अधिकार मिलना चाहिये, लेकिन बिहार के विश्वविद्यालयों में छात्र संघ का चुनाव होना चाहिये। कन्हैया ने कहा कि जेएनयू के मुद्दे पर समर्थन देने वाले राजनैतिक पार्टियों के नेता से मिलकर नेताओं को धन्यवाद करेंगे। देर शाम वो राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद से मिलने पहुंचे और बंद कमरे में दोनों की लगभग एक घंटे तक मुलाकत हुई।
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इससे पूर्व पत्रकार सम्मेलन के दौरान कन्हैया ने भाजपा पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज भारत में भारतमाता के हाथों से तिरंगा झंडा हटाकर भगवा झंडा थमाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि वो राजनीति करने से ज्यादा देश के लोगों पर थोपे जा रहे खास विचारधारा को दूर करने के लिए प्रयासरत और संघर्षरत हैं। कन्हैया ने कहा कि हमारी लड़ाई विचारधारा की लड़ाई है, जिसमें निजी स्वार्थ से ज्यादा देशहित की अहमियत है। उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र है और लोकतंत्र में कोई किसी पर अपनी विचारधारा नहीं थोप सकता है। कन्हैया ने कहा कि तकनीक ने
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जीवन को सुलभ बनाया है पर इसका दुरुपयोग हो रहा है। चुनाव जिन मुद्दों पर लड़े जाते है उसे भूला दिया जाता है। खास तरह के विचार लोगों पर थोपे जा रहे हैं।
कन्हैया ने कहा कि अब देश में विकल्प की राजनीति शुरू हो चुकी है ऐसे में तमाम दलों को एकजुट हो कर इस विचारधारा की लड़ाई में एक दूसरे का साथ देना चाहिए। वैसे उन्हेंने कहा कि बिहार की तरह महागठबंधन राष्ट्रीय स्तर पर बनता नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि देश सिर्फ नैतिकता से नहीं चल सकता है। अफजल गुरू हमारे आदर्श नहीं हो सकते। कर्पूरी ठाकुर और रोहित वेमुला मेरे आदर्श हैं।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से विरोध इस लिए है कि रिसर्च स्कॉलर का स्टाइपेन बंद कर दिया गया। अलोकतांत्रिक हाई लेवल इनक्वाइरी कमिटी बनायी गयी है। देश में 17 फीसद बजट कम कर दिया गया। यूनियन बनाने के लिए संख्या तीन सौ कर दी गयी है। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में लोग पानी के बिना मर रहे हैं। किसी भी विश्वविद्यालय में छात्र संघ का चुनाव नहीं होता है। इससे पहले शनिवार की सुबह पटना पहुंचते ही कन्हैया को सरकार की तरफ से किसी वीवीआईपी की तर्ज पर सुरक्षा मुहैया करायी गयी। कन्हैया की सुरक्षा में डीएसपी रैंक के दो अधिकारियों की तैनाती की गयी है साथ ही करीब 100 की संख्या में पुलिस बल के जवानों को भी लगाया गया है। कन्हैया के काफिले में पुलिस की गाडय़िों के अलावा एम्बुलेंस से लेकर वज्र वाहन तक की तैनाती की गयी है। कन्हैया अगले दो दिनों तक बिहार में रहेंगे, जहां वो कई कार्यक्त्रस्मों में भाग लेंगे।