फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Kamal Nath had taken a different path after the MP elections! Is Nakul Nath pressure to join BJP?

Kamal Nath: MP चुनाव के बाद से ही कमलनाथ ने पकड़ ली थी अलग राह! क्या नकुलनाथ का है BJP में शामिल होने का दबाव?

Sat, 17 Feb 2024 04:02 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Sat, 17 Feb 2024 04:02 PM IST
विज्ञापन
सार
दिग्विजय सिंह ने कहा, उनकी कल रात कमलनाथ से बात हुई थी। वे छिंदवाड़ा में हैं और जिस व्यक्ति ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत नेहरू-गांधी परिवार के साथ की हो, उस आदमी से आप उम्मीद कर सकते हैं कि वो कांग्रेस को छोड़कर जाएगा? दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ नेहरू-गांधी के परिवार के साथ उस समय खड़े थे जब पूरी तत्कालीन जनता पार्टी इंदिरा गांधी को जेल भेज रही थी...
loader
Kamal Nath had taken a different path after the MP elections! Is Nakul Nath pressure to join BJP?
Kamal Nath - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की खबर एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। शनिवार को कमलनाथ अचानक अपना छिंदवाड़ा दौरा रद्द कर दिल्ली रवाना हो गए। इस दौरान उनके साथ छिंदवाड़ा सांसद और उनके बेटे नकुलनाथ भी थे। कमलनाथ के इस दौरे को लेकर मध्यप्रदेश का सियासी पारा चरम पर है। शनिवार से ही दिल्ली में भाजपा का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन शुरू हो रहा हैं। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो चली हैं।

इस बीच कमलनाथ के सांसद बेटे नकुलनाथ ने सोशल मीडिया अकाउंट जैसे एक्स, फेसबुक आदि से कांग्रेस का नाम भी हटा दिया है। नकुलनाथ के सोशल अकाउंट पर सांसद छिंदवाड़ा ही लिखा हुआ दिख रहा है। इन सभी के बाद से अटकलें लगाई जा रही हैं कि कमलनाथ किसी भी वक्त भाजपा में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में चल रहे भाजपा अधिवेशन के बाद उन्हें भाजपा में शामिल कराया जा सकता है। कमलनाथ-नकुलनाथ 19 फरवरी को भाजपा का दामन थाम सकते हैं। इसी दिन कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी यूपी के अमेठी के दौरे पर होंगे।



कमलनाथ पांच दशक पुराने कांग्रेसी नेता हैं। कांग्रेस पार्टी को छोड़कर कई कद्दावर नेताओं ने भाजपा का दामन थामा है, लेकिन कमलनाथ उन कांग्रेसी नेताओं में से हैं, जो हमेशा ही गांधी परिवार के सबसे वफादार नेताओं में रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के तीसरे पुत्र कमलनाथ को तीसरा पुत्र बताया करती थीं। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी और कांग्रेस नेता स्व. संजय गांधी के बेहद करीबी रहे कमलनाथ यदि भाजपा में शामिल हो जाते हैं, तो ऐसे में ये कांग्रेस के लिए बड़ा झटका कहलाएगा।

कमलनाथ से हुई है मेरी बातः दिग्विजय सिंह

इस बीच मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ के भाजपा में जाने के सवाल पर दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मीडिया पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आप लोग जब तक सनसनीखेज खबरें नहीं देंगे, कौन देखेगा। दिग्विजय सिंह ने कहा, उनकी कल रात कमलनाथ से बात हुई थी। वे छिंदवाड़ा में हैं और जिस व्यक्ति ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत नेहरू-गांधी परिवार के साथ की हो, उस आदमी से आप उम्मीद कर सकते हैं कि वो कांग्रेस को छोड़कर जाएगा? दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ नेहरू-गांधी के परिवार के साथ उस समय खड़े थे, जब पूरी तत्कालीन जनता पार्टी और केंद्र की सरकार इंदिरा गांधी को जेल भेज रही थी। दरअसल, कमलनाथ के भाजपा में जाने की अटकलों को तब बल मिला, जब उन्होंने छिंदवाड़ा में अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए। शनिवार को दिल्ली पहुंच रहे हैं। छिंदवाड़ा में कमलनाथ का 14 फरवरी से 18 फरवरी तक का कार्यक्रम था। लेकिन कार्यक्रम को छोड़कर अचानक दिल्ली जाने के फैसले ने सियासी माहौल को गरमा दिया है।

इन कारणों से हुआ कांग्रेस से मोहभंग

वरिष्ठ पत्रकार ऋषि पांडेय अमर उजाला से चर्चा में कहते हैं कि कमलनाथ या नकुलनाथ का कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होना कांग्रेस के लिए बहुत बड़ा झटका होगा। क्योंकि अब तक कमलनाथ और कांग्रेस मध्यप्रदेश में एक दूसरे का पर्याय थे। विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद कमलनाथ की पार्टी में पूछ खत्म हो गई थी। बावजूद इसके वे प्रदेश अध्यक्ष पद की कुर्सी पर बने रहना चाहते थे। जब वे विदेश में थे, तब उनसे सलाह लिए बगैर ही पार्टी आलाकमान ने जीतू पटवारी को अध्यक्ष बना दिया। इससे भी वे नाराज चल रहे थे। चुनाव में मिली हार के बाद प्रदेश के सियासी गलियारों में राहुल गांधी के साथ कमलनाथ का तालमेल नहीं बैठना भी सुर्खियों में था। इसी बीच कमलनाथ ने राज्यसभा सीट के लिए सोनिया गांधी से भी मुलाकात की थी, लेकिन पार्टी ने अशोक सिंह को वहां से अपना उम्मीदवार बना दिया। इसके बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि कमलनाथ और कांग्रेस आलाकमान के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है। 2020 में प्रदेश की कांग्रेस की सरकार गिरने के बाद कमलनाथ कई मुद्दों पर भाजपा और ज्योतिरादित्य सिंधिया की आलोचना करते थे। अब वही कमलनाथ सिंधिया के रास्ते पर चल रहे हैं। जिस पार्टी और जिस व्यक्ति के खिलाफ कमलनाथ ने पूरा चुनाव लड़ा, अपना तन-मन और धन लगाया। अब कमलनाथ खुद वहां जा रहे हैं।

सिंधिया के साथ संबंध हुए थे खराब, तो गंवा दी थी सीएम की कुर्सी

कमलनाथ 2018 में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। उस समय सिंधिया और कमलनाथ दोनों ही कांग्रेस में थे और दोनों ने मिलकर बड़े पैमाने पर चुनावी अभियान चलाया और भाजपा को सत्ता से बेदखल कर दिया था। लेकिन मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर दोनों के बीच खटास पैदा हो गई थी, क्योंकि राहुल गांधी ने कमलनाथ को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बना दिया था, लेकिन इसके बाद भी सिंधिया गुट के विधायकों को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था, लेकिन सरकार चलाने के तौर-तरीकों को लेकर कमलनाथ और सिंधिया के बीच मन मुटाव हुआ और सिंधिया कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए और उन्होंने अपने समर्थक विधायकों की मदद से कमलनाथ की सरकार गिरा दी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed