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सबरीमाला मंदिर में प्रवेश कर इतिहास बनाने वाली कनकदुर्गा पर सास ने किया हमला, केस दर्ज
Tue, 15 Jan 2019 11:52 AM IST
Shani Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Published by: Shani Mishra
Updated Tue, 15 Jan 2019 11:52 AM IST
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कनकदुर्गा (बाएं)- बिंदु (दाहिने)
- फोटो : social media
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सबरीमाला मंदिर में प्रवेश कर इतिहास बनाने महिला कनक दुर्गा अपने रिश्तेदारों के गुस्से का शिकार हो गई है। मंदिर में प्रवेश के बाद सोमवार को जब कनक दुर्गा अपने घर वापस लौटी तो उसके इस कदम से नाराज सास ने उसपर हमला कर दिया। उन्हें मल्लपुरम जिले के पेरिन्थालमन्ना में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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कनकदुर्गा ने पेरिन्थालमन्ना पुलिस से अपने सास के खिलाफ मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत की है। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
Kerala: Kanaka Durga, who had entered Sabarimala temple earlier this month, has complained to Perinthalmanna police alleging that she has been thrashed by her mother-in-law. Case has been registered.
— ANI (@ANI) January 15, 2019
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इससे पहले कनक दुर्गा के पति ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। परिवार ने कनकदुर्गा को अपनाने से इंकार कर दिया था। बता दें कि पेशे से सरकारी कर्मचारी कनकदुर्गा दो जनवरी को अविवाहित मने जाने वाले भगवान अयप्पा के पेशे से लेक्चरर बिंदु के साथ प्रवेश किया था। मंदिर ने प्रवेश करने के बाद से ही दोनों को दोनों को धमकियां मिल रही थीं। प्रदेशभर में हिंसा का दौर शुरू हो गया था।
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गौरतलब है कि दोनों महिलाएं 24 दिसंबर को भी सबरीमला गई थीं। मगर चेन्नई के एक संगठन ने 11 महिलाओं को मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया था और अयप्पा मंत्रोच्चारण कर रहे श्रद्धालुओं ने उन्हें वहां से लौटा दिया था। जिसके बाद दो जनवरी को दोनों महिलाएं एम्बुलेंस में मंदिर तक पहुंची। दोनों महिलाओं के दर्शन के लिए पुलिस ने पहले से इंतजाम किये हुए थे। पुलिस ने दोनों के दर्शन का वीडियो भी जारी किया था।
बिंदु ने कहा कि मैंने हमेशा से कहा है कि मुझे पुलिस प्रशासन, सरकार और लोकतांत्रिक समाज में विशवास है।
बता दें कि पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की पाबंदी हटा दी थी। हालांकि, भगवान अयप्पा स्वामी के भक्तों के विरोध के कारण एक भी महिला मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकी थी।